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पंजाब की कांग्रेस सरकार निर्णय लेने के बाद सोचती है और फिर पलट जाती है: कालिया
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जालंधर। सीनियर भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते कहा कि कांग्रेस सरकार का निजी अस्पतालों को कोविड वैक्सीन की खुराक बेचने का निर्णय और फिर बेची गई वैक्सीन को वापस लेने का निर्णय कई सवाल पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के अनुसार यदि वैक्सीन की खरीद स्वास्थ्य विभाग से संबंधित नहीं है, तो नोडल अधिकारी विकास गर्ग को 400 रुपये प्रति खुराक खरीद करने तथा 20,000 खुराक को 1060 रुपये प्रति खुराक निजी अस्पतालों को बेचने का निर्णय किसने दिया था। इससे टीकाकरण सीएसआर फंड को 660 रुपये प्रति डोज का लाभ मिले।
केंद्र सरकार ने वैक्सीन की खरीद का कोटा निश्चित किया है, जोकि 50 फीसदी केंद्र सरकार, 25 फीसदी राज्य सरकार व 25 फीसदी निजी अस्पताल का है। फिर पंजाब में कांग्रेस सरकार को कोई अधिकार नहीं है कि अपने कोटे के अनुसार खरीदी गई वैक्सीन के टीकों को निजी अस्पतालों को लाभ के लिए बेचे। यदि स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू को वैक्सीन की खुराक की खरीद बिक्री के लिए विश्वास में नहीं लिया गया है, तो स्वास्थ्य विभाग कौन चला रहा है। इससे ऐसा लगता है कि पंजाब की कांग्रेस सरकार निर्णय लेने के बाद पलट जाती है।
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उन्होंने कहा कि पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के अनुसार यदि वैक्सीन की खरीद स्वास्थ्य विभाग से संबंधित नहीं है, तो नोडल अधिकारी विकास गर्ग को 400 रुपये प्रति खुराक खरीद करने तथा 20,000 खुराक को 1060 रुपये प्रति खुराक निजी अस्पतालों को बेचने का निर्णय किसने दिया था। इससे टीकाकरण सीएसआर फंड को 660 रुपये प्रति डोज का लाभ मिले।
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केंद्र सरकार ने वैक्सीन की खरीद का कोटा निश्चित किया है, जोकि 50 फीसदी केंद्र सरकार, 25 फीसदी राज्य सरकार व 25 फीसदी निजी अस्पताल का है। फिर पंजाब में कांग्रेस सरकार को कोई अधिकार नहीं है कि अपने कोटे के अनुसार खरीदी गई वैक्सीन के टीकों को निजी अस्पतालों को लाभ के लिए बेचे। यदि स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू को वैक्सीन की खुराक की खरीद बिक्री के लिए विश्वास में नहीं लिया गया है, तो स्वास्थ्य विभाग कौन चला रहा है। इससे ऐसा लगता है कि पंजाब की कांग्रेस सरकार निर्णय लेने के बाद पलट जाती है।
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