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रमसा कर्मियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Thu, 23 Feb 2017 07:27 PM IST
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ध्ारना
- फोटो : अमर उजाला
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रेगुलर किए जाने के वादे को पूरा न करने से गुस्साए रमसा कर्मचारियों ने वीरवार को पंजाब सरकार का पुतला फूंक प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने खाली पीपे खड़का कर सरकारी तंत्र को जगाने का प्रयास भी किया। कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए प्रशासनिक दफ्तर में पहुंचे, जहां पर उन्होंने एसडीएम राजीव वर्मा को मांगपत्र भी सौंपा।
एसएसए-रमसा अध्यापक यूनियन के जिला प्रधान गगन शर्मा व राज्य उप प्रधान अशीष जुलाहा ने कहा कि कर्मचारी कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनसे बात भी नहीं कर रही है। सरकार ने 1 लाख 13 हजार नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन बीते 10 सालों से सरकार ने कर्मचारियों को नौकरी से निकाला ही है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन पंजाब सरकार रमसा यूनियन कर्मचारियों का शोषण कर रही है।
विभाग व सरकार की टाल-मटोल नीतियों से विधानसभा में पास किए गए रेगुलर करने वाले बिल पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस वजह से यूनियन को मजबूर होकर सख्त फैसला लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में 28 फरवरी से 251 कर्मचारी एक साथ भूख हड़ताल करेंगे। अगर सरकार ने उनकी मांगें न मानीं तो कर्मचारी मरणव्रत भी करेंगे।
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एसएसए-रमसा अध्यापक यूनियन के जिला प्रधान गगन शर्मा व राज्य उप प्रधान अशीष जुलाहा ने कहा कि कर्मचारी कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनसे बात भी नहीं कर रही है। सरकार ने 1 लाख 13 हजार नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन बीते 10 सालों से सरकार ने कर्मचारियों को नौकरी से निकाला ही है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन पंजाब सरकार रमसा यूनियन कर्मचारियों का शोषण कर रही है।
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विभाग व सरकार की टाल-मटोल नीतियों से विधानसभा में पास किए गए रेगुलर करने वाले बिल पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस वजह से यूनियन को मजबूर होकर सख्त फैसला लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में 28 फरवरी से 251 कर्मचारी एक साथ भूख हड़ताल करेंगे। अगर सरकार ने उनकी मांगें न मानीं तो कर्मचारी मरणव्रत भी करेंगे।
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