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एनडीआरएफ ने बच्चों को सिखाएं आपात स्थिति से निपटने के गुर

Sat, 30 Jul 2022 10:42 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2022 10:42 PM IST
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NDRF teaches children how to deal with emergencies
पठानकोट। केंद्रीय विद्यालय 4 पठानकोट में शनिवार को आपदा प्रबंधन विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें हिमाचल प्रदेश से आई एनडीआरएफ की 14वीं वाहिनी की ओर से बच्चों को आपदा के समय निपटने की जानकारी दी गई। प्राचार्य पीएल धीमान ने विद्यार्थियों को कहा कि आपदाओं से निपटने का महत्वपूर्ण तरीका जागरूक बनकर, जानकारी प्राप्त करना है सावधान रहना है। आपदा के समय भगदड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहिए।
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कार्यशाला का नेतृत्व एनडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर महेंद्र मनोहर ने किया। एनडीआरएफ की टीम ने बच्चों को आपात स्थिति में से निकलने के सुरक्षात्मक उपाय बताए। कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थी इस कार्यशाला में शामिल हुए। एनडीआरएफ की टीम ने मॉक ड्रिल कर अध्यापकों और छात्रों को प्रशिक्षित और सचेत किया। इस दौरान छात्रों को भावनात्मक और सुरक्षात्मक पहलुओं के बारे भी जागरूक किया गया। प्राथमिक उपचार और बचाव का सामान्य प्रशिक्षण भी विद्यार्थियों को दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने विद्यार्थियों और अध्यापकों को सीपीआर की प्रक्रिया के बारे विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान सब इंस्पेक्टर महेंद्र मनोहर ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को बताया कि हड्डी टूटने पर कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए, बाढ़ आने पर लोगों को पानी में डूबने से कैसे बचाया जाए और बाढ़ आने पर कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए। उन्होंने जिंदगी बचाने के लिए लाइफ जैकेट का जुगाड़ करना भी सिखाया।
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उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के डिब्बे, थर्माकोल, पानी की बोतलों से भी जुगाड़ लाइफ जैकेट्स बनाए जा सकते हैं। उन्होंने बच्चों को जागरूक किया कि बिजली गिरने पर छाता नहीं खोलना चाहिए और मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को भूकंप से बचने के लिए ड्रॉप, कवर और होल्ड तकनीक का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि भूकंप आने पर सबसे पहले अपना सिर को ढककर 65 सेकंड के लिए बैठ जाना चाहिए। इसके अलावा, इमारत की डेढ़ गुना ऊंचाई से परे चले जाना चाहिए। इस दौरान अध्यापकों और छात्रों को आग से बचाव के उपाय भी बताए गए। उन्होंने बताया कि यदि आग लग जाए तो भागना और दौड़ना नहीं चाहिए। बल्कि एसडीआर तरीके को अपनाकर रुकना, लेटना और लुढ़कते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए। एनडीआरएफ की टीम ने एनसीसी के बच्चों को सीपीआर की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया। आपात स्थिति में फंसे बच्चों को बाहर निकालना भी सिखाया। इस मौके पर मुख्य अध्यापिका प्रवीण, सीसीए प्रभारी प्रदीप चोपड़ा, उप प्राचार्या नीलम गुलेरिया, संगीता भारद्वाज ने एनडीआरएफ की टीम का आभार व्यक्त किया।
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फोटो - 2 - विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन पर जानकारी देते एनडीआरएफ के जवान।
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