{"_id":"5e517c648ebc3ef3f337c06f","slug":"nagar-kirtan-go-to-shri-kartarpur-sahib-pakistan-kapurthala-news-pkl367383289","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्री करतारपुर साहिब पाकिस्तान के लिए नगर कीर्तन रवाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्री करतारपुर साहिब पाकिस्तान के लिए नगर कीर्तन रवाना
विज्ञापन
श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित महान नगर कीर्तन एतिहासिक गुरुद्वारा श्री बेर साहिब से श्री करतारपुर साहिब पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ। यह नगर कीर्तन श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया में निरोल सेवा संस्था श्री मुक्तसर साहिब की तरफ से निकाला गया। जिसका नेतृत्व पारंपरिक वेशभूषा में सजे गुरु के पांच प्यारे कर रहे थे। रंग-बिरंगे फूलों से सुसज्जित पालकी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब सुशोभित थे। जो बोले सो निहाल के जयकारों के साथ नगर कीर्तन की शुरुआत हुई। इसमें तख्त श्री केशगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह, एसजीपीसी मेंबर गुरप्रीत कौर, पूर्व वित्त मंत्री डॉ. उपिदरजीत कौर, इंजीनियर स्वर्ण सिंह, एसजीपीसी मेंबर सरवन सिंह कुलार, एसजीपीसी मेंबर जरनैल सिंह डोगरावाल, संत बाबा अवतार सिंह सुरसिंह वाले, पर्यावरणविद् संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल, संत बाबा लीडर सिंह, निरोल सेवा संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर जगदीप सिंह सोढ़ी, सज्जन सिंह चीमा विशेष अतिथि के तौर पर पहुंचे। इन अतिथियों को मैनेजर सतनाम सिंह रियाड़ ने सिरोपा भेंटकर सम्मानित किया।
हेड ग्रंथी सुरजीत सिंह की ओर से पंज प्यारों को सिरोपा भेंटकर करने के बाद सरबत के भले की अरदास के साथ नगर कीर्तन को पाकिस्तान के लिए रवाना किया। यह नगर कीर्तन सुल्तानपुर लोधी के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री बेर साहिब से आरंभ होकर तरनतारन, फिरोजपुर, मोगा, फरीदकोट ,श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा ,संगरूर, पटियाला, श्री फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, लुधियाना, नवांशहर, जालंधर, अमृतसर, गुरदासपुर व अन्य क्षेत्रों से गुजरता हुआ डेरा बाबा नानक के रास्ते सात मार्च को गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब (पाकिस्तान) पहुंचकर संपन्न होगा। सुल्तानपुर लोधी से निकले नगर कीर्तन का जगह-जगह फूलों की वर्षा से भव्य स्वागत किया। वहीं हवाई जहाज से भी नगर कीर्तन पर पुष्पवर्षा की गई। इसमें गुरद्वारा श्री ननकाना साहिब, श्री हरमंदिर साहिब तथा अन्य धार्मिक स्थानों के मॉडल भी मुख्य आकर्षण का केंद्र बने रहे। नगर कीर्तन में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी शोभा बढ़ा रहे थे। गरारी चौक में एसएचओ सरबजीत सिंह, एएसआई अमरजीत सिंह की ओर से पुलिस पार्टी के साथ नगर कीर्तन को सलामी दी गई। संगत केसरी दस्तार सजाकर नगर कीर्तन के साथ चल रही थी। निहंग सिंह भी हाथी, घोड़े तथा