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दस दिन बाद उठा शहर से कूड़ा
अमर उजाला, जालंधर
Updated Sat, 25 Jan 2014 09:16 PM IST
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सफाई कर्मचारी यूनियन जीत कर भी हार गई है। बेशक राज्य सरकार ने 10 दिन से हड़ताल पर बैठी सफाई यूनियनों को मनाकर शनिवार से शहरों की सड़कों की सफाई करने के लिए मना लिया है मगर, उनकी मुख्य मांग सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट पर सरकार चुप्पी साध गई है।
सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट ही सफाई यूनियनों की मुख्य मांग थी। मगर, सरकार ने इस प्रोजेक्ट को वापस न लेने की बात करते हुए साफ कर दिया है कि वह इस प्रोजेक्ट को जरूर लागू करेंगे। अंतर सिर्फ इतना होगा कि इस प्रोजेक्ट को लागू करने से पहले सफाई यूनियनों को समर्थन में लिया जाएगा। हड़ताल पर बैठी यूनियनों के प्रधान चंदन ग्रेवाल का कहना है कि शनिवार से समूह कर्मचारी ड्यूटी पर लौट गए हैं।
उनका कहना है कि एक ही दिन में सफाई कर्मचारियों ने आधे शहर से कूड़ा हटा दिया है। कूड़ा हटने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। 10 दिनों के बाद भी डंप से कूड़ा हटने के बाद भी वहां से बदबू कम नहीं हो रही है। खाली डंप से भी उठने वाली बदबू कई बीमारियों को दावत दे सकती है। सिविल सर्जन डॉ. आरएल बसन के मुताबिक नगर निगम को डंप पर सफाई करने के बाद वहां दवा का छिड़काव करना चाहिए।
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उधर, सफाई यूनियन का कहना है कि उन्होंने हड़ताल वापस नहीं ली है। एक माह के लिए हड़ताल बंद कर सरकार को समय दिया गया है। यूनियन के प्रधान चंदन ग्रेवाल का कहना है कि किसी भी हालत में सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट लागू नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना है कि यूनियन की 8 डिमांड थी, जिसमें से 5 को सरकार ने मंजूर कर लिया है। बाकी 3 डिमांड के लिए ही सरकार को एक माह का समय दिया गया है। सरकार ने तो उनसे 15 दिनों का समय मांगा था।
मेयर सुनील ज्योति का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की कुछ मांग को सरकार ने सहमति दे दी है। सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट को सरकार ने सफाई मजदूर जत्थेबंदियों के साथ बातचीत के बाद लागू करने की बात कही है। उनका कहना है कि शहर से कूड़ा हटा दिया गया है। इसके बाद डंप पर दवा का भी छिड़काव किया जाएगा।
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सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट ही सफाई यूनियनों की मुख्य मांग थी। मगर, सरकार ने इस प्रोजेक्ट को वापस न लेने की बात करते हुए साफ कर दिया है कि वह इस प्रोजेक्ट को जरूर लागू करेंगे। अंतर सिर्फ इतना होगा कि इस प्रोजेक्ट को लागू करने से पहले सफाई यूनियनों को समर्थन में लिया जाएगा। हड़ताल पर बैठी यूनियनों के प्रधान चंदन ग्रेवाल का कहना है कि शनिवार से समूह कर्मचारी ड्यूटी पर लौट गए हैं।
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उनका कहना है कि एक ही दिन में सफाई कर्मचारियों ने आधे शहर से कूड़ा हटा दिया है। कूड़ा हटने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। 10 दिनों के बाद भी डंप से कूड़ा हटने के बाद भी वहां से बदबू कम नहीं हो रही है। खाली डंप से भी उठने वाली बदबू कई बीमारियों को दावत दे सकती है। सिविल सर्जन डॉ. आरएल बसन के मुताबिक नगर निगम को डंप पर सफाई करने के बाद वहां दवा का छिड़काव करना चाहिए।
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उधर, सफाई यूनियन का कहना है कि उन्होंने हड़ताल वापस नहीं ली है। एक माह के लिए हड़ताल बंद कर सरकार को समय दिया गया है। यूनियन के प्रधान चंदन ग्रेवाल का कहना है कि किसी भी हालत में सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट लागू नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना है कि यूनियन की 8 डिमांड थी, जिसमें से 5 को सरकार ने मंजूर कर लिया है। बाकी 3 डिमांड के लिए ही सरकार को एक माह का समय दिया गया है। सरकार ने तो उनसे 15 दिनों का समय मांगा था।
मेयर सुनील ज्योति का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की कुछ मांग को सरकार ने सहमति दे दी है। सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट को सरकार ने सफाई मजदूर जत्थेबंदियों के साथ बातचीत के बाद लागू करने की बात कही है। उनका कहना है कि शहर से कूड़ा हटा दिया गया है। इसके बाद डंप पर दवा का भी छिड़काव किया जाएगा।