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Punjab: कनाडा में नशे के कारोबार में बढ़ रही पंजाबी युवाओं की भागीदारी, दो साल में तीन गिरोह में शामिल मिले
Sun, 30 Oct 2022 04:43 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 30 Oct 2022 04:43 PM IST
सार
जनवरी में, कैलगरी के पंजाबी ट्रक चालक अमरप्रीत सिंह संधू ने तस्करी का रिकॉर्ड बनाया, जब उन्हें बाजार में 28.5 मिलियन डॉलर मूल्य के 228.14 किलोग्राम मेथामफेटामाइन के साथ गिरफ्तार किया गया था।
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हाल ही में कनाडा के मिसीसागा में पील पुलिस द्वारा 25 लाख डॉलर की नशे की खेप के साथ गिरफ्तार पांच तस्करों में तीन पंजाबी मूल के होने से पंजाबी मूल के लोग काफी चिंतित हैं। चिंता इस बात को लेकर भी है कि कनाडा में पंजाबी मूल के युवा नशा तस्करी के कारोबार में लिप्त होते जा रहे हैं और कनाडा का मिनी पंजाब भी नशे के कारण बदनाम होने लगा है।
पिछले कुछ समय से कनाडा में पंजाबी मूल के युवाओं की नशे में भागीदारी में अचानक तेजी आई है। पिछले दो साल में तीन बड़े गिरोह में अधिकतर पंजाबी मूल के युवा ही निकले, जो नशे के कारोबार में लिप्त थे।
कुछ समय पहले ही ब्रैंप्टन के 46 वर्षीय गुरदीप सिंह मंगत को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वह अमेरिका से ब्लू वाटर ब्रिज के प्रवेश बिंदु पर अपने वाणिज्यिक ट्रक को कनाडा ले गया था। क्यूबेक के लासाल के रहने वाले 24 वर्षीय प्रदीप सिंह को उस समय पकड़ा गया जब उनका ट्रक अमेरिका से कनाडा के फोर्ट एरी में घुसा। सीमा निरीक्षकों को पांच डफल बैग के अंदर लगभग 112.5 किलोग्राम कोकीन छिपा हुआ मिला। जब्त किए गए मादक पदार्थ की बाजार कीमत करीब 14 लाख डॉलर निकली। जून में, टोरंटो क्षेत्र के नौ पंजाबी लोगों को गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से 61 मिलियन डॉलर से अधिक की ड्रग्स जब्त की थी। अप्रैल में, ब्रैंप्टन के 25 पंजाबी पुरुषों को ड्रग गिरोह के हिस्से के रूप में गिरफ्तार किया गया था, जो कनाडा में कोकीन की तस्करी कर रहा था और इसे अपने भूमिगत नेटवर्क के माध्यम से पूरे देश में वितरित कर रहा था।
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जनवरी में, कैलगरी के पंजाबी ट्रक चालक अमरप्रीत सिंह संधू ने तस्करी का रिकॉर्ड बनाया, जब उन्हें बाजार में 28.5 मिलियन डॉलर मूल्य के 228.14 किलोग्राम मेथामफेटामाइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। अप्रैल में पोर्ट ह्यूरन, मिशिगन और प्वाइंट एडवर्ड के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रॉसिंग पर एक वाणिज्यिक ट्रक में संदिग्ध दवाएं मिली थीं। ब्रैंप्टन के 25 वर्षीय चरणप्रीत सिंह को उस दिन गिरफ्तार किया गया था दक्षिणी अल्बर्टा में कॉउट्स में कनाडा बॉर्डर एजेंसी ने ट्रक में छिपी हुई कोकीन की 84 ईंटों को बरामद किया।
कैलिफोर्निया की रहने वाली 31 वर्षीय पंजाबी लड़की गुरमिंदर सिंह तूर और 26 वर्षीय किरणदीप कौर तूर पर कनाडा के नियंत्रित ड्रग्स एंड सब्सटेंस एक्ट, कनाडा के तहत चार मामलों में आरोप लगाए गए थे। कनाडा के अधिकारियों के अनुसार यह अमेरिका और कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के बीच सीमा पर कोकीन की सबसे बड़ी रिकवरी थी। कोकीन की 84 ईंटें एक माइक्रोवेव में और सेमी-ट्रेलर ट्रक में छिपी हुई मिलीं, जो अमेरिका से सब्जियां लाने की आड़ में कोकीन लाई जा रही थी।
