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तीन एकड़ में बनेगा दिव्य दर्शन भवन, नूरमहल में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान में बनेगा भवन
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जालंधर। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान सत्संग आश्रम नूरमहल में दिव्य दर्शन भवन का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यह भवन तीन एकड़ में तैयार किया जा रहा है। स्वामी सज्जानंद ने बताया कि दिसम्बर 2022 तक निर्माण कार्य सम्पन्न हो जाएगा।
स्वामी विश्वानंद और स्वामी सज्जनानंद ने बताया कि शांत प्राकृतिक परिवेश भवन की भव्यता को चार चांद लगाएगा। इस भवन में प्रवेश करने के लिए दो द्वार होंगे। भवन का बाहरी उद्यान पूरा हरा भरा होगा। इस उद्यान का आकर्षण होगी ध्यान साधना में लीन ब्रह्म ज्ञानी साधक की प्रतिमा होगी। इस उद्यान में लॉन में बैठ कर इस भवन का सुंदर नजारा देखा जा सकता है। दिव्य दर्शन भवन की यह इमारत युगों युगों से चली आ रही गुरु शिष्य परंपरा की संवाहिका होगी। प्रवेश द्वार के निकट पादुका और गठरी घर का निर्माण होगा।
यहां पर आगे हाथ धोने व पीने के लिए स्वच्छ जल का प्रबंध किया जाएगा। परिसर की शोभा बढ़ाने के लिए अलग अलग अनेक प्रकार के पौधे लगाए जाएँगें जो वातावरण को भी शुद्ध रखने में सहायक होंगें। ज्ञान दीक्षा के उपरांत प्रसाद वितरण के लिए प्रसाद वितरण काउंटर होगा। परिसर का सुव्यवथित संचालन करने हेतु कार्यालय होगा। इस भवन के पिछले भाग में प्राकृतिक छटा को मुखरित करता हरा भरा उद्यान होगा। इस भवन में अतिथि कक्ष भी होगा। इसके मुख्य हॉल में किसी आयोजन को लेकर वीडियो प्रेसेंटेशन के लिए बड़ी एलईडी वॉल लगायी जाएगी। वृद्धों व दिव्यांगों के लिए आराम दायक कुर्सियों की व्यवस्था होगी। इस वातानुकूलित हॉल को विविध प्रेरणादायी चित्रों से आलंकृत किया जाएगा व वॉटर हार्वेस्टिंग भी होगी। 800 से ज्यादा लोग एक साथ बैठकर यहां ध्यान साधना कर सकेंगें और 2000 से ज्यादा लोग बैठक कर सकेंगें। यह भवन अत्याधुनिक आडियो व वीडियो सिस्टम से लैस होगा।
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स्वामी विश्वानंद और स्वामी सज्जनानंद ने बताया कि शांत प्राकृतिक परिवेश भवन की भव्यता को चार चांद लगाएगा। इस भवन में प्रवेश करने के लिए दो द्वार होंगे। भवन का बाहरी उद्यान पूरा हरा भरा होगा। इस उद्यान का आकर्षण होगी ध्यान साधना में लीन ब्रह्म ज्ञानी साधक की प्रतिमा होगी। इस उद्यान में लॉन में बैठ कर इस भवन का सुंदर नजारा देखा जा सकता है। दिव्य दर्शन भवन की यह इमारत युगों युगों से चली आ रही गुरु शिष्य परंपरा की संवाहिका होगी। प्रवेश द्वार के निकट पादुका और गठरी घर का निर्माण होगा।
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यहां पर आगे हाथ धोने व पीने के लिए स्वच्छ जल का प्रबंध किया जाएगा। परिसर की शोभा बढ़ाने के लिए अलग अलग अनेक प्रकार के पौधे लगाए जाएँगें जो वातावरण को भी शुद्ध रखने में सहायक होंगें। ज्ञान दीक्षा के उपरांत प्रसाद वितरण के लिए प्रसाद वितरण काउंटर होगा। परिसर का सुव्यवथित संचालन करने हेतु कार्यालय होगा। इस भवन के पिछले भाग में प्राकृतिक छटा को मुखरित करता हरा भरा उद्यान होगा। इस भवन में अतिथि कक्ष भी होगा। इसके मुख्य हॉल में किसी आयोजन को लेकर वीडियो प्रेसेंटेशन के लिए बड़ी एलईडी वॉल लगायी जाएगी। वृद्धों व दिव्यांगों के लिए आराम दायक कुर्सियों की व्यवस्था होगी। इस वातानुकूलित हॉल को विविध प्रेरणादायी चित्रों से आलंकृत किया जाएगा व वॉटर हार्वेस्टिंग भी होगी। 800 से ज्यादा लोग एक साथ बैठकर यहां ध्यान साधना कर सकेंगें और 2000 से ज्यादा लोग बैठक कर सकेंगें। यह भवन अत्याधुनिक आडियो व वीडियो सिस्टम से लैस होगा।
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