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निगम ठेकेदारों ने किया रोष प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Mon, 25 Jan 2016 07:15 PM IST
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नगर निगम के ठेकेदारों ने सोमवार को निगम कार्यालय में प्र्रदर्शन किया।
ठेकेदारों की मांग है कि उनकी ओर से काम पूरा करने के बाद भी कई साल तक पेमेंट नहीं की जाती है। ऐसी स्थिति में ठेकेदार की आर्थिक हालत बिगड़ने लगती है।
ठेकेदार ने मार्केट से पैसे उठाकर काम करता है, जिस पर निरंतर ब्याज पड़ता रहता है। प्रदर्शनकारियों ने मेयर सुनील ज्योति और निगम कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा का ज्ञापन भी सौंपा।
निगम ठेकेदार यूनियन के प्रधान अवतार सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार के नए नोटिफिकेशन के अनुसार ठेकेदार को पांच साल तक अपनी बनाई सड़क की देखभाल करनी होगी।
इसके साथ सड़क बनाने की कुल कीमत में से 10 फीसदी कीमत सिक्योरिटी बेस पर रखी जाए, जो पांच साल पूरे होने के बाद ठेकेदार को 10 फीसदी कीमत दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की मांग है कि काम पूरा होने के तीन महीने के बाद तक ठेकेदार को फूल एंड फाइनल पेमेंट कर दी जाए।
अगर सरकार ने उनकी मांग पूरी न की तो ठेकेदारों को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। अवतार सिंह ने कहा कि मेयर सुनील ज्योति और कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा ने आश्वासन दिया है कि वे ठेकेदारों की तरफ से दिए ज्ञापन को सरकार तक पहुंचा देंगे। यह फैसला स्थानीय स्तर पर नहीं हो सकता, इसका फैसला सरकार की तरफ से दिया जाएगा।
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ठेकेदारों की मांग है कि उनकी ओर से काम पूरा करने के बाद भी कई साल तक पेमेंट नहीं की जाती है। ऐसी स्थिति में ठेकेदार की आर्थिक हालत बिगड़ने लगती है।
ठेकेदार ने मार्केट से पैसे उठाकर काम करता है, जिस पर निरंतर ब्याज पड़ता रहता है। प्रदर्शनकारियों ने मेयर सुनील ज्योति और निगम कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा का ज्ञापन भी सौंपा।
निगम ठेकेदार यूनियन के प्रधान अवतार सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार के नए नोटिफिकेशन के अनुसार ठेकेदार को पांच साल तक अपनी बनाई सड़क की देखभाल करनी होगी।
इसके साथ सड़क बनाने की कुल कीमत में से 10 फीसदी कीमत सिक्योरिटी बेस पर रखी जाए, जो पांच साल पूरे होने के बाद ठेकेदार को 10 फीसदी कीमत दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की मांग है कि काम पूरा होने के तीन महीने के बाद तक ठेकेदार को फूल एंड फाइनल पेमेंट कर दी जाए।
अगर सरकार ने उनकी मांग पूरी न की तो ठेकेदारों को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। अवतार सिंह ने कहा कि मेयर सुनील ज्योति और कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा ने आश्वासन दिया है कि वे ठेकेदारों की तरफ से दिए ज्ञापन को सरकार तक पहुंचा देंगे। यह फैसला स्थानीय स्तर पर नहीं हो सकता, इसका फैसला सरकार की तरफ से दिया जाएगा।
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