पिछले साल एक हजार किलो नशे की खेप के साथ ब्रैंप्टन से गुरबख्श सिंह ग्रेवाल, सुखवंत बराड़, परमिंदर गिल, कैलेडन से हरबलजीत सिंह तूर, अमरबीर सिंह सरकारिया, हरबिंदर कौर भुल्लर, किचनर से सरजंत सिंह धालीवाल, हरबीर धालीवाल, गुरमनप्रीत ग्रेवाल को गिरफ्तार किया गया। पिछले साल अप्रैल माह में ही कनाडा में अमेरिका और भारत के लिंक वाले एक इंडो-कैनेडियन ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था। कनाडा पुलिस ने तब ऑपरेशन चीता के तहत इस रैकेट में संलिप्त 31 लोग पकड़े थे, जिनमें से 25 पंजाबी थे। जांच दौरान आरोपियों के कब्जे से 10 किलो कोकीन, 8 किलो केटामाइन, 3 किलो हेरोइन और 2.5 किलो अफीम सहित लगभग 2.3 मिलियन डॉलर (लगभग 18 करोड़) मूल्य की ड्रग्स व हथियार व डॉलर जब्त किए थे।
पंजाबियों का ट्रक कारोबार, इसलिए फंस रहे हैं लालच में
कनाडा के वरिष्ठ पत्रकार जोगिंदर बासी का कहना है कि पंजाबी मूल के लोगों का ट्रक के कारोबार में वर्चस्व है, इसलिए जो युवक ट्रक चालक के रूप में आते हैं, उन पर तस्करों की तीखी नजर रहती है। युवा उनका शिकार हो रहे हैं। रोजाना कनाडा से हजारों लाखों ट्रक सब्जियां व अन्य सामान लेकर आते जाते हैं और कनाडा व अमेरिका की सीमा आपस में जुड़ी हुई है, जिसका फायदा तस्करों द्वारा उठाया जाता है। पंजाबियों का नशे के धंधे में लिप्त होना एक चिंता का विषय है और इसका असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है।
पंजाबी युवाओं को तस्कर कूरियर के रूप में करते हैं इस्तेमाल
रिटायर एसएसपी कुलवंत सिंह हीर का कहना है कि पंजाबी युवाओं ने कनाडा व अमेरिका में मेहनत कर अपना जबरदस्त रुतबा हासिल किया है। कनाडा में मंत्री से लेकर सांसद तक पंजाबी मूल के हैं। तस्करों की नजर हमेशा युवाओं पर रहती हैं, उनको लालच देकर फंसाया जाता है। पंजाब में अंतरराष्ट्रीय स्तर के तस्करों ने युवाओं को बतौर कूरियर इस्तेमाल किया है और कनाडा में भी हो रहा है। अधिक पैसा कमाने के लालच में ड्रग रैकेट का हिस्सा बन रहे हैं।
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पिछले कुछ समय से कनाडा में पंजाबी मूल के युवाओं की नशे में भागीदारी में अचानक तेजी आई है। पिछले दो साल में तीन बड़े गिरोह में अधिकतर पंजाबी मूल के युवा ही निकले, जो नशे के कारोबार में लिप्त थे।
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कुछ समय पहले ही ब्रैंप्टन के 46 वर्षीय गुरदीप सिंह मंगत को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वह अमेरिका से ब्लू वाटर ब्रिज के प्रवेश बिंदु पर अपने वाणिज्यिक ट्रक को कनाडा ले गया था। क्यूबेक के लासाल के रहने वाले 24 वर्षीय प्रदीप सिंह को उस समय पकड़ा गया जब उनका ट्रक अमेरिका से कनाडा के फोर्ट एरी में घुसा। सीमा निरीक्षकों को पांच डफल बैग के अंदर लगभग 112.5 किलोग्राम कोकीन छिपा हुआ मिला। जब्त किए गए मादक पदार्थ की बाजार कीमत करीब 14 लाख डॉलर निकली। जून में, टोरंटो क्षेत्र के नौ पंजाबी लोगों को गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से 61 मिलियन डॉलर से अधिक की ड्रग्स जब्त की थी। अप्रैल में, ब्रैंप्टन के 25 पंजाबी पुरुषों को ड्रग गिरोह के हिस्से के रूप में गिरफ्तार किया गया था, जो कनाडा में कोकीन की तस्करी कर रहा था और इसे अपने भूमिगत नेटवर्क के माध्यम से पूरे देश में वितरित कर रहा था।
