{"_id":"6a892394885a3fe1de029dec","slug":"indian-students-in-canada-face-mounting-difficulties-concerns-over-work-permits-in-edmonton-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"कनाडा में भारतीय विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ीं: काम की अनुमति-आव्रजन स्थिति पर चिंता, एडमिंटन में उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कनाडा में भारतीय विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ीं: काम की अनुमति-आव्रजन स्थिति पर चिंता, एडमिंटन में उठे सवाल
Sat, 22 Aug 2026 09:51 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
Published by: Nivedita
Updated Sat, 22 Aug 2026 09:51 AM IST
सार
कनाडा के आव्रजन विभाग ने कहा कि काम की अनुमति की पात्रता के नियमों में बदलाव नहीं हुआ है। विभाग ने गैर-प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों से संबंधित मौजूदा पात्रता शर्तों को स्पष्ट किया है। पोर्टेज कॉलेज ने आव्रजन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कनाडा में पढ़ाई पूरी करने के बाद काम की अनुमति की मांग को लेकर भारतीय विद्यार्थियों, खासकर पंजाबियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। कैल्गरी में कनाडा सीमा सेवा एजेंसी की कार्रवाई के बाद अब एडमिंटन में भी सीमा अधिकारियों ने विद्यार्थियों से उनकी आव्रजन स्थिति को लेकर पूछताछ की है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, एडमिंटन में कम से कम सात पंजाबी युवाओं से सवाल किए गए। यह घटनाक्रम पोर्टेज कॉलेज से जुड़े विद्यार्थियों के काम की अनुमति विवाद के बीच सामने आया है जो कई सप्ताह से चल रहा है। विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्होंने ऐसे पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया था।
उन्हें उम्मीद थी कि पढ़ाई के बाद काम करने की अनुमति मिलेगी। पढ़ाई पूरी होने के बाद बड़ी संख्या में उनके आवेदन खारिज कर दिए गए। आवेदनों को यह कहते हुए खारिज किया गया कि संबंधित पाठ्यक्रम गैर-प्रमाणपत्र श्रेणी में आते हैं। विद्यार्थियों का सवाल है कि यदि ये पाठ्यक्रम पात्र नहीं थे तो दाखिले के समय उन्हें स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई। वे यह भी पूछते हैं कि पढ़ाई शुरू करते समय दी गई जानकारी से अलग नियम बाद में कैसे लागू किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
दूसरी ओर, कनाडा के आव्रजन विभाग ने कहा कि काम की अनुमति की पात्रता के नियमों में बदलाव नहीं हुआ है। विभाग ने गैर-प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों से संबंधित मौजूदा पात्रता शर्तों को स्पष्ट किया है। पोर्टेज कॉलेज ने आव्रजन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। कॉलेज ने विद्यार्थियों को अधिकृत विशेषज्ञों से सलाह लेने को भी कहा है।
कैलगरी में सीमा एजेंसी की कार्रवाई
इस विवाद ने तब नया मोड़ लिया जब 12 अगस्त को कैलगरी के सैडलटाउन इलाके में प्रदर्शन स्थल पर कनाडा सीमा सेवा एजेंसी के अधिकारी पहुंचे। एजेंसी के अनुसार, पुलिस के अनुरोध पर चार लोगों की आव्रजन स्थिति की जांच की गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कुल 20 लोगों की स्थिति जांची। जांच में 12 लोगों की स्थिति ऐसी पाई गई जिनके कनाडा में रहने को लेकर आगे जांच की जरूरत थी। इन लोगों को सीमा सेवा एजेंसी के कार्यालय में आगे की पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया। इस कार्रवाई के बाद कैलगरी का प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया।
एडमिंटन में पूछताछ और प्रदर्शन
कैलगरी की कार्रवाई के कुछ दिन बाद एडमिंटन के मिल वुड्स इलाके में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के बीच सीमा अधिकारियों के पहुंचने से चिंता बढ़ गई। रिपोर्टों के मुताबिक अधिकारियों ने वहां मौजूद विद्यार्थियों से उनकी आव्रजन स्थिति और कनाडा में रहने की वैधता को लेकर पूछताछ की।
एडमिंटन में विद्यार्थी जुलाई के अंत से काम की अनुमति नहीं मिलने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। भारी बारिश के बावजूद विद्यार्थियों ने धरना जारी रखा था। उनका कहना है कि उन्होंने कनाडा में पढ़ाई के लिए बड़ी रकम खर्च की पर अब काम का अवसर नहीं मिल रहा। कई मामलों में उन्हें कनाडा छोड़ने की समय सीमा भी मिल चुकी है।
