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पाकिस्तान में भगत सिंह फाउंडेशन चेयरमैन का अपहरण: भारत का एजेंट बता जान से मारने की धमकी, गंभीर चोटें आईं
Sat, 05 Sep 2026 08:54 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर
Published by: Nivedita
Updated Sat, 05 Sep 2026 08:54 AM IST
सार
इम्तियाज रशीद कुरैशी ने बताया कि वह रात करीब आठ बजे घर लौट रहे थे, तभी जैन मंदिर के पास एक कार में सवार तीन-चार लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि हथियारबंद लोगों ने उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बैठाया, आंखों पर पट्टी बांध दी और उनके साथ मारपीट की।
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इम्तियाज रशीद कुरैशी
- फोटो : संवाद
विस्तार
पाकिस्तान के भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के चेयरमैन इम्तियाज रशीद कुरैशी ने आरोप लगाया है कि बीती रात लाहौर में तीन-चार अज्ञात हथियारबंद लोगों ने उनका अपहरण कर लिया। कई घंटे तक बंधक बनाकर उनके साथ बुरी तरह मारपीट की। बाद में उन्हें शाहदरा के पास छोड़ दिया गया।
इम्तियाज रशीद कुरैशी ने बताया कि वह रात करीब आठ बजे घर लौट रहे थे, तभी जैन मंदिर के पास एक कार में सवार तीन-चार लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि हथियारबंद लोगों ने उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बैठाया, आंखों पर पट्टी बांध दी और उनके साथ मारपीट की। इस मारपीट में उनके सिर पर गहरी चोट लगी है और शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान हैं।
कुरैशी के अनुसार, हमलावरों ने उन्हें भगत सिंह से जुड़े उनके काम को लेकर धमकाया और उन पर भारत का एजेंट होने तथा विदेशी फंडिंग लेने के आरोप लगाए। हमलावरों ने उन्हें भगत सिंह से संबंधित गतिविधियां छोड़ने की चेतावनी दी और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी। कई घंटे तक बंधक बनाए रखने के बाद आरोपी उन्हें देर रात शाहदरा की तरफ ले गए और वहां छोड़कर फरार हो गए।
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'धमकियों से मिशन नहीं छोड़ूंगा'
इम्तियाज रशीद कुरैशी ने इस घटना को अपने खिलाफ डर पैदा करने और भगत सिंह के विचारों पर उनके काम को रोकने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि वह शांति, मानवता, सहिष्णुता और भारत-पाकिस्तान के लोगों के बीच आपसी संपर्क एवं दोस्ती के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि भगत सिंह का मिशन किसी एक व्यक्ति या संस्था का मिशन नहीं है, बल्कि यह शांति, मानवता, प्रेम और दोनों देशों के लोगों की दोस्ती की आवाज है।
कुरैशी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह धमकियों के कारण पाकिस्तान छोड़कर नहीं जाएंगे। उन्होंने पाकिस्तान सरकार, कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और मानवाधिकार संगठनों से इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने, आरोपियों की पहचान कर उन्हें कानून के कटघरे में लाने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि साहस, बलिदान, आजादी, शांति और मानवता के प्रतीक हैं और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का उनका प्रयास जारी रहेगा।
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इम्तियाज रशीद कुरैशी ने बताया कि वह रात करीब आठ बजे घर लौट रहे थे, तभी जैन मंदिर के पास एक कार में सवार तीन-चार लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि हथियारबंद लोगों ने उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बैठाया, आंखों पर पट्टी बांध दी और उनके साथ मारपीट की। इस मारपीट में उनके सिर पर गहरी चोट लगी है और शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान हैं।
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कुरैशी के अनुसार, हमलावरों ने उन्हें भगत सिंह से जुड़े उनके काम को लेकर धमकाया और उन पर भारत का एजेंट होने तथा विदेशी फंडिंग लेने के आरोप लगाए। हमलावरों ने उन्हें भगत सिंह से संबंधित गतिविधियां छोड़ने की चेतावनी दी और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी। कई घंटे तक बंधक बनाए रखने के बाद आरोपी उन्हें देर रात शाहदरा की तरफ ले गए और वहां छोड़कर फरार हो गए।
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'धमकियों से मिशन नहीं छोड़ूंगा'
इम्तियाज रशीद कुरैशी ने इस घटना को अपने खिलाफ डर पैदा करने और भगत सिंह के विचारों पर उनके काम को रोकने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि वह शांति, मानवता, सहिष्णुता और भारत-पाकिस्तान के लोगों के बीच आपसी संपर्क एवं दोस्ती के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि भगत सिंह का मिशन किसी एक व्यक्ति या संस्था का मिशन नहीं है, बल्कि यह शांति, मानवता, प्रेम और दोनों देशों के लोगों की दोस्ती की आवाज है।
कुरैशी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह धमकियों के कारण पाकिस्तान छोड़कर नहीं जाएंगे। उन्होंने पाकिस्तान सरकार, कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और मानवाधिकार संगठनों से इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने, आरोपियों की पहचान कर उन्हें कानून के कटघरे में लाने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि साहस, बलिदान, आजादी, शांति और मानवता के प्रतीक हैं और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का उनका प्रयास जारी रहेगा।