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Jalandhar News: नूरमहल में शरद पूर्णिमा महोत्सव, हजारों ने पाया स्वास्थ्य लाभ
Tue, 27 Oct 2026 05:49 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Tue, 27 Oct 2026 05:49 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने 25 अक्तूबर को नूरमहल परिसर में शरद पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया। आयुर्वेद और अध्यात्म के संगम पर केंद्रित इस महोत्सव में हजारों लोगों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य प्राचीन भारतीय आयुर्वेद के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग करना था।
इस अवसर पर आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार विशेष खीर का वितरण किया गया। सालोक्या भारती ने लोगों को आयुर्वेद के बारे में जानकारी दी। अपने व्याख्यान में उन्होंने शरद पूर्णिमा के पारंपरिक महत्व और इससे जुड़ी मान्यताओं का भी उल्लेख किया। शरद पूर्णिमा की पारंपरिक मान्यताओं के अनुरूप चांदनी में खीर रखने और उसका सेवन करने की परंपरा का निर्वाह किया गया। श्वास संबंधी समस्याओं, दमा, पुरानी खांसी और नजला जैसी शिकायतों वाले लोगों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई खीर भी वितरित की गई। महोत्सव में एक निशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने लोगों को परामर्श दिया। महोत्सव के दौरान भजन, कीर्तन और सत्संग भी हुआ।
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जालंधर। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने 25 अक्तूबर को नूरमहल परिसर में शरद पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया। आयुर्वेद और अध्यात्म के संगम पर केंद्रित इस महोत्सव में हजारों लोगों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य प्राचीन भारतीय आयुर्वेद के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग करना था।
इस अवसर पर आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार विशेष खीर का वितरण किया गया। सालोक्या भारती ने लोगों को आयुर्वेद के बारे में जानकारी दी। अपने व्याख्यान में उन्होंने शरद पूर्णिमा के पारंपरिक महत्व और इससे जुड़ी मान्यताओं का भी उल्लेख किया। शरद पूर्णिमा की पारंपरिक मान्यताओं के अनुरूप चांदनी में खीर रखने और उसका सेवन करने की परंपरा का निर्वाह किया गया। श्वास संबंधी समस्याओं, दमा, पुरानी खांसी और नजला जैसी शिकायतों वाले लोगों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई खीर भी वितरित की गई। महोत्सव में एक निशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने लोगों को परामर्श दिया। महोत्सव के दौरान भजन, कीर्तन और सत्संग भी हुआ।
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