Punjab Budget 2022: इंडस्ट्री के हाथ खाली, नाराज उद्यमी बोले-100 करोड़ में एक फोकल प्वाइंट की भी मरम्मत नहीं होगी
उद्यमियों ने कहा कि चुनाव से पहले सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था सरकार व्यापारी चलाएंगे। सस्ती बिजली का वायदा किया था लेकिन इंडस्ट्री को बिजली सस्ती नहीं की गई।
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आम आदमी पार्टी की सरकार ने शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश किया है जिसमें इंडस्ट्री के हाथ खाली रह गए हैं। ऑक्सीजन की उम्मीद लगाकर बैठी इंडस्ट्री के ऊपर उलटा अफसरशाही हावी करने से उद्यमी निराश व हताश हैं। चुनावों से पहले उद्यमियों के साथ दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बैठक कर उनके साथ वायदे किए थे कि सरकार व्यापारी चलाएंगे, हम नहीं।
ये किसानों का हितैषी बजट है
खेल उद्योग संघ के रविंदर धीर का कहना है कि पंजाब सरकार का बजट व्यापारियों के खिलाफ किसानों के हितैषी रहा है। पंजाब की इंडस्ट्री तो सिसक रही है, स्पोर्टस इंडस्ट्री मेरठ शिफ्ट हो चुकी है। काफी उद्यमी हिमाचल व पहाड़ी राज्यों में चले गए हैं। चुनावों से पहले दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कहा था कि बजट पंजाब के व्यापारी बनाएंगे, सरकार व्यापारी चलाएंगे। यहां तो बजट किसानों को मुफ्त बिजली सब्सिडी रहेगी जारी रखने के लिए 6947 करोड़ रुपये , खेतीबाड़ी सेक्टर के लिए 11560 करोड़ रुपये दिए गए, इंडस्ट्री को मिला सिर्फ 100 करोड़ रुपये वह भी फोकल प्वाइंट की मरम्मत के लिए। इससे तो एक भी फोकल प्वाइंट की मरम्मत नहीं होगी।
अफसरशाही से मुक्त कराने का वादा क्या हुआ
हैंड टूल निर्यात एसोसिएशन के प्रधान गुरशरण सिंह का कहना है कि चुनावों से पहले वायदा किया गया था कि पंजाब के व्यपारियों को अफसरशाही से मुक्त करवाया जाएगा। लेकिन यहां तो उलटा टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट की स्थापना की जा रही है। टैक्स विभाग की पहले ही इंफोर्समेंट है, उसके ऊपर नया विंग तैयार कर दिया। व्यापारी किसान विरोधी नहीं है लेकिन बजट में सीधी बिजाई के लिए 450 करोड़ रुपये व पराली प्रबंधन के लिए 200 करोड़ रखा गया है, व्यपारियों के लिए 100 करोड़ रुपये वह भी पंजाब में फोकल प्वाइंट्स की रिपेयर के लिए। मोहाली से लेकर लुधियाना जालंधर में बड़े फोकल प्वाइंट्स हैं, इनकी मरम्मत 100 करोड़ में कैसे होगी ?
फोकल प्वाइंट एक्सटेंशन के प्रधान नरिंदर सग्गू का कहना है कि इंडस्ट्री को काफी उम्मीदें थी। क्योंकि चुनाव से पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की थी कि पहली कैबिनेट की मीटिंग में फोकल प्वाइंट्स की जो इंहासमेंट हैं, उसको माफ कर उद्यमियों को रियायत दी जाएगी। कैबिनेट की मीटिंग में नहीं हुआ, बजट में आशा थी कि कर दिया जाएगा लेकिन निराशा ही हाथ लगी। दूसरा, सस्ती बिजली का वायदा किया था लेकिन इंडस्ट्री को बिजली सस्ती नहीं की गई। जो पुरानी सरकार के वक्त था, वही अब चल रहा है। कुछ बदलाव नहीं आया है।