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मनरेगा रोजगार प्राप्त मजदूर यूनियन का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, मुक्तसर
Updated Fri, 06 Jan 2017 06:39 PM IST
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ध्ारना
- फोटो : अमर उजाला
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मनरेगा रोजगार प्राप्त मजदूर यूनियन की ओर से शुक्रवार को एडीसी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार और गांव के नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इससे पहले यूनियन के प्रांतीय मुख्य सलाहकार जगरूप सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह पार्क में रोष रैली को संबोधित करते हुए कहा कि गांवों में मनरेगा को बड़े स्तर पर चूना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की वजह से मस्टरोल की अनुपस्थिति को सौ दिन गारंटी में शामिल कर गैर हाजिर मजदूरों को क्षति पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि करीब दस दिन पहले 27 दिसंबर को मजदूरों को अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि सात दिन में गलती सुधार कर मजदूरों को काम दे दिया जाएगा। वहीं दस दिन बाद भी न तो प्रशासन के अधिकारियों ने गलती सुधारी और न ही किसी मजदूर को काम दिया गया है।
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही इन मसलों का हल न किया गया तो वे संघर्ष तीव्र करने पर विवश होंगे। इस धरने को हरलाभ सिंह, बोहड़ सिंह, गुरतेज सिंह, चंबा सिंह, दर्शन सिंह, ज्ञान सिंह, जैमल सिंह और मनजीत सिंह बरकंदी ने भी संबोधित किया। इस दौरान एडीसी (विकास) कुलवंत सिंह ने उन्हें एक सप्ताह में मसलों का हल करने का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
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इससे पहले यूनियन के प्रांतीय मुख्य सलाहकार जगरूप सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह पार्क में रोष रैली को संबोधित करते हुए कहा कि गांवों में मनरेगा को बड़े स्तर पर चूना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की वजह से मस्टरोल की अनुपस्थिति को सौ दिन गारंटी में शामिल कर गैर हाजिर मजदूरों को क्षति पहुंचाई जा रही है।
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उन्होंने कहा कि करीब दस दिन पहले 27 दिसंबर को मजदूरों को अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि सात दिन में गलती सुधार कर मजदूरों को काम दे दिया जाएगा। वहीं दस दिन बाद भी न तो प्रशासन के अधिकारियों ने गलती सुधारी और न ही किसी मजदूर को काम दिया गया है।
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही इन मसलों का हल न किया गया तो वे संघर्ष तीव्र करने पर विवश होंगे। इस धरने को हरलाभ सिंह, बोहड़ सिंह, गुरतेज सिंह, चंबा सिंह, दर्शन सिंह, ज्ञान सिंह, जैमल सिंह और मनजीत सिंह बरकंदी ने भी संबोधित किया। इस दौरान एडीसी (विकास) कुलवंत सिंह ने उन्हें एक सप्ताह में मसलों का हल करने का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।