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फरीदकोट : चुनावी मैदान में अकाली दल और आप के अलावा भाजपा व संयुक्त समाज मोर्चा भी कूदा
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फरीदकोट। फरीदकोट विधानसभा सीट पर सत्ताधारी कांग्रेस ने एक बार फिर से मौजूदा विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों को मैदान में उतारा है और वह वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में 665 करोड़ की लागत से विकास करवाए जाने के दावों के साथ समर्थन जुटाने में लगे हैं। उनके इस दावे को अकाली दल, आम आदमी पार्टी के साथ भाजपा व संयुक्त समाज मोर्चा से चुनौती मिल रही हैं। विरोधियों की तरफ से विकास के मुद्दे पर ही कांग्रेस उम्मीदवार की घेराबंदी की जा रही है और फरीदकोट का चुनावी दंगल लगातार दिलचस्प होता जा रहा है।
कांग्रेस उम्मीदवार कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों का परिवार पिछले कई दशकों से फरीदकोट की राजनीति से जुड़ा हुआ है। क्षेत्र में खासी पकड़ रखता है। ढिल्लों की पिता स्वर्गीय जसमत सिंह ढिल्लों और माता जगदीश कौर ढिल्लों फरीदकोट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके है और ढिल्लों भी यहां से दो बार विधायक रह चुके है। इस बार के चुनाव में किक्की ढिल्लों ने अपने वर्तमान कार्यकाल में करवाए विकास के नाम पर समर्थन मांगा जा रहा है।
ढिल्लों के अनुसार उन्होंने 665 करोड़ की लागत से विकास के कार्य करवाए है और कई ऐसे प्रोजेक्ट पूरे करवाए है जिनके नींव पत्थर एक बार नहीं दो दो बार अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने रखे थे लेकिन उनके लिए फंड जारी नहीं किया था। उनके इस दावों पर ही अकाली दल ही नहीं आम आदमी पार्टी सवाल खड़े कर रही है। अकाली उम्मीदवार परमबंस सिंह बंटी रोमाणा ने कहा कि फरीदकोट क्षेत्र में कोई नया काम नहीं किया गया बल्कि पिछली अकाली दल की सरकार से समय शुरू किए गए प्रोजेक्ट पर खुद की छाप लगाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गुरदित्त सिंह सेखों भी विधायक ढिल्लों के विकास मॉडल पर तंज कस रहे है। सेखों का आरोप है कि शहर में विकास के नाम पर सिर्फ विनाश किया गया है।
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साल 2017 के चुनाव में भी कांग्रेस के किक्की ढिल्लों को अकाली दल के बंटी रोमाणा व आप के गुरदित्त सेखों से चुनौती मिली थी पर वह करीब 11 हजार से अधिक मत से सफल रहे थे पर इस बार इन दोनों विरोधियों के साथ साथ उन्हें भाजपा के नौजवान उम्मीदवार गौरव कक्कड़ और किसान संगठनों के संयुक्त समाज मोर्चा की उम्मीदवार रविंदरपाल कौर गिल की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा जिनके अपना प्रचार तेज करने के बाद फरीदकोट का चुनावी दंगल काफी दिलचस्प होने के आसार है। (संवाद)
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कांग्रेस उम्मीदवार कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों का परिवार पिछले कई दशकों से फरीदकोट की राजनीति से जुड़ा हुआ है। क्षेत्र में खासी पकड़ रखता है। ढिल्लों की पिता स्वर्गीय जसमत सिंह ढिल्लों और माता जगदीश कौर ढिल्लों फरीदकोट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके है और ढिल्लों भी यहां से दो बार विधायक रह चुके है। इस बार के चुनाव में किक्की ढिल्लों ने अपने वर्तमान कार्यकाल में करवाए विकास के नाम पर समर्थन मांगा जा रहा है।
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ढिल्लों के अनुसार उन्होंने 665 करोड़ की लागत से विकास के कार्य करवाए है और कई ऐसे प्रोजेक्ट पूरे करवाए है जिनके नींव पत्थर एक बार नहीं दो दो बार अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने रखे थे लेकिन उनके लिए फंड जारी नहीं किया था। उनके इस दावों पर ही अकाली दल ही नहीं आम आदमी पार्टी सवाल खड़े कर रही है। अकाली उम्मीदवार परमबंस सिंह बंटी रोमाणा ने कहा कि फरीदकोट क्षेत्र में कोई नया काम नहीं किया गया बल्कि पिछली अकाली दल की सरकार से समय शुरू किए गए प्रोजेक्ट पर खुद की छाप लगाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गुरदित्त सिंह सेखों भी विधायक ढिल्लों के विकास मॉडल पर तंज कस रहे है। सेखों का आरोप है कि शहर में विकास के नाम पर सिर्फ विनाश किया गया है।
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साल 2017 के चुनाव में भी कांग्रेस के किक्की ढिल्लों को अकाली दल के बंटी रोमाणा व आप के गुरदित्त सेखों से चुनौती मिली थी पर वह करीब 11 हजार से अधिक मत से सफल रहे थे पर इस बार इन दोनों विरोधियों के साथ साथ उन्हें भाजपा के नौजवान उम्मीदवार गौरव कक्कड़ और किसान संगठनों के संयुक्त समाज मोर्चा की उम्मीदवार रविंदरपाल कौर गिल की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा जिनके अपना प्रचार तेज करने के बाद फरीदकोट का चुनावी दंगल काफी दिलचस्प होने के आसार है। (संवाद)