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जनवरी में, कैलगरी के पंजाबी ट्रक चालक अमरप्रीत सिंह संधू ने तस्करी का रिकॉर्ड बनाया, जब उन्हें बाजार में 28.5 मिलियन डॉलर मूल्य के 228.14 किलोग्राम मेथामफेटामाइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। अप्रैल में पोर्ट ह्यूरन, मिशिगन और प्वाइंट एडवर्ड के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रॉसिंग पर एक वाणिज्यिक ट्रक में संदिग्ध दवाएं मिली थीं। ब्रैंप्टन के 25 वर्षीय चरणप्रीत सिंह को उस दिन गिरफ्तार किया गया था दक्षिणी अल्बर्टा में कॉउट्स में कनाडा बॉर्डर एजेंसी ने ट्रक में छिपी हुई कोकीन की 84 ईंटों को बरामद किया।
कैलिफोर्निया की रहने वाली 31 वर्षीय पंजाबी लड़की गुरमिंदर सिंह तूर और 26 वर्षीय किरणदीप कौर तूर पर कनाडा के नियंत्रित ड्रग्स एंड सब्सटेंस एक्ट, कनाडा के तहत चार मामलों में आरोप लगाए गए थे। कनाडा के अधिकारियों के अनुसार यह अमेरिका और कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के बीच सीमा पर कोकीन की सबसे बड़ी रिकवरी थी। कोकीन की 84 ईंटें एक माइक्रोवेव में और सेमी-ट्रेलर ट्रक में छिपी हुई मिलीं, जो अमेरिका से सब्जियां लाने की आड़ में कोकीन लाई जा रही थी।
पिछले साल एक हजार किलो नशे की खेप के साथ ब्रैंप्टन से गुरबख्श सिंह ग्रेवाल, सुखवंत बराड़, परमिंदर गिल, कैलेडन से हरबलजीत सिंह तूर, अमरबीर सिंह सरकारिया, हरबिंदर कौर भुल्लर, किचनर से सरजंत सिंह धालीवाल, हरबीर धालीवाल, गुरमनप्रीत ग्रेवाल को गिरफ्तार किया गया। पिछले साल अप्रैल माह में ही कनाडा में अमेरिका और भारत के लिंक वाले एक इंडो-कैनेडियन ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था। कनाडा पुलिस ने तब ऑपरेशन चीता के तहत इस रैकेट में संलिप्त 31 लोग पकड़े थे, जिनमें से 25 पंजाबी थे। जांच दौरान आरोपियों के कब्जे से 10 किलो कोकीन, 8 किलो केटामाइन, 3 किलो हेरोइन और 2.5 किलो अफीम सहित लगभग 2.3 मिलियन डॉलर (लगभग 18 करोड़) मूल्य की ड्रग्स व हथियार व डॉलर जब्त किए थे।
पंजाबियों का ट्रक कारोबार, इसलिए फंस रहे हैं लालच में
कनाडा के वरिष्ठ पत्रकार जोगिंदर बासी का कहना है कि पंजाबी मूल के लोगों का ट्रक के कारोबार में वर्चस्व है, इसलिए जो युवक ट्रक चालक के रूप में आते हैं, उन पर तस्करों की तीखी नजर रहती है। युवा उनका शिकार हो रहे हैं। रोजाना कनाडा से हजारों लाखों ट्रक सब्जियां व अन्य सामान लेकर आते जाते हैं और कनाडा व अमेरिका की सीमा आपस में जुड़ी हुई है, जिसका फायदा तस्करों द्वारा उठाया जाता है। पंजाबियों का नशे के धंधे में लिप्त होना एक चिंता का विषय है और इसका असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है।
पंजाबी युवाओं को तस्कर कूरियर के रूप में करते हैं इस्तेमाल
रिटायर एसएसपी कुलवंत सिंह हीर का कहना है कि पंजाबी युवाओं ने कनाडा व अमेरिका में मेहनत कर अपना जबरदस्त रुतबा हासिल किया है। कनाडा में मंत्री से लेकर सांसद तक पंजाबी मूल के हैं। तस्करों की नजर हमेशा युवाओं पर रहती हैं, उनको लालच देकर फंसाया जाता है। पंजाब में अंतरराष्ट्रीय स्तर के तस्करों ने युवाओं को बतौर कूरियर इस्तेमाल किया है और कनाडा में भी हो रहा है। अधिक पैसा कमाने के लालच में ड्रग रैकेट का हिस्सा बन रहे हैं।