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What is Dunki: राहुल गांधी के बयान से सुर्खियों में आया 'डंकी रूट', जानें पंजाब में कैसे सजा इसका बाजार

Thu, 26 Sep 2024 03:21 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 26 Sep 2024 03:21 PM IST
सार

हरियाणा में विधानसभा चुनाव प्रचार के दाैरान कुछ दिन पहले राहुल गांधी करनाल के गांव पहुंचे थे। वे यहां के एक युवक के परिवार से मिले जो डंकी रूट से अमेरिका गया था। इसके बाद उन्होंने इस बारे में एक्स पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर तंज कसा था। 

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dunki visa illegally human trafficking
अमेरिकी वीजा - फोटो : एएनआई

विस्तार

कनाडा में वीजा की सख्ती के बाद धंधेबाजरों ने अवैध मानव तस्करी के बाजार को फिर से गर्म कर दिया है। धंधेबाज 50-50 लाख रुपये लेकर डंकी वीजा से युवाओं को अमेरिका में अवैध रूप से दाखिला करवा रहे हैं। पंजाब खासकर जालंधर में बाजार में माफिया पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है और युवाओं को जाल में फंसाकर अवैध मानव तस्करी तेज कर दी गई है।

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क्या होता है डंकी रूट

ट्रैवल एजेंट भारतीयों को दिल्ली से सर्बिया के लिए सीधी उड़ान भरते थे और बेलग्रेड में उतरते थे। इसके बाद उन्हें हंगरी और हंगरी से ऑस्ट्रिया ले जाते थे। ऑस्ट्रिया की सीमा इटली, स्विट्जरलैंड और जर्मनी के साथ लगती है। भारतीय अवैध तौर पर वहां पहुंच जाते थे और इसी यात्रा को डंकी रूट कहा जाता है। यहां से मैक्सिको की सीमा क्रॉस कर अमेरिका में दाखिल किया जाता है।

दूसरा रास्ता सर्बिया से निकलता है। अवैध यात्रा को देखते हुए ही सर्बिया ने एक जनवरी 2023 से भारतीयों के लिए वीजा मुक्त यात्रा बंद कर दी। पिछले साल दिसंबर तक भारतीय बिना वीजा के सर्बिया जा सकते थे और वहां 30 दिन तक रह सकते थे। सर्बिया के रास्ते भारतीय अवैध तौर पर यूरोपीय देश में चले जाते थे। डंकी रूट के जरिए भारत से अमेरिका तक पहुंचाने का सारा काम अवैध और गैरकानूनी होता है। इस तरीके से अमेरिका पहुंचने में दिन नहीं, बल्कि कई हफ्ते या महीने लग जाते हैं। ऐसे तरीके से अमेरिका पहुंचाने में मदद करने वाले तस्कर भी मोटी रकम वसूलते हैं। इसमें एक तरह से पूरा कार्टल या नेटवर्क काम करता है।

इसमें लोग भारत से अमेरिका सीधे नहीं पहुंचते हैं। बल्कि, कई देशों से होते हुए पहुंचते हैं।पहले मिडिल ईस्ट या यूरोप के किसी देश में ले जाया जाता है। फिर यहां से अगला पड़ाव अफ्रीका या साउथ अमेरिका होता है। उसके बाद यहां से साउथ मेक्सिको। फिर साउथ मेक्सिको से नॉर्थ मेक्सिको। और आखिर में मेक्सिको बॉर्डर से अमेरिका तक। इसके लिए पूरा खर्च 50 लाख रुपये लिया जाता है। एक आंकड़े के मुताबिक 2023 से जुलाई 2024 तक 17 हजार 774 भारतीय अमेरिका सीमा में क्रॉस करते धरे गए हैं।

पंजाब हरियाणा में फैला नेटवर्क

जालंधर में बस स्टैंड के सामने एक लंबे कद का कपूरथला के बेगोवाल इलाके का रहने वाला किंगपिन है। जिसने पूरे पंजाब व हरियाणा में अपने सब एजेंटों को छोड़ रखा है। सारा धंधा जालंधर से चलने लगा है और एक एक युवक से 50-50 लाख लिए जा रहे हैं। जालंधर से लेकर चंडीगढ़ तक के पुलिस अधिकारी इस अवैध मानव तस्करी के धंधे में आंके मूंदकर बैठे हैं।

पंजाबी से अवैध मानव तस्करी

35 साल के सुखजिंदर भी अपने जैसे लाखों नौजवानों की तरह अमेरिका जाकर बेहतर जिंदगी जीने का ख़्वाब देखते थे, लेकिन अब कोई अमेरिका का नाम भी ले तो वे सिहर उठते हैं। तरनतारन के रहने वाले सुखजिंदर का परिचय एक रिश्तेदार ने बाली में रहने वाले सनी कुमार नाम के युवक स करवाया। सुखजिंदर की मानें तो सनी कुमार ने उन्हें मैक्सिको के रास्ते अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचाने का भरोसा दिलाया। सुखजिंदर को बाली ले गए। बाली पहुंचने पर सनी कुमार ने सुखजिंदर को एक घर में ले गया और कैद कर लिया। करीब 23 दिन तक बंदी बनाए रखा गया।

सुखजिंदर के मुताबिक यहां उन्हें इस कदर पीटा गया कि आखिर उन्हें घरवालों से झूठ बोलना पड़ा कि वो अमेरिका पहुंच गए हैं और सनी को 45 लाख दे दिए जाएं। 45 लाख गंवाने के बाद उनका अमेरिका का सपना तो चूर हुआ ही, घर भी वो काफी मशक्कत के बाद पहुंच सके। यह सारा खेल जालंधर के एजेंट ने खेला था।
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