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मुलाजिमों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, मुक्तसर
Updated Wed, 22 Feb 2017 04:29 PM IST
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ध्ारना
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब गवर्नमेंट ठेका मुलाजिम एक्शन कमेटी की ओर से बुधवार को मिनी सचिवालय के सामने राज्य सरकार का पुतला फूंका गया। इस दौरान कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
उन्होंने डिप्टी कमिश्नर डॉ. सुमित जारंगल को मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ठेका मुलाजिम लंबे समय से अपनी सेवाएं रेगुलर करवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस बारे में उनकी ओर से चंडीगढ़ में बीते दस दिनों से भूख हड़ताल की जा रही है।
नेताओं ने कहा कि एक्ट पास होने के बावजूद कर्मियों को सड़कों पर परेशान कर रही है। राज्य सरकार ने 1 लाख 13 हजार नौकरी देने का वादा किया था। मगर बीते दस सालों से काम कर रहे कर्मियों को धक्के से नौकरी से निकाला जा रहा है।
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सुविधा कर्मी इसकी ताजा मिसाल हैं, जिन्हें 12 सालों के बाद नौकरी से निकाल दिया गया।
यूनियन के नेता दलजिंदर सिंह सरां ने कहा कि चुनाव आयोग को दो बार पत्र जारी करने पर भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। मुख्य सचिव के पास 10 मिनट का समय भी नहीं है कि वे कर्मचारियों से बात कर सकें। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को 251 कर्मचारी सामूहिक रूप में भूख हड़ताल करेंगे।
उन्होंने चेतावनी देते कहा कि यदि सरकार ने अपनी टालमटोल की नीति जारी रखी तो कर्मचारी मरणव्रत शुरू करेंगे। कर्मचारी विधानसभा एक्ट के अधीन ठेका कर्मियों को तुरंत रेगुलर करने, सुविधा कर्मियों को तुरंत नौकरी पर बहाल करने, संघर्ष दौरान मुलाजिमों पर किए केस रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान गुरमीत सिंह, अमनदीप सिंह, परमपाल सिंह, बेअंत सिंह, संदीप कुमारर, अवनीश कुमार, अनुराधा और जॉनी कुमार भी मौजूद थे।
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उन्होंने डिप्टी कमिश्नर डॉ. सुमित जारंगल को मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ठेका मुलाजिम लंबे समय से अपनी सेवाएं रेगुलर करवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस बारे में उनकी ओर से चंडीगढ़ में बीते दस दिनों से भूख हड़ताल की जा रही है।
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नेताओं ने कहा कि एक्ट पास होने के बावजूद कर्मियों को सड़कों पर परेशान कर रही है। राज्य सरकार ने 1 लाख 13 हजार नौकरी देने का वादा किया था। मगर बीते दस सालों से काम कर रहे कर्मियों को धक्के से नौकरी से निकाला जा रहा है।
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सुविधा कर्मी इसकी ताजा मिसाल हैं, जिन्हें 12 सालों के बाद नौकरी से निकाल दिया गया।
यूनियन के नेता दलजिंदर सिंह सरां ने कहा कि चुनाव आयोग को दो बार पत्र जारी करने पर भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। मुख्य सचिव के पास 10 मिनट का समय भी नहीं है कि वे कर्मचारियों से बात कर सकें। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को 251 कर्मचारी सामूहिक रूप में भूख हड़ताल करेंगे।
उन्होंने चेतावनी देते कहा कि यदि सरकार ने अपनी टालमटोल की नीति जारी रखी तो कर्मचारी मरणव्रत शुरू करेंगे। कर्मचारी विधानसभा एक्ट के अधीन ठेका कर्मियों को तुरंत रेगुलर करने, सुविधा कर्मियों को तुरंत नौकरी पर बहाल करने, संघर्ष दौरान मुलाजिमों पर किए केस रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान गुरमीत सिंह, अमनदीप सिंह, परमपाल सिंह, बेअंत सिंह, संदीप कुमारर, अवनीश कुमार, अनुराधा और जॉनी कुमार भी मौजूद थे।