{"_id":"35178fdee6dbbdee582ab870261cac23","slug":"punjab-jalandhar-cvo-investigance-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीफ विजिलेंस कमिश्नर ने शेलरों की जांच शुरू की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चीफ विजिलेंस कमिश्नर ने शेलरों की जांच शुरू की
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Sat, 28 Nov 2015 09:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फूड एंड सिविल सप्लाई पंजाब के एडीशनल डायरेक्टर तथा विभाग के चीफ विजिलेंस
विज्ञापन
कमिश्नर (सीवीसी) एचएस गरेवाल ने बड़ा पिंड गोराया के शेलर न्यू मालवा
राइस मिल द्वारा पैडी का काम लेने के संबंध में सरकार को जमा करवाए गए जमीन
के संदिग्ध दस्तावेजों की जांच का काम शुरु कर दिया है।
गत दिवस सीवीसी ने अपनी टीम सहित जालंधर पहुंच कर मामले की जांच पड़ताल शुरू की। उन्होंने इस सिलसिले में शिकायत कर्ता पंचायत किसान मित्र मंच के अध्यक्ष अर्जुन शर्मा का बयान रिकार्ड किया व सारे दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त की।
इस संदर्भ में पंचायत किसान मित्र मंच नामक संस्था ने फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग के डायरेक्टर शिव दुलार सिंह ढिल्लों (आईएएस) को यह शिकायत की थी कि कायदे कानून को धता बताते हुए उक्त शेलर मालिकों ने बड़ा पिंड के पते पर कंपनी बनाई पर काम की अलाटमेंट गोराया के पते पर ली गई, जबकि गोराया में न्यू मालवा राइस मिल नाम का कोई शेलर ही नहीं है। जिस जमीन की रजिस्ट्री सरकार को दी गई वो जमीन बड़ा पिंड में है मगर उस जमीन पर शेलर होने के बजाए वो खाली प्लाट है।
उस रजिस्ट्री में दर्ज खसरा नंबरों को जोड़ कर एक चारदीवारी वाला कांपलेक्स बन ही नहीं सकता। इसके अलावा बड़ा पिंड में चल रहे एक और शेलर मालवा राइस मिल की जमीन के दस्तावेज भी संदिग्ध हैं। पंचायत किसान मित्र मंच के अध्यक्ष अर्जुन शर्मा ने बताया कि सीवीसी ने उनकी शिकायत को बहुत ध्यान से सुना व बयान रिकार्ड करके निष्पक्ष जांच का विश्वास दिलाया। संस्था के प्रधान ने कहा कि शिव दुलार सिंह ढिल्लों व एच.एस गरेवाल जैसे इमानदार व सक्षम अधिकारियों के हाथों निष्पक्ष जांच ही होगी, इसका उन्हें पूरा भरोसा है।
गत दिवस सीवीसी ने अपनी टीम सहित जालंधर पहुंच कर मामले की जांच पड़ताल शुरू की। उन्होंने इस सिलसिले में शिकायत कर्ता पंचायत किसान मित्र मंच के अध्यक्ष अर्जुन शर्मा का बयान रिकार्ड किया व सारे दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त की।
इस संदर्भ में पंचायत किसान मित्र मंच नामक संस्था ने फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग के डायरेक्टर शिव दुलार सिंह ढिल्लों (आईएएस) को यह शिकायत की थी कि कायदे कानून को धता बताते हुए उक्त शेलर मालिकों ने बड़ा पिंड के पते पर कंपनी बनाई पर काम की अलाटमेंट गोराया के पते पर ली गई, जबकि गोराया में न्यू मालवा राइस मिल नाम का कोई शेलर ही नहीं है। जिस जमीन की रजिस्ट्री सरकार को दी गई वो जमीन बड़ा पिंड में है मगर उस जमीन पर शेलर होने के बजाए वो खाली प्लाट है।
उस रजिस्ट्री में दर्ज खसरा नंबरों को जोड़ कर एक चारदीवारी वाला कांपलेक्स बन ही नहीं सकता। इसके अलावा बड़ा पिंड में चल रहे एक और शेलर मालवा राइस मिल की जमीन के दस्तावेज भी संदिग्ध हैं। पंचायत किसान मित्र मंच के अध्यक्ष अर्जुन शर्मा ने बताया कि सीवीसी ने उनकी शिकायत को बहुत ध्यान से सुना व बयान रिकार्ड करके निष्पक्ष जांच का विश्वास दिलाया। संस्था के प्रधान ने कहा कि शिव दुलार सिंह ढिल्लों व एच.एस गरेवाल जैसे इमानदार व सक्षम अधिकारियों के हाथों निष्पक्ष जांच ही होगी, इसका उन्हें पूरा भरोसा है।