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खेत मजदूर यूनियन ने जाम किया हाईवे
ब्यूरो,अमर उजाला/(लंबी/मुक्तसर)
Updated Sat, 17 Sep 2016 10:17 PM IST
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लंबी में सरकार की अर्थी फूंकती हुई खेत मजदूर महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब खेत मजदूर यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पैतृक हलके लंबी में तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन के आखिरी दिन शनिवार को एनएच पर करीब डेढ़ घंटा जाम लगाया गया।
प्रदेश अध्यक्ष जोरा सिंह नसराली, लक्ष्मण सिंह सेवेवाला, हरमेश मालड़ी ने सरकार और प्रशासन के खेत मजदूरों के प्रति अपनाए जा रहे अड़ियल रवैए की आलोचना करते हुए कहा कि आगामी समय में हर गांव में शिअद सरकार व बादल परिवार के लिए संघर्ष का अखाड़ा बना नजर आएगा। यह सरकार जागीरदारों और सूदखोरों की सरकार है।
अकाली सरकार खेत मजदूरों, किसानों और मेहनतकश लोगों की दुश्मन है। खुदकुशी पीड़ितों को तुरंत मुआवजा देने की मांग मंजूर कर लिए जाने के बावजूद मजदूरों व किसानों को कुछ नहीं मिल पाया। बादल सरकार मनरेगा के प्रति भी गंभीर नहीं है। इस कारण मजदूरों के किए कार्य के करोड़ों रुपये राज्य सरकार खुद डकार जाना चाहती है। मौके पर प्रदेश नेता बलवंत सिंह बाघापुराना, हरभगवान सिंह मूनक, मेजर सिंह कालीके, गुरजंट सिंह साउंके, गुरमेल कौर, होशियार सिंह, सेवक सिंह, हेमराज बादल उपस्थित थे। प्रशासन की ओर से मजदूरों को 20 सितंबर को सुबह दस बजे चंडीगढ़ में बैठक के लिए समय दिए जाने पर यह प्रदर्शन खत्म हुआ।
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प्रदेश अध्यक्ष जोरा सिंह नसराली, लक्ष्मण सिंह सेवेवाला, हरमेश मालड़ी ने सरकार और प्रशासन के खेत मजदूरों के प्रति अपनाए जा रहे अड़ियल रवैए की आलोचना करते हुए कहा कि आगामी समय में हर गांव में शिअद सरकार व बादल परिवार के लिए संघर्ष का अखाड़ा बना नजर आएगा। यह सरकार जागीरदारों और सूदखोरों की सरकार है।
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अकाली सरकार खेत मजदूरों, किसानों और मेहनतकश लोगों की दुश्मन है। खुदकुशी पीड़ितों को तुरंत मुआवजा देने की मांग मंजूर कर लिए जाने के बावजूद मजदूरों व किसानों को कुछ नहीं मिल पाया। बादल सरकार मनरेगा के प्रति भी गंभीर नहीं है। इस कारण मजदूरों के किए कार्य के करोड़ों रुपये राज्य सरकार खुद डकार जाना चाहती है। मौके पर प्रदेश नेता बलवंत सिंह बाघापुराना, हरभगवान सिंह मूनक, मेजर सिंह कालीके, गुरजंट सिंह साउंके, गुरमेल कौर, होशियार सिंह, सेवक सिंह, हेमराज बादल उपस्थित थे। प्रशासन की ओर से मजदूरों को 20 सितंबर को सुबह दस बजे चंडीगढ़ में बैठक के लिए समय दिए जाने पर यह प्रदर्शन खत्म हुआ।
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