विद्यार्थियों की मुख्य मांगें
विद्यार्थियों की मुख्य मांग है कि उनके काम की अनुमति के आवेदनों पर दोबारा विचार किया जाए। वे उन मामलों में राहत चाहते हैं, जहां उन्होंने दाखिले के समय पाठ्यक्रम को पात्र समझकर पढ़ाई की थी। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने पढ़ाई की फीस और रहने-खाने पर लाखों रुपये खर्च किए। काम की अनुमति नहीं मिलने से कनाडा में रहने का उनका कानूनी आधार कमजोर हो गया है। इसी मांग को लेकर पहले कैलगरी और फिर एडमिंटन में धरना और कुछ स्थानों पर भूख हड़ताल भी शुरू की गई थी। विद्यार्थी सरकार और आव्रजन अधिकारियों से स्पष्ट जवाब चाहते हैं।
विज्ञापन
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, एडमिंटन में कम से कम सात पंजाबी युवाओं से सवाल किए गए। यह घटनाक्रम पोर्टेज कॉलेज से जुड़े विद्यार्थियों के काम की अनुमति विवाद के बीच सामने आया है जो कई सप्ताह से चल रहा है। विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्होंने ऐसे पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया था।
विज्ञापन
उन्हें उम्मीद थी कि पढ़ाई के बाद काम करने की अनुमति मिलेगी। पढ़ाई पूरी होने के बाद बड़ी संख्या में उनके आवेदन खारिज कर दिए गए। आवेदनों को यह कहते हुए खारिज किया गया कि संबंधित पाठ्यक्रम गैर-प्रमाणपत्र श्रेणी में आते हैं। विद्यार्थियों का सवाल है कि यदि ये पाठ्यक्रम पात्र नहीं थे तो दाखिले के समय उन्हें स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई। वे यह भी पूछते हैं कि पढ़ाई शुरू करते समय दी गई जानकारी से अलग नियम बाद में कैसे लागू किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
दूसरी ओर, कनाडा के आव्रजन विभाग ने कहा कि काम की अनुमति की पात्रता के नियमों में बदलाव नहीं हुआ है। विभाग ने गैर-प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों से संबंधित मौजूदा पात्रता शर्तों को स्पष्ट किया है। पोर्टेज कॉलेज ने आव्रजन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। कॉलेज ने विद्यार्थियों को अधिकृत विशेषज्ञों से सलाह लेने को भी कहा है।
कैलगरी में सीमा एजेंसी की कार्रवाई
इस विवाद ने तब नया मोड़ लिया जब 12 अगस्त को कैलगरी के सैडलटाउन इलाके में प्रदर्शन स्थल पर कनाडा सीमा सेवा एजेंसी के अधिकारी पहुंचे। एजेंसी के अनुसार, पुलिस के अनुरोध पर चार लोगों की आव्रजन स्थिति की जांच की गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कुल 20 लोगों की स्थिति जांची। जांच में 12 लोगों की स्थिति ऐसी पाई गई जिनके कनाडा में रहने को लेकर आगे जांच की जरूरत थी। इन लोगों को सीमा सेवा एजेंसी के कार्यालय में आगे की पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया। इस कार्रवाई के बाद कैलगरी का प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया।
एडमिंटन में पूछताछ और प्रदर्शन
कैलगरी की कार्रवाई के कुछ दिन बाद एडमिंटन के मिल वुड्स इलाके में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के बीच सीमा अधिकारियों के पहुंचने से चिंता बढ़ गई। रिपोर्टों के मुताबिक अधिकारियों ने वहां मौजूद विद्यार्थियों से उनकी आव्रजन स्थिति और कनाडा में रहने की वैधता को लेकर पूछताछ की।
एडमिंटन में विद्यार्थी जुलाई के अंत से काम की अनुमति नहीं मिलने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। भारी बारिश के बावजूद विद्यार्थियों ने धरना जारी रखा था। उनका कहना है कि उन्होंने कनाडा में पढ़ाई के लिए बड़ी रकम खर्च की पर अब काम का अवसर नहीं मिल रहा। कई मामलों में उन्हें कनाडा छोड़ने की समय सीमा भी मिल चुकी है।
विद्यार्थियों की मुख्य मांगें
विद्यार्थियों की मुख्य मांग है कि उनके काम की अनुमति के आवेदनों पर दोबारा विचार किया जाए। वे उन मामलों में राहत चाहते हैं, जहां उन्होंने दाखिले के समय पाठ्यक्रम को पात्र समझकर पढ़ाई की थी। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने पढ़ाई की फीस और रहने-खाने पर लाखों रुपये खर्च किए। काम की अनुमति नहीं मिलने से कनाडा में रहने का उनका कानूनी आधार कमजोर हो गया है। इसी मांग को लेकर पहले कैलगरी और फिर एडमिंटन में धरना और कुछ स्थानों पर भूख हड़ताल भी शुरू की गई थी। विद्यार्थी सरकार और आव्रजन अधिकारियों से स्पष्ट जवाब चाहते हैं।