{"_id":"69fabff352ba3700eb0754bb","slug":"punjab-terror-network-resurfacing-challenge-intensifies-amidst-isi-khalistani-nexus-and-gangster-connections-2026-05-06","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंजाब में फिर सिर उठा रहा आतंकी नेटवर्क: ISI-खालिस्तानी गठजोड़ और गैंगस्टर कनेक्शन से बढ़ी चुनौती; ये है चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब में फिर सिर उठा रहा आतंकी नेटवर्क: ISI-खालिस्तानी गठजोड़ और गैंगस्टर कनेक्शन से बढ़ी चुनौती; ये है चिंता
Wed, 06 May 2026 09:51 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, जालंधर
अमर उजाला नेटवर्क, जालंधर
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 06 May 2026 09:51 AM IST
सार
पंजाब में आतंकी नेटवर्क फिर सिर उठा रहा है। आईएसआई-खालिस्तानी गठजोड़ और गैंगस्टर कनेक्शन से चुनौती बढ़ गई है। ड्रोन के जरिये हथियार तस्करी बड़ी चिंता बनी है। सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से कई साजिशें नाकाम हुई हैं।
विज्ञापन
जालंधर में बीएएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर ब्लास्ट
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब में एक बार फिर सुरक्षा हालात को लेकर गंभीर चिंता सामने आ रही है। पाकिस्तान समर्थित खुफिया एजेंसी, खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क और गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। हाल के घटनाक्रम और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से साफ है कि राज्य को अस्थिर करने की कोशिशें सुनियोजित तरीके से की जा रही हैं।
बीते महीनों में कई घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। अप्रैल 2026 में पटियाला-राजपुरा रेल ट्रैक पर कम तीव्रता का आईईडी विस्फोट हुआ जिसे बड़े हमले की साजिश के तौर पर देखा गया।
चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ जिससे राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल मच गई। जनवरी 2026 में गणतंत्र दिवस से पहले सिरहिंद रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किया गया जबकि नवंबर 2025 में मोगा के सीआईए कार्यालय पर ग्रेनेड फेंका गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते महीनों में कई घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। अप्रैल 2026 में पटियाला-राजपुरा रेल ट्रैक पर कम तीव्रता का आईईडी विस्फोट हुआ जिसे बड़े हमले की साजिश के तौर पर देखा गया।
विज्ञापन
चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ जिससे राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल मच गई। जनवरी 2026 में गणतंत्र दिवस से पहले सिरहिंद रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किया गया जबकि नवंबर 2025 में मोगा के सीआईए कार्यालय पर ग्रेनेड फेंका गया था।
विज्ञापन
मार्च 2025 में अमृतसर के खंदवाला इलाके में धार्मिक स्थल के बाहर विस्फोट की घटना भी सामने आई जिसकी जांच एनआईए ने की थी। इन घटनाओं के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने कई बड़ी कामयाबियां भी हासिल की हैं। अप्रैल 2026 में तरनतारन से भारी मात्रा में आरडीएक्स और आधुनिक हथियार बरामद कर एक बड़े हमले को टाल दिया गया।
जनवरी 2026 में होशियारपुर में बीकेआई से जुड़े मॉड्यूल से ढाई किलो आरडीएक्स, पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए। गुरदासपुर, नवांशहर और अमृतसर में भी हथियारों की बरामदगी ने संकेत दिया कि आतंकी नेटवर्क सक्रिय हैं।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से ड्रोन के जरिए हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी बड़ी चुनौती बन चुकी है। अमृतसर और फिरोजपुर सेक्टर में कई बार पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियार गिराए जाने के मामले सामने आए हैं।
जांच में पता चला है कि इन गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और विदेशों में सक्रिय खालिस्तानी आतंकी शामिल हैं। इनमें रंजीत नीटा और लखबीर लंडा जैसे नाम प्रमुख हैं।
इस पूरे परिदृश्य में गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ नई चुनौती बनकर उभरा है। वर्ष 2025 में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 400 से अधिक गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया जिससे स्पष्ट हुआ कि संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच तालमेल बढ़ रहा है। यही नेटवर्क स्थानीय स्तर पर हमलों को अंजाम देने और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में भूमिका निभा रहा है।
भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर ग्रेनेड हमला और पुलिस थानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं दर्शाती हैं कि आतंकी संगठनों का मकसद पंजाब के शांत माहौल को बिगाड़ना और डर फैलाना है। हालांकि पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की सतर्कता से कई साजिशें नाकाम हुई हैं।
इसके बावजूद सीमा पार से मिल रहे समर्थन और स्थानीय नेटवर्क के कारण चुनौती बनी हुई है। पंजाब फिलहाल संवेदनशील दौर से गुजर रहा है जहां सुरक्षा तंत्र लगातार सतर्क है।