{"_id":"623782db48863e19243f129b","slug":"dogra-ruler-maharaja-gulab-singh-is-invaluable-heritage-of-jammu-and-kashmir-dr-rana-pathankot-news-pkl445199592","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर की अमूल्य धरोहर हैं डोगरा शासक महाराजा गुलाब सिंह : डॉ. राणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर की अमूल्य धरोहर हैं डोगरा शासक महाराजा गुलाब सिंह : डॉ. राणा
विज्ञापन
पठानकोट। जम्मू-कश्मीर की सरहद को तिब्बत व लद्दाख तक विस्तार देने वाले तथा जम्मू-कश्मीर के संस्थापक डोगरा शासक महाराजा गुलाब सिंह की कांस्य की 20 फुट ऊंची विशाल प्रतिमा का अनावरण रविवार को पठानकोट माधोपुर से सटे जम्मू-कश्मीर प्रवेश द्वार लखनपुर में प्रधानमंत्री कार्यालय से आए डॉ. जतिंदर सिंह राणा ने किया। सर्वप्रथम अनावरण समारोह के मुख्यातिथि केंद्रीय मंत्री डॉ. जतिंदर सिंह राणा ने महाराजा गुलाब सिंह की प्रतिमा का पदार्पण कर समारोह का आगाज किया।
डॉ. जतिंदर राणा ने कहा कि महाराजा गुलाब सिंह जम्मू-कश्मीर की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने धरती का स्वर्ग कहे जाने वाला जम्मू-कश्मीर हमें विरासत में दिया। इसलिए हम सब का यह फर्ज है कि इस बहुमूल्य धरोहर को अपने दिलों में संजोकर रखें और युवा पीढ़ी को डोगरा के गौरवशाली इतिहास के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को अस्तित्व में लाने वाले डोगरा शासक महाराजा गुलाब सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ है, उसके लिए वह खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के कोने-कोने से जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने वाले यात्री इस महान विभूति के दर्शन करके राज्य में प्रवेश करेंगे और हम इस स्थान का भव्य नवीनीकरण करवाएंगे, ताकि यह पावन जगह एक दर्शनस्थल बन सके।
वहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि महाराजा गुलाब सिंह की शूरवीरता व आदर्श हर भारतवासी के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की सीमा का तिब्बत व लद्दाख तक विस्तार किया। उन्होंने कहा कि महाराजा गुलाब सिंह जी की एक प्रतिमा जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में लगी है, अब दूसरी प्रतिमा पीओके में लगेगी और वहां तिरंगा भी फहराया जायेगा, क्योंकि पीओके भी जम्मू-कश्मीर का ही अभिन्न अंग है।
विज्ञापन
हर देशवासी को आगे आना होगा : कुंवर विक्की
कार्यक्रम में विशेष तौर पर पहुंचे शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने कहा कि जम्मू-कश्मीर जिसे भारत का मुकुट कहा जाता है और यह मुकुट महाराजा गुलाब सिंह जी ने हमें विरासत के रूप में दिया, इसलिए इसकी चमक को बरकरार रखने के लिए हर देशवासी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के संस्थापक महाराजा गुलाब सिंह की प्रतिमा लगवाने के लिए जहां के हर नागरिक को काफी संघर्ष करना पड़ा और जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पंजाब के हर वर्ग के लोगों की भी यह चिरलंबित मांग थी कि जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार पर महाराजा गुलाब सिंह की प्रतिमा लगे। आज सरकार ने यह प्रतिमा यहां लगवाकर करोड़ों लोगों की भावनाओं का सम्मान किया है, इस के लिये हम सरकार के आभारी हैं। राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना जम्मू-कश्मीर के सीनियर उपप्रधान बबलू जसरोटिया ने बताया कि इस प्रतिमा पर 75 लाख रुपये खर्च हुए हैं, जबकि इसे लगाने के लिए बने प्लेटफार्म व इसके नवीनीकरण पर भी लगभग 75 लाख खर्च हो चुके हैं। इस अवसर महाराजा गुलाब सिंह के वंशज पूर्व मंत्री अजात शत्रु, सुजानपुर के पूर्व विधायक ठाकुर दिनेश सिंह बब्बू, आप नेता ठाकुर साहबसिंह साबा, परिषद के प्रेस सचिव बिट्टा काटल, राजपूत महासभा पठानकोट के महासचिव कुंवर शमशेर सिंह बिट्टू, लखनपुर नगर कौंसल के प्रधान अनिल सिंह उपस्थित थे।
