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टीए घोटाले का खुलासा करने वाले कर्मी को रेलवे डाक्टरों ने किया फरीदकोट के मेडिकल कालेज में रेफर
Updated Sun, 19 Nov 2017 10:26 PM IST
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टीए घोटाले का खुलासा करने वाला फरीदकोट रेफर
रेल अधिकारियों की धमकी के बाद आ गया था डिप्रेशन में
फर्जी टीए वसूलने वाले दो रेलकर्मी पावर हाउस के एक अधिकारी के घर करते थे काम
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
रेलवे के इलेक्ट्रिकल विभाग में ट्रैवलिंग अलाउंस (टीए) घोटाले का खुलासा करने वाले रेलकर्मी रमिंदर सिंह की नाजुक हालत को देखते हुए रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे फरीदकोट रेफर कर दिया है। रमिंदर रेल अधिकारियों और 18 आरोपियों की धमकियों के बाद डिप्रेशन में चला गया था।
सूत्रों के मुताबिक रमिंदर सिंह की ओर से रेलवे विजिलेंस से टीए घोटाले की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच-पड़ताल से पूरे डिवीजन में अफरातफरी मच गई है। टीए घोटाले में फंसे 18 रेलकर्मियों में से दो रेलकर्मी कथित तौर पर इलेक्ट्रिकल पावर हाउस के एक अधिकारी के घर पर ही कामकाज करते थे। वह कहीं भी टूर पर नहीं जाते थे और फर्जी टूर बनाकर टीए वसूलते थे। यही कर्मी तीन हजार के साथ जीरो लगाकर तीस हजार रुपये का टीए वसूलते रहे हैं। टीए की वेरिफिकेशन भी संबंधित अधिकारी करता था।
जानकारों का कहना है कि जांच-पड़ताल पांच साल से की जा रही है। फर्जी टीए लेेने वाले कर्मियों की संख्या बढ़ सकती है। विजिलेंस टीए लेने वाले कर्मियों का वो रिकॉर्ड भी चेक कर रही है कि कर्मी किस स्टेशन पर काम करने गए थे। वहां से किस अधिकारी से हस्ताक्षर करवा कर लाए हैं। किसकी शिकायत पर उक्त स्टेशन पर क्या ठीक करने गए थे। इलेक्ट्रिकल में टीए घोटाला सामने आने पर बाकी विभाग के अधिकारी भी टीए लेने वाले कर्मियों का रिकॉर्ड चेक करने में जुट गए हैं। टीए वसूलने वाले कर्मियों पर नजर रखने के लिए एडीआरएम ने एक आदेश जारी किया है।
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फोटो संख्या-19एफजेडआरपी03
कैप्शन--फिरोजपुर के रेलवे अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल रमिंदर सिंह।
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रेल अधिकारियों की धमकी के बाद आ गया था डिप्रेशन में
फर्जी टीए वसूलने वाले दो रेलकर्मी पावर हाउस के एक अधिकारी के घर करते थे काम
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
रेलवे के इलेक्ट्रिकल विभाग में ट्रैवलिंग अलाउंस (टीए) घोटाले का खुलासा करने वाले रेलकर्मी रमिंदर सिंह की नाजुक हालत को देखते हुए रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे फरीदकोट रेफर कर दिया है। रमिंदर रेल अधिकारियों और 18 आरोपियों की धमकियों के बाद डिप्रेशन में चला गया था।
सूत्रों के मुताबिक रमिंदर सिंह की ओर से रेलवे विजिलेंस से टीए घोटाले की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच-पड़ताल से पूरे डिवीजन में अफरातफरी मच गई है। टीए घोटाले में फंसे 18 रेलकर्मियों में से दो रेलकर्मी कथित तौर पर इलेक्ट्रिकल पावर हाउस के एक अधिकारी के घर पर ही कामकाज करते थे। वह कहीं भी टूर पर नहीं जाते थे और फर्जी टूर बनाकर टीए वसूलते थे। यही कर्मी तीन हजार के साथ जीरो लगाकर तीस हजार रुपये का टीए वसूलते रहे हैं। टीए की वेरिफिकेशन भी संबंधित अधिकारी करता था।
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जानकारों का कहना है कि जांच-पड़ताल पांच साल से की जा रही है। फर्जी टीए लेेने वाले कर्मियों की संख्या बढ़ सकती है। विजिलेंस टीए लेने वाले कर्मियों का वो रिकॉर्ड भी चेक कर रही है कि कर्मी किस स्टेशन पर काम करने गए थे। वहां से किस अधिकारी से हस्ताक्षर करवा कर लाए हैं। किसकी शिकायत पर उक्त स्टेशन पर क्या ठीक करने गए थे। इलेक्ट्रिकल में टीए घोटाला सामने आने पर बाकी विभाग के अधिकारी भी टीए लेने वाले कर्मियों का रिकॉर्ड चेक करने में जुट गए हैं। टीए वसूलने वाले कर्मियों पर नजर रखने के लिए एडीआरएम ने एक आदेश जारी किया है।
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फोटो संख्या-19एफजेडआरपी03
कैप्शन--फिरोजपुर के रेलवे अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल रमिंदर सिंह।