गुरु की फौज अपने शस्त्रों के साथ में शामिल हुई। पूरे रास्ते में सतनाम वाहेगुरु का जाप कर रही थी। कीर्तनी जत्थे संगत को निहाल कर रहे थे तो गतका पार्टियां अपने हैरतअंगेज करतब से संगत को दांतों तले उंगलियां दबाने पर विवश कर रही थीं। इस मौके पर एडिशनल मैनेजर सरबजीत सिंह, उप-मैनेजर कुलवंत सिंह, प्रचारक भाई हरजीत सिंह, एडवोकेट हरचरण सिंह, एडवोकेट कर्मजीत सिंह थिंद, सुरजीत सिंह ढिल्लों, दिलबाग सिंह गिल, सतनाम सिंह गिल, पार्षद संदीप कौर गिल, सीनियर अकाली नेता सतपाल मदान, बचित्तर सिंह गिल, शहरी अध्यक्ष राजीव धीर, बाबा अजीत सिंह, कारज सिंह, प्रताप सिंह मोमी, प्रचारक मनप्रीत सिंह, रणजीत सिंह चोला, निशान सिंह, गुरचरण सिंह टिब्बी, तेजिंदर सिंह जोसन, कथावाचक गुरप्रीत सिंह, हरजिंदर सिंह खालसा, समुंदर सिंह ढिल्लों मौजूद थे।
विज्ञापन
हेड ग्रंथी सुरजीत सिंह की ओर से पंज प्यारों को सिरोपा भेंटकर करने के बाद सरबत के भले की अरदास के साथ नगर कीर्तन को पाकिस्तान के लिए रवाना किया। यह नगर कीर्तन सुल्तानपुर लोधी के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री बेर साहिब से आरंभ होकर तरनतारन, फिरोजपुर, मोगा, फरीदकोट ,श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा ,संगरूर, पटियाला, श्री फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, लुधियाना, नवांशहर, जालंधर, अमृतसर, गुरदासपुर व अन्य क्षेत्रों से गुजरता हुआ डेरा बाबा नानक के रास्ते सात मार्च को गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब (पाकिस्तान) पहुंचकर संपन्न होगा। सुल्तानपुर लोधी से निकले नगर कीर्तन का जगह-जगह फूलों की वर्षा से भव्य स्वागत किया। वहीं हवाई जहाज से भी नगर कीर्तन पर पुष्पवर्षा की गई। इसमें गुरद्वारा श्री ननकाना साहिब, श्री हरमंदिर साहिब तथा अन्य धार्मिक स्थानों के मॉडल भी मुख्य आकर्षण का केंद्र बने रहे। नगर कीर्तन में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी शोभा बढ़ा रहे थे। गरारी चौक में एसएचओ सरबजीत सिंह, एएसआई अमरजीत सिंह की ओर से पुलिस पार्टी के साथ नगर कीर्तन को सलामी दी गई। संगत केसरी दस्तार सजाकर नगर कीर्तन के साथ चल रही थी। निहंग सिंह भी हाथी, घोड़े तथा गुरु की फौज अपने शस्त्रों के साथ में शामिल हुई। पूरे रास्ते में सतनाम वाहेगुरु का जाप कर रही थी। कीर्तनी जत्थे संगत को निहाल कर रहे थे तो गतका पार्टियां अपने हैरतअंगेज करतब से संगत को दांतों तले उंगलियां दबाने पर विवश कर रही थीं। इस मौके पर एडिशनल मैनेजर सरबजीत सिंह, उप-मैनेजर कुलवंत सिंह, प्रचारक भाई हरजीत सिंह, एडवोकेट हरचरण सिंह, एडवोकेट कर्मजीत सिंह थिंद, सुरजीत सिंह ढिल्लों, दिलबाग सिंह गिल, सतनाम सिंह गिल, पार्षद संदीप कौर गिल, सीनियर अकाली नेता सतपाल मदान, बचित्तर सिंह गिल, शहरी अध्यक्ष राजीव धीर, बाबा अजीत सिंह, कारज सिंह, प्रताप सिंह मोमी, प्रचारक मनप्रीत सिंह, रणजीत सिंह चोला, निशान सिंह, गुरचरण सिंह टिब्बी, तेजिंदर सिंह जोसन, कथावाचक गुरप्रीत सिंह, हरजिंदर सिंह खालसा, समुंदर सिंह ढिल्लों मौजूद थे।
विज्ञापन