विज्ञापन
डॉ. जतिंदर राणा ने कहा कि महाराजा गुलाब सिंह जम्मू-कश्मीर की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने धरती का स्वर्ग कहे जाने वाला जम्मू-कश्मीर हमें विरासत में दिया। इसलिए हम सब का यह फर्ज है कि इस बहुमूल्य धरोहर को अपने दिलों में संजोकर रखें और युवा पीढ़ी को डोगरा के गौरवशाली इतिहास के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को अस्तित्व में लाने वाले डोगरा शासक महाराजा गुलाब सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ है, उसके लिए वह खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के कोने-कोने से जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने वाले यात्री इस महान विभूति के दर्शन करके राज्य में प्रवेश करेंगे और हम इस स्थान का भव्य नवीनीकरण करवाएंगे, ताकि यह पावन जगह एक दर्शनस्थल बन सके।
विज्ञापन
वहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि महाराजा गुलाब सिंह की शूरवीरता व आदर्श हर भारतवासी के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की सीमा का तिब्बत व लद्दाख तक विस्तार किया। उन्होंने कहा कि महाराजा गुलाब सिंह जी की एक प्रतिमा जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में लगी है, अब दूसरी प्रतिमा पीओके में लगेगी और वहां तिरंगा भी फहराया जायेगा, क्योंकि पीओके भी जम्मू-कश्मीर का ही अभिन्न अंग है।
विज्ञापन
हर देशवासी को आगे आना होगा : कुंवर विक्की
कार्यक्रम में विशेष तौर पर पहुंचे शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने कहा कि जम्मू-कश्मीर जिसे भारत का मुकुट कहा जाता है और यह मुकुट महाराजा गुलाब सिंह जी ने हमें विरासत के रूप में दिया, इसलिए इसकी चमक को बरकरार रखने के लिए हर देशवासी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के संस्थापक महाराजा गुलाब सिंह की प्रतिमा लगवाने के लिए जहां के हर नागरिक को काफी संघर्ष करना पड़ा और जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पंजाब के हर वर्ग के लोगों की भी यह चिरलंबित मांग थी कि जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार पर महाराजा गुलाब सिंह की प्रतिमा लगे। आज सरकार ने यह प्रतिमा यहां लगवाकर करोड़ों लोगों की भावनाओं का सम्मान किया है, इस के लिये हम सरकार के आभारी हैं। राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना जम्मू-कश्मीर के सीनियर उपप्रधान बबलू जसरोटिया ने बताया कि इस प्रतिमा पर 75 लाख रुपये खर्च हुए हैं, जबकि इसे लगाने के लिए बने प्लेटफार्म व इसके नवीनीकरण पर भी लगभग 75 लाख खर्च हो चुके हैं। इस अवसर महाराजा गुलाब सिंह के वंशज पूर्व मंत्री अजात शत्रु, सुजानपुर के पूर्व विधायक ठाकुर दिनेश सिंह बब्बू, आप नेता ठाकुर साहबसिंह साबा, परिषद के प्रेस सचिव बिट्टा काटल, राजपूत महासभा पठानकोट के महासचिव कुंवर शमशेर सिंह बिट्टू, लखनपुर नगर कौंसल के प्रधान अनिल सिंह उपस्थित थे।