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अल सुबह पुलिस जबरन घर से उठा ले गई दंपति
ब्यूरो,अमर उजाला/(जलालाबाद/फिरोजपुर)
Updated Sat, 11 Jun 2016 04:01 PM IST
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जलालाबाद (फिरोजपुर) में रोष धरने दौरान डीएसपी हरजिंदर सिंह और रोष प्रदर्शन करते हुए शहर निवासी।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रॉपर्टी विवाद के चलते एक अकाली नेता के इशारे पर पुलिस एक व्यक्ति और उसकी पत्नी को शुक्रवार सुबह पांच बजे घर से जबरदस्ती उठाकर थाने ले गई।
इससे गुस्साई क्षेत्र की समाजसेवी व धार्मिक संस्थाएं एकत्र हो गईं और थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। एसडीएम दफ्तर के समक्ष भी धरना दिया गया। पुलिस परचा दर्ज करने से पहले ही महिला को उसके घर से उठाकर ले आई, जबकि नियम के मुताबिक ऐसा नहीं
कर सकते हैं। उधर, समाजसेवी और धार्मिक संस्थाओं ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से जलालाबाद के डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल और एसएचओ जसवंत सिंह को निलंबित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि इन्हें निलंबित नहीं किया तो वे संघर्ष और तेज करेंगे।
भाजपा के मंडल प्रधान दर्शन वधवा, पवन बजाज, अशोक कुमार, पुरशोत्तम लाल, पार्षद रमन, नगर काउंसिल सीनियर उपप्रधान मिंटू व संदीप मलुजा ने बताया कि रिशू नारंग का एक अकाली नेता के भाई के साथ प्रॉपटी विवाद था। अकाली नेता को सांसद शेर सिंह घुबाया का समर्थन है। रिशू नारंग और उसकी पत्नी मिनू नारंग को पुलिस जबरदस्ती सुबह पांच बजे उठाकर ले गई। जब क्षेत्र के लोगों को इसका पता चला तो पुलिस ने लोगों को दंपति से मिलने नहीं दिया। सभी समाजसेवी व धार्मिक संस्थाओं के सदस्य एकत्र हो गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आदेश जारी किए थे कि किसी भी महिला को थाने नहीं बुलाया जाएगा। डीएसपी हरजिंदर सिंह और एसएचओ जसवंत सिंह जबरदस्ती महिला को सुबह पांच बजे घर से उठाकर थाने ले आए।
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उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल के हलके जलालाबाद में महिलाओं को घर से उठाकर जबरन थानों में लाया जा रहा है। संस्थाओं के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि डीएसपी हरजिंदर सिंह व एसएचओ जसवंत सिंह को निलंबित किया जाए। लोगों ने आरोप लगाया कि डीएसपी बिना पैसे लिए किसी का कामकाज नहीं करता है। उधर, जब डीएसपी लोगों के बीच आए तो लोगों ने उन्हें भलाबुरा कहा। डीएसपी के पास कोई जवाब नहीं था कि वो महिला को थाने क्यों लाया है। डीएसपी ने लोगों से माफी भी मांगी।
शहर निवासियों ने साफ कहा कि वे इस मामले को लेकर शनिवार आधा दिन तक शहर को बंद रखेंगे और मामला रद्द करवाने तथा एसएचओ और डीएसपी को बर्खास्त करने की मांग करेंगे। अगर पुलिस के उच्चाधिकारियों ने इस मामले प्रति कोई कार्रवाई नहीं की तो शहर निवासियों का यह संघर्ष और भी तेज होगा।
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इससे गुस्साई क्षेत्र की समाजसेवी व धार्मिक संस्थाएं एकत्र हो गईं और थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। एसडीएम दफ्तर के समक्ष भी धरना दिया गया। पुलिस परचा दर्ज करने से पहले ही महिला को उसके घर से उठाकर ले आई, जबकि नियम के मुताबिक ऐसा नहीं
कर सकते हैं। उधर, समाजसेवी और धार्मिक संस्थाओं ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से जलालाबाद के डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल और एसएचओ जसवंत सिंह को निलंबित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि इन्हें निलंबित नहीं किया तो वे संघर्ष और तेज करेंगे।
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भाजपा के मंडल प्रधान दर्शन वधवा, पवन बजाज, अशोक कुमार, पुरशोत्तम लाल, पार्षद रमन, नगर काउंसिल सीनियर उपप्रधान मिंटू व संदीप मलुजा ने बताया कि रिशू नारंग का एक अकाली नेता के भाई के साथ प्रॉपटी विवाद था। अकाली नेता को सांसद शेर सिंह घुबाया का समर्थन है। रिशू नारंग और उसकी पत्नी मिनू नारंग को पुलिस जबरदस्ती सुबह पांच बजे उठाकर ले गई। जब क्षेत्र के लोगों को इसका पता चला तो पुलिस ने लोगों को दंपति से मिलने नहीं दिया। सभी समाजसेवी व धार्मिक संस्थाओं के सदस्य एकत्र हो गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आदेश जारी किए थे कि किसी भी महिला को थाने नहीं बुलाया जाएगा। डीएसपी हरजिंदर सिंह और एसएचओ जसवंत सिंह जबरदस्ती महिला को सुबह पांच बजे घर से उठाकर थाने ले आए।
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उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल के हलके जलालाबाद में महिलाओं को घर से उठाकर जबरन थानों में लाया जा रहा है। संस्थाओं के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि डीएसपी हरजिंदर सिंह व एसएचओ जसवंत सिंह को निलंबित किया जाए। लोगों ने आरोप लगाया कि डीएसपी बिना पैसे लिए किसी का कामकाज नहीं करता है। उधर, जब डीएसपी लोगों के बीच आए तो लोगों ने उन्हें भलाबुरा कहा। डीएसपी के पास कोई जवाब नहीं था कि वो महिला को थाने क्यों लाया है। डीएसपी ने लोगों से माफी भी मांगी।
शहर निवासियों ने साफ कहा कि वे इस मामले को लेकर शनिवार आधा दिन तक शहर को बंद रखेंगे और मामला रद्द करवाने तथा एसएचओ और डीएसपी को बर्खास्त करने की मांग करेंगे। अगर पुलिस के उच्चाधिकारियों ने इस मामले प्रति कोई कार्रवाई नहीं की तो शहर निवासियों का यह संघर्ष और भी तेज होगा।