रेलकोच फैक्ट्री कपूरथला ने बनाया दुनिया का पहला पोस्ट कोविड कोच, पढ़ें- खासियतें
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रेल कोच फैक्ट्री ने दुनिया की पहली ऐसी ट्रेन तैयार की है, जिसमें बाजू से खुलने वाले दरवाजे, हैंड फ्री वॉश बेसिन, फुट ऑपरेटेड बाथरूम और प्लाज्मा आयोनाइजर से लैस एसी डक्ट से गुजरकर कर ठंडी हवा रेलवे यात्रियों को गर्मी से राहत पहुंचाएगी। आरसीएफ कपूरथला ने करीब 2.5 करोड़ प्रति कोच की लागत वाले दो एसी और दो नॉन एसी पोस्ट कोविड कोच तैयार किए हैं। इनमें कोविड के मद्देनजर चार फीचर्स में बदलाव किया गया है। इन कोच को आरसीएफ के महाप्रबंधक रवींद्र गुप्ता ने उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर के लिए रवाना किए हैं।
जीएम रवींद्र गुप्ता ने बताया कि इनमें विशेष रूप से डिजाइन किए गए पोस्ट कोविड कोचों में कोविड-19 के मद्देनजर डिजाइन में कई सुधार करके बदलाव किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए कई हैंड्स फ्री सुविधाओं को शामिल किया गया है, जिसमें शौचालय के अंदर वॉश बेसिन पर फुट ऑपरेटेड नल और साबुन के डिस्पेंसर शामिल हैं।
वायरस के खतरों को रोकने के लिए लेवोटरी डोर, कंपार्टमेंट डोर, फ्लश वॉल्व पर फुट ऑपरेटेड सुविधा का प्रावधान किया गया है। बाजू से खोलने के लिए एसी के कंपार्टमेंट डिब्बों में विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि सभी कोचों में कॉपर कोटेड हैंडल, चिटकनी और कुंडी लगाए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि कॉपर में एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं और इसलिए यह कुछ ही घंटों में इस पर लगे वायरस को खत्म कर देते हैं। इसके अलावा प्लाज्मा आयोनाइजर एयर उपकरणों का प्रावधान एसी कोचों के एसी डक्ट में किया गया है जिससे हवा डिसइंफेक्ट व फिल्टर होकर ही कोच के अंदर दाखिल होगी, जो कोचों को कोविड -19 से बचाता है।
जीएम ने बताया कि इन पोस्ट कोविड कोचों के अंदर टाइटेनियम डाइऑक्साइड की नैनो कोटिंग की गई है, जो पर्यावरण के अनुकूल जल आधारित कोटिंग है और वायरस, बैक्टीरिया, मोल्ड और फंगल विकास को समाप्त करती है और अधिक महत्वपूर्ण रूप से इनडोर वायु की गुणवत्ता को बढ़ाती है।
टाइटेनियम डाइऑक्साइड एक सुरक्षित पदार्थ माना जाता है और इंसान के लिए सेफ है। यह कोटिंग हर उस जगह, वॉशबेसिन, लैवेटरी, सीट और बर्थ, स्नैक टेबल, ग्लास विंडो, फ्लोर और अन्य सतह, पर की गई है जो इंसान के संपर्क में आती हैं। वहीं कोच में कई स्थानों पर कोविड से बचाव व सावधानियों को दर्शाते स्टिकर लगाए गए हैं।
उन्होंने दावा किया ये कोच बेशक रेल यात्रियों में बिना खौफ के रेल यात्रा करने का आत्मविश्वास पैदा करेंगे और कोरोना के घातक खतरे से लड़ने में मदद करने को पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने दुनिया में ऐसी पहली ट्रेन बनाने का भी दावा किया है।