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होशियारपुर : पीएसपीसीएल के 12 किमी तार सहित कबाड़ी पकड़ा, जेई-एजेई सस्पेंड
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होशियारपुर। पीएसपीसीएल की एल्युमीनियम कंडक्टर वायर के तीन ड्रम ट्रक में लादकर ले जाता एक कबाड़ी लुधियाना में गिरफ्तार किया गया। डिप्टी चीफ इंजीनियर ने जालंधर की भोगपुर डिविजन के एक जूनियर इंजीनियर और एक असिस्टेंट जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया है। साथ ही कानूनी कार्रवाई के लिए जालंधर के एसएसपी को पत्र लिखा है।
पीएसपीसीएल के डिप्टी चीफ इंजीनियर पीएस खांबा ने बताया कि उन्हें जालंधर से विभागीय अधिकारियों ने सूचित किया था कि एक ट्रक में पीएसपीसीएल की एल्युमीनियम कंडक्टर वायर के तीन ड्रम लेकर जाता एक कबाड़ी लाडोवाल लुधियाना में ईटीओ ने पकड़ा है। तीनों ड्रमों पर होशियारपुर की मुहरें व नंबर हैं। जांच में पता चला कि जब ईटीओ ने उक्त ट्रक पकड़ा तो कबाड़ी ने अपना परिचय बिजली बोर्ड जालंधर के एसडीओ के तौर पर दिया और कहा कि वह उक्त ड्रम जालंधर से पटियाला हेडक्वार्टर लेकर जा रहा है।
उसकी ओर से पेश किए गए कागजात देखकर ईटीओ को शक हो गया और उन्होंने ड्रम कब्जे में ले लिए। ईटीओ ने जालंधर में संपर्क किया तो बताया गया कि ड्रम जालंधर के नहीं बल्कि होशियारपुर के हैं। इस पर मामला होशियारपुर पीएसपीसीएल के ध्यान में लाया गया। डिप्टी चीफ इंजीनियर पीएस खांबा ने बताया कि तीनों ड्रम उनके अधीन भोगपुर डिविजन के जेई संजीव कुमार और एजेई रणजीत सिंह ने जारी कराए थे। इन में से एक ड्रम फरवरी में जबकि दो 20 अप्रैल को जारी कराए गए थे। इनमें 11,967 मीटर तार थी, जिसकी कीमत करीब 5.29 लाख रुपये है।
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खांबा ने बताया कि उक्त ड्रम एक्साइज विभाग से वापस मंगवाए जा रहे हैं और आशंका है कि इन्हें उक्त दोनों जेई व एजेई की मिलीभगत से बेचा गया था। उन्होंने बताया कि दोनों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच पीएसपीसीएल की विजिलेंस विंग को सौंप दी गई है ताकि पता लगाया जा सके कि इसमें किस किस की मिलीभगत है और जाली कागजात कहां से, कैसे और किसने बनाए थे।
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पीएसपीसीएल के डिप्टी चीफ इंजीनियर पीएस खांबा ने बताया कि उन्हें जालंधर से विभागीय अधिकारियों ने सूचित किया था कि एक ट्रक में पीएसपीसीएल की एल्युमीनियम कंडक्टर वायर के तीन ड्रम लेकर जाता एक कबाड़ी लाडोवाल लुधियाना में ईटीओ ने पकड़ा है। तीनों ड्रमों पर होशियारपुर की मुहरें व नंबर हैं। जांच में पता चला कि जब ईटीओ ने उक्त ट्रक पकड़ा तो कबाड़ी ने अपना परिचय बिजली बोर्ड जालंधर के एसडीओ के तौर पर दिया और कहा कि वह उक्त ड्रम जालंधर से पटियाला हेडक्वार्टर लेकर जा रहा है।
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उसकी ओर से पेश किए गए कागजात देखकर ईटीओ को शक हो गया और उन्होंने ड्रम कब्जे में ले लिए। ईटीओ ने जालंधर में संपर्क किया तो बताया गया कि ड्रम जालंधर के नहीं बल्कि होशियारपुर के हैं। इस पर मामला होशियारपुर पीएसपीसीएल के ध्यान में लाया गया। डिप्टी चीफ इंजीनियर पीएस खांबा ने बताया कि तीनों ड्रम उनके अधीन भोगपुर डिविजन के जेई संजीव कुमार और एजेई रणजीत सिंह ने जारी कराए थे। इन में से एक ड्रम फरवरी में जबकि दो 20 अप्रैल को जारी कराए गए थे। इनमें 11,967 मीटर तार थी, जिसकी कीमत करीब 5.29 लाख रुपये है।
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खांबा ने बताया कि उक्त ड्रम एक्साइज विभाग से वापस मंगवाए जा रहे हैं और आशंका है कि इन्हें उक्त दोनों जेई व एजेई की मिलीभगत से बेचा गया था। उन्होंने बताया कि दोनों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच पीएसपीसीएल की विजिलेंस विंग को सौंप दी गई है ताकि पता लगाया जा सके कि इसमें किस किस की मिलीभगत है और जाली कागजात कहां से, कैसे और किसने बनाए थे।