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जाट आंदोलन से पंजाब के ट्रांसपोर्ट कारोबार को करोड़ों का नुकसान
नरिंदर वैद्य/अमर उजाला, जालंधर
Updated Wed, 24 Feb 2016 03:44 PM IST
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जाट आंदोलन से जहां हरियाणा को लगभग 34 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं इसका असर पंजाब के ट्रांसपोर्ट कारोबार पर भी पड़ा है।
इस आंदोलन की वजह से पंजाब से दिल्ली और हरियाणा जाने वाला सारा सामान रुक गया है। इसके कारण इस कारोबार में खासी कमी आई है। एक अनुमान के मुताबिक पंजाब से रोजाना 60 करोड़ के माल की ढुलाई ट्रकों के जरिये होती है।
ट्रांसपोर्टर जगजीत सिंह कंबोज का कहना है कि इस आंदोलन के कारण रुके ट्रक कारोबार के कारण तकरीबन 60 करोड़ का कारोबार पंजाब में एक दिन में रुक गया था। पंजाब से लगभग 500 ट्रक पंजाब से दिल्ली और दिल्ली से पंजाब आते हैं। पंजाब से दिल्ली जाने के लिए ट्रक ऑपरेटर को 12 से 15 हजार रुपये किराया मिलता है।
इसमें से एक चक्कर में ऑपरेटर को करीब पांच हजार रुपये की बचत होती है। पंजाब से 500 ट्रक रुक जाने के कारण अकेले ट्रक ऑपरेटरों को ही एक दिन में करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आल ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान हैप्पी संधू का कहना है कि पंजाब से रोजाना दिल्ली जाने वाले सामान की बात की जाए तो लगभग 500 ट्रक पंजाब से दिल्ली सामान लेकर जाते और वापस सामान लेकर आते हैं।
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एक ट्रक में लगभग 20 टन सामान पंजाब से दिल्ली जाता है और एक ट्रक करीब 15 टन माल दिल्ली से पंजाब आता है। इसके चलते लगभग 7500 टन सामान रोजाना पंजाब से दिल्ली जाता है। इस आंदोलन के कारण यह सामान न तो पंजाब से दिल्ली जा सका है व न ही दिल्ली से सामान पंजाब आ सका है।
अभी तक दिल्ली से आने वाले ट्रक पंजाब व पंजाब से जाने वाले ट्रक दिल्ली में फंसे हुए है। इस आंदोलन के चलते करोड़ों रुपये के ट्रांसपोर्ट कारोबार का नुकसान कारोबारियों को उठाना पड़ा है। पहले से ही मंदी की मार झेल रहे ट्रांसपोर्ट के कारोबार की आंदोलन ने कमर तोड़ डाली है।
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इस आंदोलन की वजह से पंजाब से दिल्ली और हरियाणा जाने वाला सारा सामान रुक गया है। इसके कारण इस कारोबार में खासी कमी आई है। एक अनुमान के मुताबिक पंजाब से रोजाना 60 करोड़ के माल की ढुलाई ट्रकों के जरिये होती है।
ट्रांसपोर्टर जगजीत सिंह कंबोज का कहना है कि इस आंदोलन के कारण रुके ट्रक कारोबार के कारण तकरीबन 60 करोड़ का कारोबार पंजाब में एक दिन में रुक गया था। पंजाब से लगभग 500 ट्रक पंजाब से दिल्ली और दिल्ली से पंजाब आते हैं। पंजाब से दिल्ली जाने के लिए ट्रक ऑपरेटर को 12 से 15 हजार रुपये किराया मिलता है।
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इसमें से एक चक्कर में ऑपरेटर को करीब पांच हजार रुपये की बचत होती है। पंजाब से 500 ट्रक रुक जाने के कारण अकेले ट्रक ऑपरेटरों को ही एक दिन में करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आल ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान हैप्पी संधू का कहना है कि पंजाब से रोजाना दिल्ली जाने वाले सामान की बात की जाए तो लगभग 500 ट्रक पंजाब से दिल्ली सामान लेकर जाते और वापस सामान लेकर आते हैं।
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एक ट्रक में लगभग 20 टन सामान पंजाब से दिल्ली जाता है और एक ट्रक करीब 15 टन माल दिल्ली से पंजाब आता है। इसके चलते लगभग 7500 टन सामान रोजाना पंजाब से दिल्ली जाता है। इस आंदोलन के कारण यह सामान न तो पंजाब से दिल्ली जा सका है व न ही दिल्ली से सामान पंजाब आ सका है।
अभी तक दिल्ली से आने वाले ट्रक पंजाब व पंजाब से जाने वाले ट्रक दिल्ली में फंसे हुए है। इस आंदोलन के चलते करोड़ों रुपये के ट्रांसपोर्ट कारोबार का नुकसान कारोबारियों को उठाना पड़ा है। पहले से ही मंदी की मार झेल रहे ट्रांसपोर्ट के कारोबार की आंदोलन ने कमर तोड़ डाली है।