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रणजीत सागर बांध झील में समाए हेलीकॉप्टर के मलबे को सेना ने ढूंढ निकाला
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3 अगस्त की सुबह रणजीत सागर झील की गहराई में समाए सेना के हेलीकाप्टर को तलाश लिया गया है। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक हैवी ड्यूटी रिमोट ऑपरेटेड व्हीकल्स ने उसका पता लगाया है। सेना की वेस्टर्न कमांड द्वारा जारी बयान में बताया गया कि हेलीकॉप्टर का मलबा झील के 80 मीटर नीचे पड़ा है।
हालांकि, हेलीकॉप्टर के चालक दल का अभी तक भी कुछ पता नहीं चल पाया है। लेकिन, हेलीकॉप्टर के मलबे को बाहर निकालने के लिए सेना ने कोशिशें तेज कर दी है। कोच्ची से आई विशेषज्ञ टीमों को झील में उतारा जा चुका है। सैन्य सूत्रों के मुताबिक क्षेत्र में सोनार (साउंड नेविगेशन एंड रेजिंग) तकनीक का प्रयोग भी यह विशेषज्ञ टीम के सदस्य करेंगे।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे वाले क्षेत्र को पिछले एक सप्ताह से भी अधिक से खंगाल रही विभिन्न टीमों ने इसी क्षेत्र को चिन्हित किया था। आसपास के इलाकों में जहां गहराई कम है और कुछ भी हाथ नहीं लगा है, वहीं चिन्हित क्षेत्र में झील की अधिक गहराई होने के कारण यह आशंका जताई जा रही थी कि हेलीकाप्टर का अगला हिस्सा क्रैश होने के बाद इसी गहराई में गिर गया होगा। हादसे के नौवें दिन बुधवार को सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हेलीकॉप्टर का मलबा रिकवर हो चुका है। अब उसे बाहर निकालने के लिए योजना बनाई जा रही है। बुधवार को रंजीत सागर बांध झील का जलस्तर 508.19 मीटर दर्ज किया गया है। सेना ने आधिकारिक बयान के अनुसार दोनों पायलटों का कोई भी सुराग नहीं लग पाया है।
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हालांकि, हेलीकॉप्टर के चालक दल का अभी तक भी कुछ पता नहीं चल पाया है। लेकिन, हेलीकॉप्टर के मलबे को बाहर निकालने के लिए सेना ने कोशिशें तेज कर दी है। कोच्ची से आई विशेषज्ञ टीमों को झील में उतारा जा चुका है। सैन्य सूत्रों के मुताबिक क्षेत्र में सोनार (साउंड नेविगेशन एंड रेजिंग) तकनीक का प्रयोग भी यह विशेषज्ञ टीम के सदस्य करेंगे।
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सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे वाले क्षेत्र को पिछले एक सप्ताह से भी अधिक से खंगाल रही विभिन्न टीमों ने इसी क्षेत्र को चिन्हित किया था। आसपास के इलाकों में जहां गहराई कम है और कुछ भी हाथ नहीं लगा है, वहीं चिन्हित क्षेत्र में झील की अधिक गहराई होने के कारण यह आशंका जताई जा रही थी कि हेलीकाप्टर का अगला हिस्सा क्रैश होने के बाद इसी गहराई में गिर गया होगा। हादसे के नौवें दिन बुधवार को सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हेलीकॉप्टर का मलबा रिकवर हो चुका है। अब उसे बाहर निकालने के लिए योजना बनाई जा रही है। बुधवार को रंजीत सागर बांध झील का जलस्तर 508.19 मीटर दर्ज किया गया है। सेना ने आधिकारिक बयान के अनुसार दोनों पायलटों का कोई भी सुराग नहीं लग पाया है।
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