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सिविल अस्पताल में वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Thu, 04 Aug 2016 09:44 PM IST
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अस्पताल
- फोटो : demo
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शहर के सिविल अस्पताल में वीरवार को करीब 300 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से करीब 200 मरीज वायरल से पीड़ित थे। बाकी सौ मरीज लूज मोशन और उल्टियों से पीड़ित थे।
इन मरीजों को सबसे पहले पर्ची काउंटर पर खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। उसके बाद डॉक्टर से जांच करवाने में मरीजों को कई घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ा। कई मरीजों का तो यह भी कहना था कि अस्पताल में भीड़ होने से उनका चेकअप भी अच्छे से नहीं हो पाया है। कई मरीजों सुबह 8 बजे से पर्ची काउंटर पर आकर बैठ गए थे, लेकिन उनको पर्ची कटवाने में 2 घंटे तक का समय लग गया।
इलाज करवाने आई रमईया देवी, छोटे लाल, प्रेम लाला का कहना था कि पर्ची काउंटर पर स्टाफ बढ़ाया जाना चाहिए। ज्यादा समय लगने से मरीज की हालात अधिक खराब हो जाती है। वहीं जच्चा बच्चा वार्ड में डाक्टरों की सबसे ज्यादा कमी है। वार्ड में पीने के पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है। वहीं सिविल अस्पताल में पानी का कूलर खराब होने की वजह से मरीजों को परेशानी हो रही है। पानी लीक होने से कूलर के आसपास गंदगी का आलम बन गया है।
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अस्पताल की लैब में मरीजों को कई घंटे तक ब्लड टेस्ट करने के लिए इंतजार करना पड़ा। हालांकि लैब टेक्नीशियन की ओर से लोगों के सैंपल लेने के बाद उनको 2 से 3 घंटे बाद या फिर शुक्रवार आकर रिपोर्ट लेने के लिए कहा गया। टेस्ट रिपोर्ट न मिलने से कई मरीजों की जांच नहीं हो सकी। इसके बाद काफी मरीज अपने घर को लौट गए।
सिविल सर्जन राजीव दुग्गल का कहना है कि अस्पताल का पूरा स्टाफ मरीजों की देखभाल में लगा हुआ है। अचानक वायरल के मरीज बढ़ गए है। इस वजह से चेकअप और टेस्ट में समय जरूर लग रहा है, लेकिन उनके इलाज में कोई कमी नहीं रखी जा रही है। अस्पताल में किसी चीज की कमी नहीं है और सभी मरीजों का बढ़िया इलाज होगा।
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इन मरीजों को सबसे पहले पर्ची काउंटर पर खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। उसके बाद डॉक्टर से जांच करवाने में मरीजों को कई घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ा। कई मरीजों का तो यह भी कहना था कि अस्पताल में भीड़ होने से उनका चेकअप भी अच्छे से नहीं हो पाया है। कई मरीजों सुबह 8 बजे से पर्ची काउंटर पर आकर बैठ गए थे, लेकिन उनको पर्ची कटवाने में 2 घंटे तक का समय लग गया।
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इलाज करवाने आई रमईया देवी, छोटे लाल, प्रेम लाला का कहना था कि पर्ची काउंटर पर स्टाफ बढ़ाया जाना चाहिए। ज्यादा समय लगने से मरीज की हालात अधिक खराब हो जाती है। वहीं जच्चा बच्चा वार्ड में डाक्टरों की सबसे ज्यादा कमी है। वार्ड में पीने के पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है। वहीं सिविल अस्पताल में पानी का कूलर खराब होने की वजह से मरीजों को परेशानी हो रही है। पानी लीक होने से कूलर के आसपास गंदगी का आलम बन गया है।
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अस्पताल की लैब में मरीजों को कई घंटे तक ब्लड टेस्ट करने के लिए इंतजार करना पड़ा। हालांकि लैब टेक्नीशियन की ओर से लोगों के सैंपल लेने के बाद उनको 2 से 3 घंटे बाद या फिर शुक्रवार आकर रिपोर्ट लेने के लिए कहा गया। टेस्ट रिपोर्ट न मिलने से कई मरीजों की जांच नहीं हो सकी। इसके बाद काफी मरीज अपने घर को लौट गए।
सिविल सर्जन राजीव दुग्गल का कहना है कि अस्पताल का पूरा स्टाफ मरीजों की देखभाल में लगा हुआ है। अचानक वायरल के मरीज बढ़ गए है। इस वजह से चेकअप और टेस्ट में समय जरूर लग रहा है, लेकिन उनके इलाज में कोई कमी नहीं रखी जा रही है। अस्पताल में किसी चीज की कमी नहीं है और सभी मरीजों का बढ़िया इलाज होगा।