{"_id":"60d0ade28ebc3e30cf57606b","slug":"amarnath-yatra-cancel-this-year-firozpur-news-pkl4174332122","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्री अमरनाथ यात्रा रद्द करने पर एसएबीएलओ जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्री अमरनाथ यात्रा रद्द करने पर एसएबीएलओ जताई नाराजगी
विज्ञापन
फिरोजपुर। श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गनाइजेशन (एसएबीएलओ) ने इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा रद्द करने पर सख्त नाराजगी जताई है। आर्गनाइजेशन का कहना है कि अब तो कोरोना का प्रकोप बहुत कम हो गया है, बावजूद इसके अमरनाथ यात्रा रद्द कर दी गई है। यात्रा रद्द करने से शिवभक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है। पिछले तीन वर्षों से यात्रा रद्द की जा रही है।
एसएबीएलओ के महासचिव राजन गुप्ता ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा रद्द किए जाने से शिवभक्तों के अलावा लंगर संस्थाओं में सख्त नाराजगी है। जबकि कोविड-19 के दौरान कुंभ मेला और कई राज्यों में पंचायत व विधानसभा चुनाव करवाए गए हैं, तब कोरोना के चलते इन्हें रद्द क्यों नहीं किया गया? 2019 में श्री अमरनाथ यात्रा अचानक बीच में ही रद्द कर दी गई। उसके बाद कोविड-19 के चलते 2020 में भी यात्रा रद्द की गई। वहीं 2021 में उत्तर-प्रदेश पंचायत चुनाव और पंजाब में नगर काउंसिल चुनाव के अलावा पश्चिम बंगाल के अलावा अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव करवाए गए। इस दौरान विभिन्न सियासी पार्टियों ने विशाल रैलियां कीं। अब 2021 में हिंदुओं की पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली थी तो कोविड-19 का प्रकोप बताकर इसे रद्द कर दिया गया। ऐसा कर सरकार ने शिवभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाई है।
आर्गनाइजेशन के प्रधान विजय ठाकुर व कोषाध्यक्ष पंकज सोई ने कहा कि कोरोना के तहत जो सरकार ने नियम बनाए हैं, उस पर सरकार और सियासी नेताओं को भी अमल करना चाहिए। जब धर्म की बारी आती है तो उस पर कोरोना के नियम थोप दिए जाते हैं। पंजाब में विधानसभा चुनाव अगले साल होने जा रहे हैं। सियासी पार्टियां अभी से अपने कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। इस पर सरकार कोई प्रतिबंध नहीं लगा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसएबीएलओ के महासचिव राजन गुप्ता ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा रद्द किए जाने से शिवभक्तों के अलावा लंगर संस्थाओं में सख्त नाराजगी है। जबकि कोविड-19 के दौरान कुंभ मेला और कई राज्यों में पंचायत व विधानसभा चुनाव करवाए गए हैं, तब कोरोना के चलते इन्हें रद्द क्यों नहीं किया गया? 2019 में श्री अमरनाथ यात्रा अचानक बीच में ही रद्द कर दी गई। उसके बाद कोविड-19 के चलते 2020 में भी यात्रा रद्द की गई। वहीं 2021 में उत्तर-प्रदेश पंचायत चुनाव और पंजाब में नगर काउंसिल चुनाव के अलावा पश्चिम बंगाल के अलावा अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव करवाए गए। इस दौरान विभिन्न सियासी पार्टियों ने विशाल रैलियां कीं। अब 2021 में हिंदुओं की पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली थी तो कोविड-19 का प्रकोप बताकर इसे रद्द कर दिया गया। ऐसा कर सरकार ने शिवभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाई है।
विज्ञापन
आर्गनाइजेशन के प्रधान विजय ठाकुर व कोषाध्यक्ष पंकज सोई ने कहा कि कोरोना के तहत जो सरकार ने नियम बनाए हैं, उस पर सरकार और सियासी नेताओं को भी अमल करना चाहिए। जब धर्म की बारी आती है तो उस पर कोरोना के नियम थोप दिए जाते हैं। पंजाब में विधानसभा चुनाव अगले साल होने जा रहे हैं। सियासी पार्टियां अभी से अपने कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। इस पर सरकार कोई प्रतिबंध नहीं लगा रही है।
विज्ञापन