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अध्यापिका से दूराचार मामले में आदर्श स्कूल चेयरमैन व उसके बेटे पर आरोप तय
Updated Thu, 22 Nov 2018 10:16 PM IST
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अध्यापिका से रेप : आदर्श स्कूल चेयरमैन और बेटे पर आरोप तय
नौकरी स्थायी करने के नाम पर एक लाख रुपये वसूलने के भी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। जिला व सेशन जज हरपाल सिंह ने अदालत ने एक अध्यापिका से यौन शोषण, दुराचार और धोखाधड़ी मामले में जिले के दो सरकारी आदर्श स्कूल का संचालन कर रही सुख सागर सोसाइटी के चेयरमैन नरिंदर सिंह रंधावा और उसके बेटे जसमीत सिंह रंधावा पर आरोप तय कर दिए हैं। दोनों के खिलाफ सोसाइटी के अधीन चल रहे एक स्कूल अध्यापिका से दुराचार करने, अश्लील हरकतें करने, नौकरी स्थायी करवाने के नाम पर एक लाख रुपये की वसूली करने समेत एससीएसटी एक्ट की धाराओं के तहत पिछले साल छह सितंबर को थाना सदर कोटकपूरा में मामला दर्ज हुआ था। इस केस में पिता पुत्र को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिली हुई है। केस की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।
जानकारी के अनुसार एक अध्यापिका ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार अध्यापिका की चेयरमैन नरिंदर सिंह रंधावा ने एक अक्तूबर 2016 को पक्का स्कूल में हाजिरी लगवा दी थी और अक्तूबर का वेतन अपने पास रख लिया था। चेयरमैन ने उसके परिवार को विश्वास दिलाया था कि वह उसे अपनी बेटी की तरह अपने पास रखेगा लेकिन वह अक्सर ही उसे स्कूल में स्थित अपने दफ्तर में बुलाकर उसकी साथ अश्लील हरकतें करने लगा। आठ नवंबर 2016 को वह उसे अपनी तलवंडी रोड वाली कोठी पर ले गया और वहां उसे जबरन शराब पिलाकर उसके साथ संबंध बनाए। अगले दिन धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया कि वह उसे नौकरी से निकाल देगा। अध्यापिका के अनुसार उसके बाद चेयरमैन ने उसे कई बार फोन करके अपनी कोठी पर बुलाया और उसके साथ रेप किया। दो माह बाद उसने झांसा दिया कि पंजाब विकास बोर्ड से उसकी नौकरी की मंजूरी लेनी है और इसके लिए पैसे देने पड़ेंगे वर्ना नौकरी चली जाएगी। अध्यापिका ने अपने पिता से एक लाख रुपये का इंतजाम करवाकर चेयरमैन को पक्का स्कूल में भुगतान दिया लेकिन बाद में उसे पता चला कि उसके साथ ठगी की गई है। अप्रैल 2017 में जब नरिंदर सिंह रंधावा जेल में बंद था तो उसके बेटे जसमीत सिंह ने उसे अपने साथ उनकी कोठी में रखा और जबरन संबंध बनाए। इस दौरान उस पर दबाव डाला गया कि वह एक स्कूल की प्रिंसिपल के पति के खिलाफ गलत आरोप लगाए लेकिन वह तैयार नहीं हुई। इसकी रंजिश में उसकी हाजिरी लगानी बंद कर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चेयरमैन व उसके बेटे के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था जिसमें उन्हें पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
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नौकरी स्थायी करने के नाम पर एक लाख रुपये वसूलने के भी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। जिला व सेशन जज हरपाल सिंह ने अदालत ने एक अध्यापिका से यौन शोषण, दुराचार और धोखाधड़ी मामले में जिले के दो सरकारी आदर्श स्कूल का संचालन कर रही सुख सागर सोसाइटी के चेयरमैन नरिंदर सिंह रंधावा और उसके बेटे जसमीत सिंह रंधावा पर आरोप तय कर दिए हैं। दोनों के खिलाफ सोसाइटी के अधीन चल रहे एक स्कूल अध्यापिका से दुराचार करने, अश्लील हरकतें करने, नौकरी स्थायी करवाने के नाम पर एक लाख रुपये की वसूली करने समेत एससीएसटी एक्ट की धाराओं के तहत पिछले साल छह सितंबर को थाना सदर कोटकपूरा में मामला दर्ज हुआ था। इस केस में पिता पुत्र को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिली हुई है। केस की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।
जानकारी के अनुसार एक अध्यापिका ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार अध्यापिका की चेयरमैन नरिंदर सिंह रंधावा ने एक अक्तूबर 2016 को पक्का स्कूल में हाजिरी लगवा दी थी और अक्तूबर का वेतन अपने पास रख लिया था। चेयरमैन ने उसके परिवार को विश्वास दिलाया था कि वह उसे अपनी बेटी की तरह अपने पास रखेगा लेकिन वह अक्सर ही उसे स्कूल में स्थित अपने दफ्तर में बुलाकर उसकी साथ अश्लील हरकतें करने लगा। आठ नवंबर 2016 को वह उसे अपनी तलवंडी रोड वाली कोठी पर ले गया और वहां उसे जबरन शराब पिलाकर उसके साथ संबंध बनाए। अगले दिन धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया कि वह उसे नौकरी से निकाल देगा। अध्यापिका के अनुसार उसके बाद चेयरमैन ने उसे कई बार फोन करके अपनी कोठी पर बुलाया और उसके साथ रेप किया। दो माह बाद उसने झांसा दिया कि पंजाब विकास बोर्ड से उसकी नौकरी की मंजूरी लेनी है और इसके लिए पैसे देने पड़ेंगे वर्ना नौकरी चली जाएगी। अध्यापिका ने अपने पिता से एक लाख रुपये का इंतजाम करवाकर चेयरमैन को पक्का स्कूल में भुगतान दिया लेकिन बाद में उसे पता चला कि उसके साथ ठगी की गई है। अप्रैल 2017 में जब नरिंदर सिंह रंधावा जेल में बंद था तो उसके बेटे जसमीत सिंह ने उसे अपने साथ उनकी कोठी में रखा और जबरन संबंध बनाए। इस दौरान उस पर दबाव डाला गया कि वह एक स्कूल की प्रिंसिपल के पति के खिलाफ गलत आरोप लगाए लेकिन वह तैयार नहीं हुई। इसकी रंजिश में उसकी हाजिरी लगानी बंद कर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चेयरमैन व उसके बेटे के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था जिसमें उन्हें पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
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