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पंजाब के डीजीपी से लेकर कनाडा तक तस्करी का बोलबाला

Sun, 05 Sep 2021 09:20 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 09:20 PM IST
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Punjab's DGP to Canada, Smuggling Dominated
जालंधर। तीन साल पहले 1986 बैच के पंजाब कैडर के आईपीएस और डीजीपी रैंक के अधिकारी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने जब पंजाब के तत्कालीन डीजीपी सुरेश अरोड़ा, पंजाब पुलिस इंटेलीजेंस चीफ दिनकर गुप्ता और मोगा के एसएसपी राज जीत सिंह पर ड्रग्स सरगनाओं को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए तो पंजाब से लेकर दिल्ली तक हिल गई थी। डीजीपी सुरेश अरोड़ा पर सीधा अटैक हुआ था। दरअसल, चट्टोपाध्याय पंजाब और हाईकोर्ट की ओर से गठित उस विशेष जांच टीम (एसआईटी) की अगुवाई कर रहे थे जो ड्रग्स की समस्या से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही थी। मामला इतना बढ़ गया कि डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने सीनियर अफसरों के शामिल होने के मामले में अकेले ही साइन कर रिपोर्ट कोर्ट में दी थी। तीन साल से सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट में पड़ी हुई है।
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इंसाफ का इंतजार...
- हाईकोर्ट ने 15 दिसंबर 2017 को तीन सदस्यीय एसआईटी बना दी थी। इस टीम में डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के साथ आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह और आईपीएस अफसर प्रमोद कुमार शामिल थे।
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- जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस शेखर धवन की खंडपीठ ने मामले पर 25 जुलाई के लिए सुनवाई तय की थी। एमिकस क्यूरी (अदालत के सहयोगी) वकील अनुपम गुप्ता ने कहा कि दो रिपोर्ट दी गई। पहली तत्कालीन एसएसपी राज जीत मामले में और दूसरी सीनियर अफसरों के मामले में जिसमें चट्टोपाध्याय ने अकेले ही साइन कर रिपोर्ट दी है।
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- सुनवाई के दौरान चट्टोपाध्याय कोर्ट में कुछ कहना चाहते थे लेकिन बेंच ने कहा कि उन्होंने रिपोर्ट देखी नहीं है। ऐसे में पहले रिपोर्ट देखने के बाद कोर्ट को सुनवाई में सहयोग दिया जाएगा।

भोला की स्टेटमेंट में भी मजीठिया का नाम आने से बवाल
पंजाब पुलिस ने करोड़ों रुपये के ड्रग तस्करी रैकेट में डीएसपी जगदीश भोला को पकड़ा था। तीन दिन बाद मजीठिया के करीबी यूथ अकाली नेता मनजिंदर सिंह उर्फ बिट्टू औलख और जगजीत सिंह चाहल धरे गए। ईडी की 19 पेज की स्टेटमेंट में भोला ने कहा कि मजीठिया, बिट्टू और चाहल के जरिये रैकेट में लिप्त थे। इसी केस में पूर्व जेल मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर के बेटे दमनवीर सिंह का नाम आया था। जगदीश भोला, जगजीत सिंह चाहल और बिट्टू औलख ने मजीठिया का नाम लिया। कनाडा में ड्रग्स रैकेट चलाने वाले एनआरआई सतप्रीत सिंह सत्ता, परमिंदर सिंह पिंदी और अरमिंदर सिंह गोल्डी से मजीठिया की नजदीकियां थी। आरोप है कि मजीठिया के करीबी बिट्टू ने डेढ़ करोड़ की घटिया आइस (ड्रग) सत्ता और पिंदी को कनाडा भेजी तो झगड़ा हुआ। इसमें मजीठिया ने बिट्टू से दोनों के पैसे दिलवाए। ईडी ने बिक्रम मजीठिया को जांच में शामिल किया तो बवाल खड़ा हो गया।
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