{"_id":"543f805fe817aeb430a577ae3635aadf","slug":"fixed-rate-in-jail-bhukki-prison-supritedent-barnala","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल में हर नशे के रेट तय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल में हर नशे के रेट तय
बरनाला।
Updated Thu, 19 Jun 2014 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश की जेलों में नशे की तस्करी खुलेआम होती है। यह आरोप जेल में सजा काटकर आए कैदियों ने लगाए हैं। हालांकि अधिकारी इन आरोपों को सिरे से नकार रहे हैं।
बरनाला सब जेल से कुछ दिन पहले सजा काटकर लौटे हरदेव सिंह ने बताया कि जेल हर तरह का नशा आसानी से मिल जाता है। इनके रेट फिक्स हैं। जर्दे की पुड़िया 100 रुपये में मिलती है। भुक्की पहुंचाने के लिए एक से दो हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। यही नहीं जेल में नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी पहुंच रही हैं। दरबारा सिंह ने बताया जेल में आपके हर आराम की भी व्यवस्था है।
बस इसके लिए आपको कीमत चुकानी होगी। आप अकेले रहना चाहते हैं तो आपके लिए अलग से व्यवस्था कर दी जाएगी। वहीं जरनैल सिंह का कहना है कि वैसे तो जेल में मुलाकात नहीं करवाई जाती लेकिन रिश्वत देकर छुट्टी वाले दिन और रविवार को भी मुलाकात आराम से की जा सकती है।
विज्ञापन
उसने बताया कि आम दिन में मुलाकात के लिए 200 रुपये, स्पेशल मुलाकात करवाने के 300 रुपये और छुट्टी वाले दिन या रविवार को मुलाकात करवाने के 500 रुपये लिए जाते हैं। मुख्तियार सिंह ने बताया यदि सेवाएं लेने के बाद पैसे नहीं दिए जाते हैं तो आपको चक्कियों में बंद कर दिया जाता है। महीने बाद उन्हें वहां से निकाला जाता है। बघेल सिंह ने बताया कि जेल में कई कैदी, हवालाती तो जेल पुलिस की लापरवाही के कारण ही मर जाते हैं।
उन्हें समय से अस्पताल हीं पहुंचाया जाता। मदन लाल ने बताया कि इसके आलावा पहुंच वाले कैदियों और हवालातियों को जेल सुपरिटेडेंट ने चक्कियां किराए पर दी हुई हैं। इनसे जेल सुुपरिटेडेंट किराया बटोरते हैं। वहीं कमजोर वर्ग के कैदी, हवालातियों को एक ही बैरक में बड़ी संख्या में ठूस दिया जाता है। जेल में कैदियों की संख्या भी क्षमता से ज्यादा है। जीवन लाल ने बताया कि आप जेल से कभी भी और कहीं भी फोन कर सकते हैं। कई कैदियों के पास तो हाइटेक मोबाइल हैं जिनमें नेट की भी सुविधा है।
विज्ञापन
बरनाला सब जेल से कुछ दिन पहले सजा काटकर लौटे हरदेव सिंह ने बताया कि जेल हर तरह का नशा आसानी से मिल जाता है। इनके रेट फिक्स हैं। जर्दे की पुड़िया 100 रुपये में मिलती है। भुक्की पहुंचाने के लिए एक से दो हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। यही नहीं जेल में नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी पहुंच रही हैं। दरबारा सिंह ने बताया जेल में आपके हर आराम की भी व्यवस्था है।
विज्ञापन
बस इसके लिए आपको कीमत चुकानी होगी। आप अकेले रहना चाहते हैं तो आपके लिए अलग से व्यवस्था कर दी जाएगी। वहीं जरनैल सिंह का कहना है कि वैसे तो जेल में मुलाकात नहीं करवाई जाती लेकिन रिश्वत देकर छुट्टी वाले दिन और रविवार को भी मुलाकात आराम से की जा सकती है।
विज्ञापन
उसने बताया कि आम दिन में मुलाकात के लिए 200 रुपये, स्पेशल मुलाकात करवाने के 300 रुपये और छुट्टी वाले दिन या रविवार को मुलाकात करवाने के 500 रुपये लिए जाते हैं। मुख्तियार सिंह ने बताया यदि सेवाएं लेने के बाद पैसे नहीं दिए जाते हैं तो आपको चक्कियों में बंद कर दिया जाता है। महीने बाद उन्हें वहां से निकाला जाता है। बघेल सिंह ने बताया कि जेल में कई कैदी, हवालाती तो जेल पुलिस की लापरवाही के कारण ही मर जाते हैं।
उन्हें समय से अस्पताल हीं पहुंचाया जाता। मदन लाल ने बताया कि इसके आलावा पहुंच वाले कैदियों और हवालातियों को जेल सुपरिटेडेंट ने चक्कियां किराए पर दी हुई हैं। इनसे जेल सुुपरिटेडेंट किराया बटोरते हैं। वहीं कमजोर वर्ग के कैदी, हवालातियों को एक ही बैरक में बड़ी संख्या में ठूस दिया जाता है। जेल में कैदियों की संख्या भी क्षमता से ज्यादा है। जीवन लाल ने बताया कि आप जेल से कभी भी और कहीं भी फोन कर सकते हैं। कई कैदियों के पास तो हाइटेक मोबाइल हैं जिनमें नेट की भी सुविधा है।