Jalandhar: लतीफपुरा के लोगों ने हाईवे-रेल ट्रैक रोका, छह ट्रेनें हुईं रद्द, पांच किमी तक लगी वाहनों की कतार
लतीफपुरा के लोगों ने कहा कि सरकार उनके घर वहीं बना कर दे, जहां गिराए हैं। इस दौरान जिस डीएसपी ने लोगों को गालियां निकाली थी, उस पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। लतीफपुरा के बुजुर्गों ने दावा किया था कि जहां पर वह रह रहे हैं, वह जमीन उनके नाम पर है।
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इससे पहले लतीफपुरा वासियों और किसानों ने सरकार को उनकी मांगें पूरी करने के लिए 15 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया था जब शाम तक कोई घोषणा नहीं हुई और अधिकारियों ने लोगों को भरोसे में नहीं लिया तो सोमवार सुबह 11 बजे लोग धन्नोवाली फाटक पर धरने पर बैठ गए और रेलवे ट्रैक को बाधित किया।
लतीफपुरा के लोगों ने कहा कि सरकार उनके घर वहीं बना कर दे जहां उन्होंने गिराए हैं। इस कार्रवाई में जिस डीएसपी ने लोगों को गालियां निकाली थी उस पर भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। लतीफपुरा के बुजुर्गों ने दावा किया था जहां पर वह रह रहे हैं, वह जमीन उनके नाम पर है। चाहे तो वह महकमे में जाकर उनके रिकॉर्ड चेक कर सकते हैं। राजस्व रिकॉर्ड में कब्जा उनके नाम पर दर्ज है। प्रशासन उनकी जमीन को छोड़कर शेष कर अपना कब्जा कर ले, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वह लतीफपुरा में किसी के साथ नाजायज नहीं होने देंगे। किसी का घर नहीं उजड़ने देंगे। उनके बुजुर्ग साल 1951-52 में आकर यहां पर बसे थे। अब उनके खानदान की चौथी पीढ़ी चल रही है। 1977-78 में उनके नाम से टैक्स दिया गया है। जिसकी रसीदें तक उनके पास हैं।
रेलवे के मुताबिक डायवर्ट हुई ट्रेनों में 12029 अमृतसर स्वर्ण जयंती शताब्दी एक्सप्रेस, 15707 आंध्र प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, 11058 मुंबई सीएसटी एक्सप्रेस और 12919 मालवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस शामिल है जिन्हें वाया फिल्लौर नकोदर रूट से गंतव्य के लिए भेजा गया। जबकि जालंधर नकोदर के बीच चलने वाली चार लोकल ट्रेन है और फिल्लौर-लोहिया खास-जालंधर लिंक दो ट्रेनों को रद्द कर दिया गया।
ट्रैक जाम होने के बाद रेलवे स्टेशनों पर रुकी रहीं ट्रेनें
जालंधर में लतीफपुरा निवासियों के समर्थन में उतरे किसान संगठन सोमवार सुबह धनोवाली फाटक के पास रेलवे ट्रैक जाम करके बैठ गए। ट्रैक जाम होते ही अप और डाउन रूट पर दौड़ रही ट्रेनों की रफ्तार थम गई। अमृतसर और जम्मू की तरफ से आने वाली ट्रेनों को ब्यास, जालंधर सिटी, कठुआ और पठानकोट के पास छोटे बड़े स्टेशनों पर रोका गया।
वहीं अंबाला कैंट की तरफ से आने वाली ट्रेनें काफी देर तक राजपुरा, सरहिंद, खन्ना, दोराहा, लुधियाना और फिल्लौर स्टेशन पर रुकी रहीं। इससे ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह से बिगड़ गया। ट्रैक क्लीयर न होने के कारण ज्यादातर ट्रेनें बीच रास्ते में रुकी रहीं। ट्रेनों के इंतजार में स्टेशनों पर बैठे यात्री बार-बार पूछताछ केंद्र में जाकर स्थिति की जानकारी लेते रहे, जिससे अंदर बैठा स्टाफ भी परेशान नजर आया।
हालांकि ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन होने के बाद स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला। लुधियाना से जालंधर की तरफ जाने वाली ट्रेनों को फिल्लौर, नकोदर, लोहियां खास और कपूरथला के रास्ते आगे रवाना किया गया। मगर सिंगल लाइन होने की वजह से अमृतसर और जम्मू की तरफ से आने वाली ट्रेनें कई घंटे तक पिछले स्टेशनों पर रुकी रहीं। दोपहर 2 बजे के बाद किसानों का धरना समाप्त होने पर रास्ते में रुकी ट्रेनों को गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
हिंदू सगंठन ने ढोल बजाकर किया प्रदर्शन
पिछले छह माह से शहर में बन रही अवैध बिल्डिंगों को लेकर निगम अधिकारियों को शिकायत कर रहे हैं लेकिन निगम प्रशासन ने अभी तक इन अवैध बिल्डिंगों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी कुंभकरणी नींद में सो रहे हैं, इनको जगाने के लिए आज हम सभी इकट्ठे होकर नगर निगम में ढोल-बाजे के साथ पहुंचे हैं। यह बात हिंदू सगंठन के पदाधिकारियों ने जालंधर के नगर निगम में प्रर्दशन दौरान किया।
इन हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि शहर में सभी काम रुके हैं लेकिन नगर निगम के कमिश्नर व अधिकारी कह रहे हैं कि वह स्मार्ट सिटी के तहत कार्यो में व्यस्त हैं। अखिल भारतीय शिवसेना के राष्ट्रीय प्रधान विनय कपूर ने निगम अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जुआखाना मार्किट में एक बिल्डिंग तैयार हो रही थी, जिसकी शिकायत उन्होंने तब की थी, जब उसकी बेसमेंट तैयार हो रही थी लेकिन अब बिल्डिंग की तीन मंजिलें बन चुकी हैं लेकिन नगर निगम के अधिकारियों की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया गया। विनय कपूर ने नगर निगम के एक अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी ने मेरी शिकायत देकर खबर लगवा दी व उसमें मेरा पता दिया था। इसके बाद नेताओं से फोन करवा उन्हें धमकाने की कोशिश भी की गई।