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प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए लगा तांता
अमर उजाला, जालंधर
Updated Sat, 30 Nov 2013 11:21 PM IST
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दस प्रतिशत छूट के साथ प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने की अंतिम तिथि 30 नवंबर को नगर निगम में टैक्स जमा करवाने वाले लोगों का तांता लगा रहा। अब सोमवार को टैक्स जमा करवाने वालों को कोई छूट नहीं मिलेगी।
1 जनवरी से टैक्स जमा करवाने वाले को 25 प्रतिशत जुर्माना लगेगा। शनिवार को टैक्स जमा करवाने आए लोगों को भारी भीड़ होने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ी। नगर निगम ने भी लोगों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए कोई खास प्रबंध नहीं किए थे। भीड़ के कारण कई लोगों का नंबर नहीं आया तो उन्हेें वापस जाना पड़ा। लोगों की इस परेशानी का लाभ दलालों ने काफी उठाया।
अधिक पैसे लेकर दलालों ने पीछे के रास्ते से लोगों की फाइलें जमा करवाईं। इस बारे में अधिकारियों को काफी जानकारी दी गई लेकिन किसी ने लोगों की सहूलियत के लिए कोई कदम नहीं उठाया। शनिवार तक करीब 13 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी जमा हो चुका था। करीब 32 हजार लोगों ने यह टैक्स भरा।
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लोगों की फरियाद सुनने के लिए नहीं कोई
राज्य सरकार की तरफ से लोगों पर कई टैक्स थोपे गए हैं। नगर निगम मेें भ्रष्टाचार चर्म सीमा पर है। ऐसे में लोगों को टैक्स जमा करवाने के साथ अपनी जेब और ढीली करनी पड़ रही हैं। दूसरे कार्यों के लिए नगर निगम में दलालों का बोलबाला है। इसका कारण मेयर व सीनियर डिप्टी मेयर की आपसी लड़ाई से जोड़ कर देखा जा रहा है। मौजूदा समय के दौरान न तो मेयर दफ्तर आ रहे हैं और न ही सीनियर डिप्टी मेयर।
अधिकारियों से जवाब मांगेंगे : मेयर
मेयर सुनील ज्योति के मुताबिक वे निजी कार्य में व्यस्त हैं, इसलिए आफिस नहीं आ रहे हैं। अगर पब्लिक को अपने कार्य करवाने के लिए परेशानी आ रही है तो वे अधिकारियों से इस संबंधी जवाब मांगेंगे।
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1 जनवरी से टैक्स जमा करवाने वाले को 25 प्रतिशत जुर्माना लगेगा। शनिवार को टैक्स जमा करवाने आए लोगों को भारी भीड़ होने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ी। नगर निगम ने भी लोगों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए कोई खास प्रबंध नहीं किए थे। भीड़ के कारण कई लोगों का नंबर नहीं आया तो उन्हेें वापस जाना पड़ा। लोगों की इस परेशानी का लाभ दलालों ने काफी उठाया।
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अधिक पैसे लेकर दलालों ने पीछे के रास्ते से लोगों की फाइलें जमा करवाईं। इस बारे में अधिकारियों को काफी जानकारी दी गई लेकिन किसी ने लोगों की सहूलियत के लिए कोई कदम नहीं उठाया। शनिवार तक करीब 13 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी जमा हो चुका था। करीब 32 हजार लोगों ने यह टैक्स भरा।
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लोगों की फरियाद सुनने के लिए नहीं कोई
राज्य सरकार की तरफ से लोगों पर कई टैक्स थोपे गए हैं। नगर निगम मेें भ्रष्टाचार चर्म सीमा पर है। ऐसे में लोगों को टैक्स जमा करवाने के साथ अपनी जेब और ढीली करनी पड़ रही हैं। दूसरे कार्यों के लिए नगर निगम में दलालों का बोलबाला है। इसका कारण मेयर व सीनियर डिप्टी मेयर की आपसी लड़ाई से जोड़ कर देखा जा रहा है। मौजूदा समय के दौरान न तो मेयर दफ्तर आ रहे हैं और न ही सीनियर डिप्टी मेयर।
अधिकारियों से जवाब मांगेंगे : मेयर
मेयर सुनील ज्योति के मुताबिक वे निजी कार्य में व्यस्त हैं, इसलिए आफिस नहीं आ रहे हैं। अगर पब्लिक को अपने कार्य करवाने के लिए परेशानी आ रही है तो वे अधिकारियों से इस संबंधी जवाब मांगेंगे।