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बच्चों को खाली पेट न खिलाएं एल्बेंडाजोल की गोली : डा. धालीवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर/फाजिल्का
Updated Thu, 28 Apr 2016 05:39 PM IST
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फिरोजपुर के आंगनबाडी सेंटर खुईखेड़ा में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां देते सेहत विभाग के अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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सीनियर मेडिकल अफसर डा. हंसराज मलेठिया की देखरेख में वीरवार को ब्लॉक खुईखेड़ा के अंतर्गत आते सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों व आंगनबाड़ी सेंटरों में डी-वार्मिंग डे मनाया गया।
डा. धालीवाल ने बच्चों को एल्बेंडाजोल टैबलेट के बारे में बताया कि यह गोली किसी भी बच्चे ने खाली पेट नहीं खानी होती। सुबह का नाश्ता करने के बाद ही प्रत्येक बच्चे ने एक-एक गोली अपने स्कूल अध्यापक या किसी स्वास्थ्य कर्मचारी की उपस्थिति में ही खानी होती है।
इसके अलावा अगर किसी बच्चे को बुखार हो या किसी प्रकार की कोई परेशानी हो तो उसे उक्त गोली नहीं देनी होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गोली खिलाने के बाद लगभग एक घंटे तक उसको अपनी निगरानी में रखना होता है और अगर बच्चे को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत होती है तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर को दिखाएं।
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बीईई सुशील कुमार बेगांवाली ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से साल में दो बार डी-वार्मिंग डे मनाया जाता है। इसी के तहत 28 अप्रैल को ब्लॉक सीएचसी खुईखेड़ा के अंतर्गत आते 57 गांवों के 118 सरकारी व प्राइवेट स्कूलों व 181 आंगनबाड़ी सेंटरों में डी-वार्मिंग डे मनाया गया।
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डा. धालीवाल ने बच्चों को एल्बेंडाजोल टैबलेट के बारे में बताया कि यह गोली किसी भी बच्चे ने खाली पेट नहीं खानी होती। सुबह का नाश्ता करने के बाद ही प्रत्येक बच्चे ने एक-एक गोली अपने स्कूल अध्यापक या किसी स्वास्थ्य कर्मचारी की उपस्थिति में ही खानी होती है।
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इसके अलावा अगर किसी बच्चे को बुखार हो या किसी प्रकार की कोई परेशानी हो तो उसे उक्त गोली नहीं देनी होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गोली खिलाने के बाद लगभग एक घंटे तक उसको अपनी निगरानी में रखना होता है और अगर बच्चे को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत होती है तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर को दिखाएं।
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बीईई सुशील कुमार बेगांवाली ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से साल में दो बार डी-वार्मिंग डे मनाया जाता है। इसी के तहत 28 अप्रैल को ब्लॉक सीएचसी खुईखेड़ा के अंतर्गत आते 57 गांवों के 118 सरकारी व प्राइवेट स्कूलों व 181 आंगनबाड़ी सेंटरों में डी-वार्मिंग डे मनाया गया।