{"_id":"62bd73c75536d635df22b9f8","slug":"order-of-punjab-haryana-high-court-to-vacate-an-area-of-1000-yards-around-the-beas-ordnance-store-in-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: ब्यास आयुध भंडार के आसपास एक हजार गज खाली करने के आदेश, नौ गांवों ने निशानदेही पर उठाए सवाल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: ब्यास आयुध भंडार के आसपास एक हजार गज खाली करने के आदेश, नौ गांवों ने निशानदेही पर उठाए सवाल
Thu, 30 Jun 2022 03:28 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 30 Jun 2022 03:28 PM IST
सार
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद प्रशासन की तरफ से इलाके में तहसीलदार व अन्य राजस्व अधिकारियों को जिम्मेदारी देकर निशानदेही करवाई जा रही है, जिसकी जद में 9 गांव आ गए हैं। जिसमें गांव ब्यास, बाबा जैमल सिंह गांव, बुड्डा थेह, वड़ैच आदि प्रमुख हैं।
विज्ञापन
विस्तार
ब्यास आयुध भंडार के इर्द गिर्द एक हजार गज का इलाका खाली करने के हाईकोर्ट के आदेश से लोगों की सांसें अटकी हुई हैं। सेना के आयुध भंडार से 850 गज दूर ही स्कूल व रिहायशी कॉलोनी बनी हुई है। ग्रामीणों का तर्क है कि इस स्कूल व रिहायशी कॉलोनी को पहले ध्वस्त कर खाली करवाया जाए। उनकी जान को भी उतना ही खतरा है, जितना हमारे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को। इन्हें गिराने के बाद ही गांवों का रुख करें।
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद प्रशासन की तरफ से इलाके में तहसीलदार व अन्य राजस्व अधिकारियों को जिम्मेदारी देकर निशानदेही करवाई जा रही है, जिसकी जद में 9 गांव आ गए हैं। जिसमें गांव ब्यास, बाबा जैमल सिंह गांव, बुड्डा थेह, वड़ैच आदि प्रमुख हैं।
विज्ञापन
गांव ब्यास के सरपंच सुरिंदर पाल लड्डू का कहना है कि आयुध भंडार को जब जमीन दी गई थी, तब कहीं नहीं था कि एक हजार गज का इलाका खाली करना होगा। ब्यास का डिपो जालंधर स्थित सुरानस्सी आयुध भंडार के आगे सब डिपो है। सुरानस्सी में तो आयुध भंडार के आसपास पूरी कॉलोनियां बसी हुई हैं। वहां पर क्या सब महफूज हैं ? सिर्फ ब्यास आयुध भंडार के आसपास के लोग ही खतरे में हैं ? यह निशानदेही नेशनल हाईवे को जाकर टच कर रही है लेकिन इसमें हाईवे नहीं आया है। हमारे सुंदर रेलवे स्टेशन से लेकर कई ऐतिहासिक स्थल इसकी जद में आ गए हैं। पहले सरकार आर्मी स्कूल व उनके रिहायशी इलाकों को खाली करवाए, उसके बाद गांवों का रुख करने दिया जाएगा। अन्यथा 9 गांवों के लोग एकजुट हैं, हम धक्केशाही नहीं करने देंगे।
विज्ञापन