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‘बापू मैं बच गया, साडी किश्ती डूब गई सी’
सौरभ खन्ना/अमर उजाला, भोगपुर
Updated Mon, 18 Jan 2016 10:09 PM IST
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कोलंबिया से अमेरिका जा रही एक नाव के पलटने से उस पर सवार पंजाब के करीब 20 युवक लापता हो गए हैं।
उनमें से भोगपुर के पास पड़ते गांव लड़ोई का जसविंदर सिंह उर्फ सोनू डूबने से बच गया। सोनू ने अपने पिता हरजिंदर सिंह को फोन कर बताया कि बापू मैं बच गया, साडी किश्ती डूब गई सी।
हरजिंदर के अनुसार सोनू से फोन पर हुई बातचीत में उसने कहा कि नाव पलटने से वह पानी में काफी देर तक हाथ पैर मारता रहा। उसकी हालत काफी खराब हो गई थी।
वह डूबने ही वाला था कि पीछे से आई एक किश्ती में सवार लोगों ने उसे रस्सी फेंक कर बचा लिया। सोनू ने बताया कि उस अन्य युवकों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
हरजिंदर ने कहा कि इसके बाद सोनू ने अभी तक कोई फोन नहीं किया है। उन्हें नहीं पता कि वह कहां और किस हालत में है। हरजिंदर सिंह ने कहा कि उनका बेटा सोनू (25) केबल का काम करता था।
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उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। हरजिंदर सिंह ने बताया कि वह गांव में राजमिस्त्री का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि सोनू केबल का काम करके महीने के 8000 रुपये कमाता था, मगर उसे विदेश जाने का शौक था।
इसके लिए उसने अपना घर और गहने गिरवी रखकर उसे बाहर भेजा था। उन्होंने कहा कि सोनू को बाहर भेजने के लिए एजेंट हरभजन सिंह उर्फ सुच्चा सिंह और कुलविंदर सिंह मुल्तानी से बात हुई थी।
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उनमें से भोगपुर के पास पड़ते गांव लड़ोई का जसविंदर सिंह उर्फ सोनू डूबने से बच गया। सोनू ने अपने पिता हरजिंदर सिंह को फोन कर बताया कि बापू मैं बच गया, साडी किश्ती डूब गई सी।
हरजिंदर के अनुसार सोनू से फोन पर हुई बातचीत में उसने कहा कि नाव पलटने से वह पानी में काफी देर तक हाथ पैर मारता रहा। उसकी हालत काफी खराब हो गई थी।
वह डूबने ही वाला था कि पीछे से आई एक किश्ती में सवार लोगों ने उसे रस्सी फेंक कर बचा लिया। सोनू ने बताया कि उस अन्य युवकों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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हरजिंदर ने कहा कि इसके बाद सोनू ने अभी तक कोई फोन नहीं किया है। उन्हें नहीं पता कि वह कहां और किस हालत में है। हरजिंदर सिंह ने कहा कि उनका बेटा सोनू (25) केबल का काम करता था।
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उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। हरजिंदर सिंह ने बताया कि वह गांव में राजमिस्त्री का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि सोनू केबल का काम करके महीने के 8000 रुपये कमाता था, मगर उसे विदेश जाने का शौक था।
इसके लिए उसने अपना घर और गहने गिरवी रखकर उसे बाहर भेजा था। उन्होंने कहा कि सोनू को बाहर भेजने के लिए एजेंट हरभजन सिंह उर्फ सुच्चा सिंह और कुलविंदर सिंह मुल्तानी से बात हुई थी।