फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   Expert View on Condition of Drugs in Punjab 

रिपोर्ट में खुलासा: पंजाब में 30 लाख लोग नशे में लिप्त... ‘धरती’ से लेकर ‘उड़ता पंजाब’ तक पहुंचा प्रदेश

Sat, 23 Apr 2022 04:56 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 23 Apr 2022 04:56 PM IST
सार

पंजाब पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है और 553 किलोमीटर की सीमा सूबे से लगती है। हेरोइन व नशे का धंधा 15 सालों से पाकिस्तान की तरफ से बढ़ा है।

विज्ञापन
Expert View on Condition of Drugs in Punjab 
डॉ. जसबीर कौर - फोटो : फाइल

विस्तार

पिछले माह पंजाब में नशे को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च के शोध के मुताबिक राज्य में 30 लाख से ज्यादा लोग नशा करते रहे हैं। इसमें 10 लाख लोग तो चिट्टा व मेडिकल नशे का शिकार हैं। पहले स्मैक का नशा होता था, फिर हेरोइन और आइस का शुरू हो गया। 2014 की बात अभी याद है कि केंद्र सरकार जब सूबा सरकार को नशे पर जवाब मांगती तो स्थानीय सियासतदान का उत्तर होता था कि केंद्र सरकार पंजाब को बदनाम कर रही है। नशे के मामले में राजनीति अधिक हुई, जमीनी काम कम। पंजाब के युवा करीब एक दिन में ड्रग्स पर करीब 17 करोड़ रुपये खर्च करते हैं यानी युवा एक महीने में करीब 6500 करोड़ रुपये ड्रग्स पर लुटा रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पंजाब में नशे के व्यापार का आकार कितना बड़ा होगा। 

विज्ञापन


कई बार मन होता है तो पंजाबी फिल्म ‘धरती’ के गाने सुनती हूं तो नाज होता है अपने पंजाब पर। पंजाब की धरती जिसने पूरे देश को अन्न दिया। पंजाब का नाम पूरे विश्व में अदब से लिया जाता था। अतीत की एक बात बोलूं कि पंजाब के किसानों को विश्व में बुलाया जाता था कि यहां पर आकर खेतीबाड़ी करो। अभी भी बड़े विकसित देशों में अधिकतर किसान पंजाबी मूल के लोग हैं, लेकिन कुछ ही देर में सब एक सपने जैसा लगने लगता है। क्योंकि जिस दौर का गुणगान गाने में हो रहा है वो बीत चुका है। अब उसी पंजाब पर उड़ता पंजाब फिल्म बन रही है, पूरे विश्व में पंजाब बदनाम सा हो गया है। यह बदनामी नशे ने दी है, जिसका दाग मिट नहीं रहा है। 
विज्ञापन


पंजाब तो गबरूओं की धरती माना जाता है और यहां के कबड्डी खिलाड़ियों का डंका पूरे विश्व में बजता था। मुझे सात साल पहले एक रिपोर्ट भी याद आ गई है कि कैसे एक खाड़ी देश ने पंजाब के युवाओं को वीजा देना बंद कर दिया था क्योंकि परिवार वाले नशे में ग्रस्त अपने बच्चे को 30-40 हजार खर्च कर श्रमिक की नौकरी पर खाड़ी देशों में भेज रहे थे और वहां पर नशा न मिलने के कारण पंजाबी युवा काफी शोर शराबा करने लगे थे। इसे चार सप्ताह में खत्म करने के चक्कर में पंजाब में कैप्टन सरकार हाशिए पर चली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछल साल का एक किस्सा याद आ गया, केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से 17 मार्च को पंजाब सरकार को लिखे पत्र में दावा किया गया कि 2019 और 2020 में पंजाब के सरहदी जिलों में 58 लोगों ने बताया था कि वे पंजाब के किसानों के पास बंधुआ मजदूर के तौर पर काम कर रहे थे। पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लिखा था गैर-कानूनी मानव तस्करी सिंडीकेट भोले-भाले मजदूरों का शोषण करते हैं और पंजाबी किसान उनसे अपने खेतों में घंटों काम करवाने के लिए उनको नशा देते हैं। लेकिन पंजाब सरकार ने दावा किया कि बीएसएफ ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है। पंजाब पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है और 553 किलोमीटर की सीमा सूबे से लगती है। हेरोइन व नशे का धंधा 15 सालों से पाकिस्तान की तरफ से बढ़ा है। रोजाना खबरें आ रही हैं कि पाक सीमा पर हेरोइन की खेप बरामद, यानी दुश्मन देश भी पंजाब को खोखला कर रहा है। 


मैंने लंबे समय तक नशा छुड़ाओ केंद्र पर बतौर मनोवैज्ञानिक अपनी सेवाएं दी हैं, रोजाना नशे के आदी युवाओं से काउंसलिंग करते हुए कई बार पैरों तले से जमीन खिसकने वाले किस्से सामने आ जाते थे। यकीन मानिए कई बार पोस्ट ग्रेजुएट चिकित्सक से लेकर शिक्षक और इंजीनियर तक नशे की गिरफ्त में इलाज करवाने के लिए आते थे। अभी तक हजारों लोगों को नशे की दलदल से निकालने के लिए काउंसलिंग की है लेकिन एक बात लगातार सामने आती रही कि नशा आसानी से उपलब्ध होता है, इसलिए तनाव या डिप्रेशन कम करने के लिए नशा लेना शुरू कर दिया। जमीनी स्तर पर हालात सुधारने की जरूरत है और इसको एक जंग के तौर पर लेना होगा वरना पंजाब दिन प्रतिदिन खोखला होता जा रहा है और इसको बचाना मुश्किल होगा।

- डॉ. जसबीर कौर ऋषि
(लेखिका डीएवी यूनिवर्सिटी की चांसलर हैं और जानी मानी मनोवैज्ञानिक हैं)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed