फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   Private school buses ignore security

निजी स्कूल बसों में सुरक्षा की अनदेखी

Wed, 09 Dec 2015 03:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर Updated Wed, 09 Dec 2015 03:22 PM IST
विज्ञापन
Private school buses ignore security
ट्रांसपोर्ट विभाग व प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों की ओर से स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा के तमाम पुख्ता प्रबंध होने के दावे किए जाते हैं। हकीकत इसके उलट है।
विज्ञापन


महानगर में चलने वाली ज्यादतर स्कूल बसें  सेफ स्कूल व्हीकल पालिसी के मापदंड पर खरी नही उतर रही हैं। इसके बाद भी बसें धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रही हैं।
विज्ञापन


स्कूल बसों को सड़कों पर उतरने से पहले सेफ स्कूल व्हीकल पालिसी के तहत तैयार कराना होता है। इस पालिसी के तहत बसों में हाईड्रोलिक दरवाजे, जीपीएस सिस्टम, कैमरे, फर्स्ट एड बाक्स, आग बुझाने वाला यंत्र, निर्धारित स्टैंडर्ड का स्पीड गवर्नर लगाना जरूरी रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं महानगर के स्कूलों के बारे में ट्रांसपोर्ट विभाग के पास जो आंकड़े पहुंचे हैं वह चौंकाने वाले हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक जालंधर में इस समय करीब 1500 स्कूल बसें चल रही है।


इन 1500 बसों में अब तक सिर्फ 20 बसों ने फिटनेस टेस्ट पास किया। यह आंकड़ा जालंधर के मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर नरेश कलेर ने विभाग को भेजा है।

रिपोर्ट के मुताबिक जालंधर में दौड़ रही 30 फीसदी स्कूल बसों के पास परमिट ही नहीं है, जबकि 10 फीसदी बसों ने अपना परमिट रिन्यू ही नहीं कराया है।

सेफ स्कूल व्हीकल पालिसी के तहत बसें बच्चों को स्कूल लाने, ले जाने का काम करती है लेकिन 99.2 फीसदी बसें असुरक्षित तरीके से सड़कों पर दौड़ रही हैं।

इस मामले में डीटीओ आरपी सिंह का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वाली स्कूल बसों पर कार्रवाई की जाती है। स्कूलों को जल्द से जल्द फिटनेस टेस्ट पास कराने व सेफ स्कूल व्हीकल पालिसी के तहत बसें चलाने के लिए कहा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed