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द क्लास फोर गवर्नमेंट इंप्लाइज यूनियन का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, मुक्तसर
Updated Thu, 06 Oct 2016 07:12 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : demo
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द क्लास फोर गवर्नमेंट इंप्लाइज यूनियन की ओर से जिला खजाना कार्यालय के सामने वीरवार को धरना लगाकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
यह धरना राज्य सरकार की ओर से सरकारी कर्मचारियों के बिलों पर लगाई पाबंदी के विरोध में दिया गया। जिला अध्यक्ष हरभगवान सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के मेडिकल बिल, जीपीएफ, डीए के बकाए, वेतन आदि के बिलों पर पाबंदी लगा दी है। इस वजह से कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खुद बेवजह ही पैसे खर्च रही है और कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगाई जा रही है। यूनियन ने खजाना कार्यालय पर लगाई पाबंदी हटाने, कच्चे कर्मियों को पक्का करने, रेगुलर भर्ती करने, शेष छह प्रतिशत डीए की किस्त देने, छठे वेतन आयोग का गठन करने की मांग की।
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कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही यह पाबंदी न हटाई गई तो वह संघर्ष तेज करने पर विवश होंगे। इसके अधीन 13 अक्तूबर को चंडीगढ़ में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान रेवत सिंह रावत, लखविंदर सिंह, सुनील कुमार, लाल चंद, गुरदास सिंह, दर्शन सिंह और सुरेंद्र कुमार मौजूद थे।
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यह धरना राज्य सरकार की ओर से सरकारी कर्मचारियों के बिलों पर लगाई पाबंदी के विरोध में दिया गया। जिला अध्यक्ष हरभगवान सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के मेडिकल बिल, जीपीएफ, डीए के बकाए, वेतन आदि के बिलों पर पाबंदी लगा दी है। इस वजह से कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खुद बेवजह ही पैसे खर्च रही है और कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगाई जा रही है। यूनियन ने खजाना कार्यालय पर लगाई पाबंदी हटाने, कच्चे कर्मियों को पक्का करने, रेगुलर भर्ती करने, शेष छह प्रतिशत डीए की किस्त देने, छठे वेतन आयोग का गठन करने की मांग की।
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कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही यह पाबंदी न हटाई गई तो वह संघर्ष तेज करने पर विवश होंगे। इसके अधीन 13 अक्तूबर को चंडीगढ़ में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान रेवत सिंह रावत, लखविंदर सिंह, सुनील कुमार, लाल चंद, गुरदास सिंह, दर्शन सिंह और सुरेंद्र कुमार मौजूद थे।