{"_id":"b9dcbdf1b6dd634a53c9faf4dce1b0b7","slug":"hibrid-car-for-handicapeds","type":"story","status":"publish","title_hn":"निशक्त लोगों के लिए बनाई हाइब्रिड कार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निशक्त लोगों के लिए बनाई हाइब्रिड कार
अमर उजाला ब्यूरो जालंधर
Updated Fri, 27 Dec 2013 04:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों ने निशक्त लोगों की ड्राइविंग में आने वाली परेशानियों को कम कर दिया है।
विद्यार्थियों ने ऐसे लोगों के लिए चाइना के मॉडल की कॉपी करते हुए भारत में पहली कार तैयार की है। इस कार को हाइब्रिड सोलर कार का नाम दिया गया है।
विद्यार्थियों का दावा है कि कार को चलाने के लिए निशक्त लोगों को किसी सहायता की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह आसानी से लंबी दूरी तय कर सकेंगे।
हाइब्रिड सोलर कार सौर ऊर्जा से चार्ज होने वाली बैटरी पर काम करती है। इस कार की विशेषता यह है कि इसका वजन बहुत कम है। पेट्रोल की खपत और प्रदूषण की समस्या नहीं है।
साथ ही सरल हाथ गेयर प्रणाली, आकर्षक डिजाइन, चलाने में आसान और कम लागत शामिल है। इस प्रोजेक्ट को बीटेक सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों चंचल, ज्योति, ब्यूटी कुमारी, दीपा, कमलेश, मोहम्मद फैशु और आलम ने तैयार किया है।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट की ग्रुप लीडर चंचल ने बताया कि कार को प्रोटोटाइप जंकयार्ड से बनाया गया है। इसमें मेकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स फॉर गेयर-पुली सिस्टम, मोटर्स, बैटरी, सौर पैनल और बॉडी फ्रेम शामिल हैं। यह कार 48 वॉल्ट बैटरी पर चलती है।
उनका कहना है कि कार चलाने के लिए एक ही हाथ में रेस, ब्रेक और स्टेयरिंग है। इससे इसे आसानी से चलाया जा सकता है। इसकी कीमत भी सात हजार रुपये है।
विद्यार्थियों की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काफी तेजी आई है।
विभिन्न प्रोटोटाइप डिजाइन को साइंस और रिसर्च मंच पर पेश किया गया है। सीटी ग्रुप का उद्देश्य थ्योरी और प्रेक्टिस के अंतर को कम करना है। ऐसे प्रोजेक्ट समाज के लिए फायदेमंद साबित होंगे।
विज्ञापन
विद्यार्थियों ने ऐसे लोगों के लिए चाइना के मॉडल की कॉपी करते हुए भारत में पहली कार तैयार की है। इस कार को हाइब्रिड सोलर कार का नाम दिया गया है।
विद्यार्थियों का दावा है कि कार को चलाने के लिए निशक्त लोगों को किसी सहायता की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह आसानी से लंबी दूरी तय कर सकेंगे।
हाइब्रिड सोलर कार सौर ऊर्जा से चार्ज होने वाली बैटरी पर काम करती है। इस कार की विशेषता यह है कि इसका वजन बहुत कम है। पेट्रोल की खपत और प्रदूषण की समस्या नहीं है।
विज्ञापन
साथ ही सरल हाथ गेयर प्रणाली, आकर्षक डिजाइन, चलाने में आसान और कम लागत शामिल है। इस प्रोजेक्ट को बीटेक सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों चंचल, ज्योति, ब्यूटी कुमारी, दीपा, कमलेश, मोहम्मद फैशु और आलम ने तैयार किया है।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट की ग्रुप लीडर चंचल ने बताया कि कार को प्रोटोटाइप जंकयार्ड से बनाया गया है। इसमें मेकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स फॉर गेयर-पुली सिस्टम, मोटर्स, बैटरी, सौर पैनल और बॉडी फ्रेम शामिल हैं। यह कार 48 वॉल्ट बैटरी पर चलती है।
उनका कहना है कि कार चलाने के लिए एक ही हाथ में रेस, ब्रेक और स्टेयरिंग है। इससे इसे आसानी से चलाया जा सकता है। इसकी कीमत भी सात हजार रुपये है।
विद्यार्थियों की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काफी तेजी आई है।
विभिन्न प्रोटोटाइप डिजाइन को साइंस और रिसर्च मंच पर पेश किया गया है। सीटी ग्रुप का उद्देश्य थ्योरी और प्रेक्टिस के अंतर को कम करना है। ऐसे प्रोजेक्ट समाज के लिए फायदेमंद साबित होंगे।