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Jalandhar News: पंजाब विश्वविद्यालय विवाद के बीच पीयू होशियारपुर कैंपस में खामोशी
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डाॅ. संजीव कुमार बख्शी
होशियारपुर। चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में सीनेट चुनाव और केंद्र सरकार की ओर से विश्वविद्यालय के शासी निकायों के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर तीखे विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक तनाव देखने को मिल रहा है। वहीं होशियारपुर स्थित इसके क्षेत्रीय परिसर में स्थिति बिल्कुल अलग है। स्वामी सर्वानंद गिरि क्षेत्रीय परिसर (पीयूएसएसजीआरसी) शांतिपूर्ण और अप्रभावित बना हुआ है।
होशियारपुर परिसर में कक्षाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। कोई विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी और शैक्षणिक गतिविधियों में कोई व्यवधान नहीं है। मुख्य परिसर में उठे इस विवाद में छात्रों की रुचि नहीं दिख रही है।
इस शांति का एक प्रमुख कारण पंजाब में छात्र राजनीति का अभाव है। दशकों पहले उग्रवाद के दौर में राज्य में छात्र चुनावों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और तब से छात्रों के बीच राजनीतिक गतिविधियां नगण्य रही हैं। परिणामस्वरूप चंडीगढ़ में सक्रिय छात्र संगठनों की होशियारपुर में उपस्थिति बहुत कम या न के बराबर है।
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कांग्रेस समर्थित भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) की यहां कोई इकाई नहीं है। इसी तरह वामपंथी समूहों की ओर से समर्थित स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), शिरोमणि अकाली दल समर्थित स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया (एसओआई), कम्युनिस्ट समूहों की ओर से समर्थित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की भी इस परिसर में कोई उपस्थिति नहीं है।
हालांकि आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में सत्ता में है लेकिन इसकी छात्र शाखा एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी), पीयूएसएसजीआरसी के छात्रों के बीच पूरी तरह से अनजान है। पूछे जाने पर कुछ छात्रों ने कहा, हमने ऐसे किसी समूह के बारे में कभी सुना ही नहीं है। परिसर में एकमात्र सक्रिय छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) है जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबद्ध है।
पीयूएसएसजीआरसी में एबीवीपी इकाई के अध्यक्ष तरुण भारद्वाज ने कहा, यहाँ के छात्रों का सीनेट या सिंडिकेट चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है। चूंकि पंजाब में छात्र चुनाव पर प्रतिबंध है। इसलिए हमारा ध्यान राजनीति पर नहीं, बल्कि शिक्षा पर रहता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या सीनेट और सिंडिकेट के फैसले राज्य भर के छात्रों, शिक्षकों और संबद्ध कॉलेजों को प्रभावित कर सकते हैं तो भारद्वाज ने जवाब दिया कि हम सरकार के साथ हैं। जब सरकार विश्वविद्यालय को वित्तपोषित और प्रबंधित कर रही है तो स्वाभाविक रूप से उसे इसके मामलों से संबंधित निर्णय लेने का अधिकार है। चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में जहाँ विरोध प्रदर्शन और बहस जारी है। वहीं होशियारपुर क्षेत्रीय परिसर अपनी सामान्य शैक्षणिक लय में काम कर रहा है।
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होशियारपुर। चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में सीनेट चुनाव और केंद्र सरकार की ओर से विश्वविद्यालय के शासी निकायों के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर तीखे विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक तनाव देखने को मिल रहा है। वहीं होशियारपुर स्थित इसके क्षेत्रीय परिसर में स्थिति बिल्कुल अलग है। स्वामी सर्वानंद गिरि क्षेत्रीय परिसर (पीयूएसएसजीआरसी) शांतिपूर्ण और अप्रभावित बना हुआ है।
होशियारपुर परिसर में कक्षाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। कोई विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी और शैक्षणिक गतिविधियों में कोई व्यवधान नहीं है। मुख्य परिसर में उठे इस विवाद में छात्रों की रुचि नहीं दिख रही है।
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इस शांति का एक प्रमुख कारण पंजाब में छात्र राजनीति का अभाव है। दशकों पहले उग्रवाद के दौर में राज्य में छात्र चुनावों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और तब से छात्रों के बीच राजनीतिक गतिविधियां नगण्य रही हैं। परिणामस्वरूप चंडीगढ़ में सक्रिय छात्र संगठनों की होशियारपुर में उपस्थिति बहुत कम या न के बराबर है।
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कांग्रेस समर्थित भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) की यहां कोई इकाई नहीं है। इसी तरह वामपंथी समूहों की ओर से समर्थित स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), शिरोमणि अकाली दल समर्थित स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया (एसओआई), कम्युनिस्ट समूहों की ओर से समर्थित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की भी इस परिसर में कोई उपस्थिति नहीं है।
हालांकि आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में सत्ता में है लेकिन इसकी छात्र शाखा एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी), पीयूएसएसजीआरसी के छात्रों के बीच पूरी तरह से अनजान है। पूछे जाने पर कुछ छात्रों ने कहा, हमने ऐसे किसी समूह के बारे में कभी सुना ही नहीं है। परिसर में एकमात्र सक्रिय छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) है जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबद्ध है।
पीयूएसएसजीआरसी में एबीवीपी इकाई के अध्यक्ष तरुण भारद्वाज ने कहा, यहाँ के छात्रों का सीनेट या सिंडिकेट चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है। चूंकि पंजाब में छात्र चुनाव पर प्रतिबंध है। इसलिए हमारा ध्यान राजनीति पर नहीं, बल्कि शिक्षा पर रहता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या सीनेट और सिंडिकेट के फैसले राज्य भर के छात्रों, शिक्षकों और संबद्ध कॉलेजों को प्रभावित कर सकते हैं तो भारद्वाज ने जवाब दिया कि हम सरकार के साथ हैं। जब सरकार विश्वविद्यालय को वित्तपोषित और प्रबंधित कर रही है तो स्वाभाविक रूप से उसे इसके मामलों से संबंधित निर्णय लेने का अधिकार है। चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में जहाँ विरोध प्रदर्शन और बहस जारी है। वहीं होशियारपुर क्षेत्रीय परिसर अपनी सामान्य शैक्षणिक लय में काम कर रहा है।