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लोकसभा में एक्साइज ड्यूटी बिल पास, ज्वेलर नाराज
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Thu, 05 May 2016 06:33 PM IST
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ज्वेलर नाराज
- फोटो : Demo Pic
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ज्वेलरों पर सरकार की ओर से लगाई गई 1 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी के बिल को वीरवार को लोकसभा में पास कर दिया गया। इससे ज्वेलर नाराज हो गए हैं, हालांकि एक्साइज विभाग ने उनको 9 मई को अपने दफ्तर में बुलाया है।
वहां पर इस एक्साइज ड्यूटी लागू होने पर उनसे बात की जानी है। वहीं सभी ज्वेलर विभाग की इस कार्रवाई को खानापूर्ति बता रहे हैं। इस बिल के पास होेने पर अब ज्वेलरों को एक्साइज ड्यूटी के अधीन आना ही पड़ेगा।
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में ज्वेलरों की ओर से अपनी दुकानें बंद रखकर लंबे समय तक संघर्ष किया। आखिरकार सरकार ने बिल को पास कर दिया। ज्वेलरों ने इस मुद्दे पर 20 सदस्यीय कमेटी भी तैयार की है, जो बाद की रणनीति को तैयार करेगी।
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सरकार की ओर से दरकिनार किए जाने से ज्वेलरों में काफी गुस्सा बढ़ गया है। उनका कहना है कि पंजाब में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका खामियाजा चुकाना पड़ेगा। द सराफा एसोसिएशन के प्रधान नरेश मल्होत्रा व सचिव राजेश कपूर ने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर भाजपा के मंत्रियों से भी मिले, लेकिन किसी ने भी उनकी मदद नहीं की।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों के साथ हुई इस धक्केशाही का खामियाजा भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में चुकाना पड़ेगा। स्वर्णकार संघ के प्रधान हरजीत मल्होत्रा का कहना है कि संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। उनकी एसोसिएशन की ओर से जल्द मीटिंग कर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
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वहां पर इस एक्साइज ड्यूटी लागू होने पर उनसे बात की जानी है। वहीं सभी ज्वेलर विभाग की इस कार्रवाई को खानापूर्ति बता रहे हैं। इस बिल के पास होेने पर अब ज्वेलरों को एक्साइज ड्यूटी के अधीन आना ही पड़ेगा।
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एक्साइज ड्यूटी के विरोध में ज्वेलरों की ओर से अपनी दुकानें बंद रखकर लंबे समय तक संघर्ष किया। आखिरकार सरकार ने बिल को पास कर दिया। ज्वेलरों ने इस मुद्दे पर 20 सदस्यीय कमेटी भी तैयार की है, जो बाद की रणनीति को तैयार करेगी।
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सरकार की ओर से दरकिनार किए जाने से ज्वेलरों में काफी गुस्सा बढ़ गया है। उनका कहना है कि पंजाब में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका खामियाजा चुकाना पड़ेगा। द सराफा एसोसिएशन के प्रधान नरेश मल्होत्रा व सचिव राजेश कपूर ने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर भाजपा के मंत्रियों से भी मिले, लेकिन किसी ने भी उनकी मदद नहीं की।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों के साथ हुई इस धक्केशाही का खामियाजा भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में चुकाना पड़ेगा। स्वर्णकार संघ के प्रधान हरजीत मल्होत्रा का कहना है कि संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। उनकी एसोसिएशन की ओर से जल्द मीटिंग कर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।