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Jalandhar News: रेलवे के पहले 750 वोल्ट बाह्य पावर सप्लाई सिस्टम का उद्घघाटन
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फोटो
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-डीजल की खपत में आएगी लगभग 12 लाख लीटर प्रति वर्ष की कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर। रेल डिवीजन फिरोजपुर में 750 वोल्ट बाह्य पावर सप्लाई सिस्टम का उद्घाटन डीआरएम संजय साहू ने किया। डीआरएम ने कहा कि फिरोजपुर मंडल की ओर से पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह अत्याधुनिक प्रणाली मेंटेनेंस व एलएचबी रेक्स की प्री-कूलिंग के लिए उपयोग में लाई जाएगी। यह उत्तर रेलवे का पहला 750 वोल्ट बाह्य पावर सप्लाई सिस्टम है जो पूर्णतः अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है। इसके माध्यम से वॉशिंग लाइन पर होने वाली खपत, अनुरक्षण और प्री-कूलिंग की स्थिति का आकलन किसी भी स्थान, जैसे कि डिपो, मंडल कार्यालय या प्रधान कार्यालय से मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से किया जा सकता है। इस प्रणाली से डीजल की खपत में लगभग 12 लाख लीटर प्रति वर्ष की कमी आएगी। इससे हर साल लगभग 11.5 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह पहल शून्य कार्बन रेलवे 2030 विजन को ध्यान में रखते हुए अपनाई गई है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और भारतीय रेलवे हरित ऊर्जा की ओर अग्रसर होगा। क्लाउड आधारित डेटा मॉनीटरिंग से परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी और डिजिटल इंडिया अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
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-डीजल की खपत में आएगी लगभग 12 लाख लीटर प्रति वर्ष की कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर। रेल डिवीजन फिरोजपुर में 750 वोल्ट बाह्य पावर सप्लाई सिस्टम का उद्घाटन डीआरएम संजय साहू ने किया। डीआरएम ने कहा कि फिरोजपुर मंडल की ओर से पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह अत्याधुनिक प्रणाली मेंटेनेंस व एलएचबी रेक्स की प्री-कूलिंग के लिए उपयोग में लाई जाएगी। यह उत्तर रेलवे का पहला 750 वोल्ट बाह्य पावर सप्लाई सिस्टम है जो पूर्णतः अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है। इसके माध्यम से वॉशिंग लाइन पर होने वाली खपत, अनुरक्षण और प्री-कूलिंग की स्थिति का आकलन किसी भी स्थान, जैसे कि डिपो, मंडल कार्यालय या प्रधान कार्यालय से मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से किया जा सकता है। इस प्रणाली से डीजल की खपत में लगभग 12 लाख लीटर प्रति वर्ष की कमी आएगी। इससे हर साल लगभग 11.5 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह पहल शून्य कार्बन रेलवे 2030 विजन को ध्यान में रखते हुए अपनाई गई है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और भारतीय रेलवे हरित ऊर्जा की ओर अग्रसर होगा। क्लाउड आधारित डेटा मॉनीटरिंग से परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी और डिजिटल इंडिया अभियान को भी मजबूती मिलेगी।