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Jalandhar Lok Sabha by-election: इंदर इकबाल सिंह अटवाल को बनाया भाजपा ने प्रत्याशी, देर रात की नाम की घोषणा
Thu, 13 Apr 2023 12:37 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, जालंधर
अमर उजाला ब्यूरो, जालंधर
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 13 Apr 2023 12:37 AM IST
सार
इंदर इकबाल अटवाल के पिता चरणजीत सिंह अटवाल ने 2019 में जालंधर से लोकसभा चुनाव लड़ा था, तब वह 19 हजार मतों से कांग्रेस के चौधरी संतोख सिंह से हार गए थे।
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विस्तार
लोकसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल के बेटे इंदर इकबाल सिंह अटवाल जालंधर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी होंगे। भाजपा ने बुधवार देर रात उनके नाम की घोषणा की। तीन दिन पहले ही अटवाल भाजपा में शामिल हुए थे। वह शिरोमणि अकाली दल से विधायक रह चुके हैं और वाल्मीकि मजहबी सिख परिवार हैं।
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उनके जरिए पार्टी ग्रामीण इलाकों में घुसने की तैयारी में है। इंदर इकबाल अटवाल के पिता चरणजीत सिंह अटवाल ने 2019 में जालंधर से लोकसभा चुनाव लड़ा था, तब वह 19 हजार मतों से कांग्रेस के चौधरी संतोख सिंह से हार गए थे।
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बंगा विधायक डॉ. सुखविंदर सुक्खी होंगे अकाली-बसपा उम्मीदवार, सुखबीर बादल ने किया नाम का एलान
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गठबंधन ने मंगलवार को अपने प्रत्याशी का एलान कर दिया है। अकाली दल ने बंगा से विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी को उम्मीदवार बनाया है। शिअद के विरुद्ध लहर के बावजूद सुखविंदर कुमार सुक्खी 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर चुके हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने यह एलान किया है।
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इसी साल जनवरी में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जालंधर से कांग्रेस सांसद संतोख सिंह चौधरी का निधन हो गया था। उनके निधन से खाली हुई इस सीट पर 10 मई को मतदान होगा। वहीं 13 मई को नतीजे आएंगे। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पहले ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। कांग्रेस से दिवंगत संतोख चौधरी की पत्नी करमजीत कौर और आप से पूर्व विधायक सुशील कुमार रिंकू मैदान में होंगे।
मंगलवार को जालंधर में प्रेसवार्ता में सुखबीर बादल ने सुक्खी के नाम की घोषणा की। इस दौरान पूर्व विधायक पवन कुमार टीनू, डॉ. दलजीत सिंह चीमा, पूर्व राज्यसभा सदस्य बलविंदर सिंह भूंदड़, बसपा के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी, पूर्व राज्यसभा सदस्य अवतार सिंह करीमपुरी, बसपा के वरिष्ठ नेता बलविंदर कुमार मौजूद रहे।
कौन हैं डॉ. सुक्खी
डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी का परिवार बसपा से जुड़ा रहा है। सुक्खी ने बसपा की टिकट से 2009 में चुनाव लड़ा था। बाद में उन्होंने बसपा छोड़कर अकाली दल का दामन थाम लिया था। 2017 में अकाली दल ने उनको प्रत्याशी बनाया तो उन्होंने बंगा विधानसभा हलका से जीत हासिल की। हालांकि अकाली दल व भाजपा गठजोड़ के खिलाफ सूबे में लहर चल रही थी। 2022 में अकाली दल के तीन विधायक ही पंजाब में चुनाव जीते थे। इनमें एक नाम सुखविंदर कुमार सुक्खी का है। सुक्खी ने बंगा विधानसभा से दूसरी बार जीत हासिल की है।
टीनू मांग रहे थे टिकट, लगा झटका
अकाली दल से दो बार विधायक रह चुके पवन कुमार टीनू टिकट मांग रहे थे लेकिन इस पर अकाली दल के भीतर गुटबाजी बन गई। बाद में अकाली दल छोड़कर गए पूर्व मंत्री सरवण सिंह फिल्लौर को पार्टी में दोबारा शामिल कर चुनाव लड़ाने पर मंथन हुआ तो उनके नाम पर पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया अड़ गए। लिहाजा सुखबीर बादल ने बंगा से विधायक के नाम की घोषणा कर गुटबाजी को विराम दिया।
शिअद अमृतसर ने भी घोषित किया प्रत्याशी
शिअद अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने अपने प्रत्याशी का एलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि गुरजंट सिंह कट्टू प्रत्याशी होंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद पंजाब के सिखों से वह खुद जाकर मुलाकात करेंगे। सांसद मान ने कहा कि पार्टी की पूरी लीडरशिप जालंधर उपचुनाव में प्रचार करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के सिख युवाओं पर केस दर्ज कर दूसरे राज्यों की जेलों में बंद करना गलत है। उन्होंने कहा कि वह जल्दी ही असम के मुख्यमंत्री को पूरे मामले के बारे में बताएंगे। उन्होंने कहा कि अदाणी ग्रुप ने देश का नुकसान किया है। इस बारे में पीएम मोदी को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।