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प्राइवेट कॉलेज नॉन टीचिंग यूनियन का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Mon, 12 Dec 2016 08:34 PM IST
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ध्ारना
- फोटो : अमर उजाला
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प्राइवेट कॉलेज नॉन टीचिंग यूनियन पंजाब (एडेड एवं अनएडेड) के निर्र्देश पर नॉन टीचिंग कर्मचारियों की ओर से प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार की नीतियों को कोसते हुए अपनी भड़ास निकाली।
यूनियन के सदस्यों ने कहा कि सरकार की ओर से 01 सितंबर 1978 से सरकारी कॉलेजों के नॉन टीचिंग कर्मचारियों की तरह उन्हें पे पैरिटी दी गई थी। उनकी तरह ही एडेड कॉलेजों के नॉन टीचिंग कर्मचारियों को लाभ और भत्ते मिलते आए हैं। कॉलेजों में नॉन टीचिंग कर्मचारियों को रीढ़ की हड्डी माना जाता है, फिर भी इन कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में 1 दिसंबर 2011 से संशोधित ग्रेड पे और स्केलों का नोटिफिकेशन जारी करना, 1 अगस्त 2009 से बढ़े हुए मेडिकल भत्ता और हाउस रैंट का नोटिफिकेशन जारी करना आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती है तो कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं में जो भी विद्यार्थियों का नुकसान होगा उसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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यूनियन के सदस्यों ने कहा कि सरकार की ओर से 01 सितंबर 1978 से सरकारी कॉलेजों के नॉन टीचिंग कर्मचारियों की तरह उन्हें पे पैरिटी दी गई थी। उनकी तरह ही एडेड कॉलेजों के नॉन टीचिंग कर्मचारियों को लाभ और भत्ते मिलते आए हैं। कॉलेजों में नॉन टीचिंग कर्मचारियों को रीढ़ की हड्डी माना जाता है, फिर भी इन कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में 1 दिसंबर 2011 से संशोधित ग्रेड पे और स्केलों का नोटिफिकेशन जारी करना, 1 अगस्त 2009 से बढ़े हुए मेडिकल भत्ता और हाउस रैंट का नोटिफिकेशन जारी करना आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती है तो कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं में जो भी विद्यार्थियों का नुकसान होगा उसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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