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आध्यात्मिक गुरु के साथ समाज सुधारक थे बाबा जी
ब्यूरो,अमर उजाला/जालंधर
Updated Sat, 14 May 2016 09:16 PM IST
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बाबा हरदेव सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
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आध्यात्मिक गुरु के साथ समाज सुधारक, दोनों रूप बाबा हरदेव सिंह जी के थे।
संगत को देह के भीतर प्रकाश और आत्मा को परमात्मा से मिलाने का मार्ग दिखाना और जनता में मौजूद कुरीतियों को मिटाना दोनों कार्य एक साथ बाबा हरदेव सिंह जी कर रहे थे। बाबा जी ने मानवता की भलाई के रास्ते पर 1987 में कदम रखा, जब उन्होंने दिल्ली में समागम बुलाया। यह समागम संत गुरबचन सिंह की ओर से 1965 और 1973 में करवाए गए समारोह की तर्ज पर था। कार्यक्रम को मानव एकता का नाम दिया गया था। बाबा हरदेव सिंह जी ने 1987 में संगत के सामने फैसला सुनाया कि मानव एकता दिवस पर निरंकारी खूनदान करेंगे। इसके अलावा संत निरंकारी मिशन में सामाजिक वेलफेयर विंग का गठन कर दिया गया।
दिल्ली में संतोख सरोवर कांप्लेक्स को इसका मुख्य केंद्र बना दिया गया। विश्व में आजतक इतना खूनदान किसी ने नहीं किया, जितना संत निरंकारी मिशन ने किया है। इसका विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया जा चुका है। बाबा हरदेव सिंह जी के जन्मदिन 23 फरवरी को हर साल स्वच्छता अभियान चलाया जाता है। इसके अलावा ग्रीन बेल्ट के लिए पौधरोपण भी किया जाता है। मिशन से जुड़े लोग पौधे लगाते हैं। बाबा हरदेव सिंह ने 26 अक्तूबर 2014 को एकजुटता के लिए दौड़ शुरू की। लाखों की तादाद में संगत रन फॉर वनेंस के लिए सड़कों पर दौड़कर एकजुटता का संदेश देती रही। इसके अलावा मिशन की तरफ से समय-समय पर सामूहिक शादियां करवाई जाती हैं।
बाबा हरदेव सिंह जी ने शिक्षा दी थी कि शादी पर पैसे की बर्बादी क्यों। मिशन के लोग अपने बच्चों की शादी मिशन की ओर से किए जाने वाले मास मैरिज कार्यक्रम में करवाते हैं।
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संगत को देह के भीतर प्रकाश और आत्मा को परमात्मा से मिलाने का मार्ग दिखाना और जनता में मौजूद कुरीतियों को मिटाना दोनों कार्य एक साथ बाबा हरदेव सिंह जी कर रहे थे। बाबा जी ने मानवता की भलाई के रास्ते पर 1987 में कदम रखा, जब उन्होंने दिल्ली में समागम बुलाया। यह समागम संत गुरबचन सिंह की ओर से 1965 और 1973 में करवाए गए समारोह की तर्ज पर था। कार्यक्रम को मानव एकता का नाम दिया गया था। बाबा हरदेव सिंह जी ने 1987 में संगत के सामने फैसला सुनाया कि मानव एकता दिवस पर निरंकारी खूनदान करेंगे। इसके अलावा संत निरंकारी मिशन में सामाजिक वेलफेयर विंग का गठन कर दिया गया।
दिल्ली में संतोख सरोवर कांप्लेक्स को इसका मुख्य केंद्र बना दिया गया। विश्व में आजतक इतना खूनदान किसी ने नहीं किया, जितना संत निरंकारी मिशन ने किया है। इसका विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया जा चुका है। बाबा हरदेव सिंह जी के जन्मदिन 23 फरवरी को हर साल स्वच्छता अभियान चलाया जाता है। इसके अलावा ग्रीन बेल्ट के लिए पौधरोपण भी किया जाता है। मिशन से जुड़े लोग पौधे लगाते हैं। बाबा हरदेव सिंह ने 26 अक्तूबर 2014 को एकजुटता के लिए दौड़ शुरू की। लाखों की तादाद में संगत रन फॉर वनेंस के लिए सड़कों पर दौड़कर एकजुटता का संदेश देती रही। इसके अलावा मिशन की तरफ से समय-समय पर सामूहिक शादियां करवाई जाती हैं।
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बाबा हरदेव सिंह जी ने शिक्षा दी थी कि शादी पर पैसे की बर्बादी क्यों। मिशन के लोग अपने बच्चों की शादी मिशन की ओर से किए जाने वाले मास मैरिज कार्यक्रम में करवाते हैं।
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