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सैनिक स्कूल में रैगिंग का आरोप... सीनियर छात्रों ने दो को पीटा
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कपूरथला। सैनिक स्कूल में सीनियर छात्रों की ओर से जूनियर छात्रों से रैगिंग व पिटाई का मामला सामने आया है। जालंधर व पठानकोट के आठवीं कक्षा के दो छात्रों को पीटने का खुलासा उस समय हुआ, जब 18 जून को बच्चे गर्मी की छुट्टियों में घर पहुंचे। दोनों बच्चे स्कूल की बैंड टीम में थे। इस दौरान उन्होंने शरीर पर जख्मों के निशान दिखाते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। अभिभावकों ने जालंधर के समाजसेवी के जरिये कपूरथला के डीसी विशेष सारंगल को रैगिंग संबंधी निष्पक्ष जांच की शिकायत दी है। एसडीएम कपूरथला डॉ. जयइंद्र सिंह ने जांच शुरू कर दी है। उधर, सैनिक स्कूल की वाइस प्रिंसिपल विंग कमांडर दीपिका रावत ने तुरंत संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच बिठा दी है।
मोंटी सहगल ने बताया कि जालंधर के अलावा पठानकोट के बच्चे के साथ भी ऐसा ही हुआ है। पीड़ित बच्चे ने बताया कि टीचर सीनियर छात्रों को मॉनिटर बना देते हैं और वह जूनियर के साथ अनुशासन के नाम पर अमानवीय व्यवहार करते हैं। यहां तक कि सीनियर उनसे होमवर्क करवाते और कपड़े तक धुलवाते हैं। मोंटी सहगल के अनुसार ऐसा अधिकतर छात्रों के साथ हो रहा है। उन्होंने बताया कि इसके पीछे स्कूल का एक टीचर है, जिसके इशारे पर ही सब कुछ हो रहा है। अभिभावक खुलकर इसलिए सामने नहीं आ रहे, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं उनके व उनके बच्चे के साथ कोई अनिष्ट न हो जाए।
एसडीएम कपूरथला डॉ. जयइंद्र सिंह ने कहा कि जालंधर निवासी अभिभावक की एक शिकायत मिली हैं। इस पर जांच शुरू कर दी गई है। इससे ज्यादा अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही वह पूरे तथ्यों के साथ जानकारी दे पाएंगे।
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मोंटी सहगल ने सीएम, व शिक्षामंत्री के नाम किया ट्वीट
समाजसेवी मोंटी सहगल ने सैनिक स्कूल में बच्चों की पिटाई वाली फोटो सीएम पंजाब भगवंत मान, शिक्षा मंत्री मीत हेयर समेत कई मीडिया हाउस के नाम पर ट्वीट करके एंटी रैगिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
‘आरोपी छात्र के खिलाफ लिया जाएगा सख्त एक्शन : वाइस प्रिंसिपल’
सैनिक स्कूल का मकसद बच्चों को आर्म्ड फोर्सेस के लिए रफ-टफ बनाना, अमानवीय व्यवहार के आरोप गलत
यदि लीपापोती ही करनी होती तो तुरंत जांच कमेटी क्यों बनाई जाती, अभिभावक सहयोग करें निष्पक्ष जांच होगी
सैनिक स्कूल की वाइस प्रिंसिपल दीपिका रावत ने कहा कि जूनियर छात्र की पिटाई के मामले का पता चलते ही उन्होंने तुरंत स्कूल स्टाफ की तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर निष्पक्ष जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दे दिए हैं। बच्चों ने जो बात अभिभावकों केे बताई है, पहले उन्हें (प्रबंधन) बतानी चाहिए थी। इससे तुरंत इस पर एक्शन लिया जाता। बात दो बच्चों की नहीं, बल्कि स्कूल के 600 बच्चों की सुरक्षा की है। उन्होंने कहा कि पीड़ित अभिभावक जांच में सहयोग करें। सीनियर छात्र आरोपी पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्कूल प्रबंधन की ओर से जांच भी बिल्कुल निष्पक्ष होगी, इसका भरोसा रखें। अनुशासन के नाम पर अमानवीय व्यवहार को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि वह खुद एक फौजी हैं। सैनिक स्कूल का मकसद बच्चों को तीनों सैन्य बल के लिए रफ-टफ हालात से निपटने के योग्य बनाना है, जोकि स्कूल के शेड्यूल के अनुसार होता है। प्रबंधन ने पहले भी कई मामलों में छात्रों को सस्पेंड व स्कूल से निकाला है। इस मामले में भी यदि आरोपी छात्र दोषी पाया जाता है तो उसे सजा के तौर पर स्कूल से निकाला जाएगा।
सैनिक स्कूल की वाइस प्रिंसिपल विंग कमांडर दीपिका रावत ने कहा कि कुछ लोग सैनिक स्कूल की छवि को धूमिल करने के मकसद से इस मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं और बेबुनियाद व झूठे आरोप लगा रहे हैं। जबकि ये आरोप हकीकत से परे हैं। सीनियर छात्रों की ओर से होमवर्क करवाने व कपड़े धुलवाने जैसे आरोप गलत हैं। सैनिक स्कूल का एक एडमिनिस्ट्रेशन है और हर कक्षा सीसीटीवी की निगरानी में है। ऐसी गतिविधियों की कोई गुुंजाइश नहीं है।
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मोंटी सहगल ने बताया कि जालंधर के अलावा पठानकोट के बच्चे के साथ भी ऐसा ही हुआ है। पीड़ित बच्चे ने बताया कि टीचर सीनियर छात्रों को मॉनिटर बना देते हैं और वह जूनियर के साथ अनुशासन के नाम पर अमानवीय व्यवहार करते हैं। यहां तक कि सीनियर उनसे होमवर्क करवाते और कपड़े तक धुलवाते हैं। मोंटी सहगल के अनुसार ऐसा अधिकतर छात्रों के साथ हो रहा है। उन्होंने बताया कि इसके पीछे स्कूल का एक टीचर है, जिसके इशारे पर ही सब कुछ हो रहा है। अभिभावक खुलकर इसलिए सामने नहीं आ रहे, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं उनके व उनके बच्चे के साथ कोई अनिष्ट न हो जाए।
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एसडीएम कपूरथला डॉ. जयइंद्र सिंह ने कहा कि जालंधर निवासी अभिभावक की एक शिकायत मिली हैं। इस पर जांच शुरू कर दी गई है। इससे ज्यादा अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही वह पूरे तथ्यों के साथ जानकारी दे पाएंगे।
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मोंटी सहगल ने सीएम, व शिक्षामंत्री के नाम किया ट्वीट
समाजसेवी मोंटी सहगल ने सैनिक स्कूल में बच्चों की पिटाई वाली फोटो सीएम पंजाब भगवंत मान, शिक्षा मंत्री मीत हेयर समेत कई मीडिया हाउस के नाम पर ट्वीट करके एंटी रैगिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
‘आरोपी छात्र के खिलाफ लिया जाएगा सख्त एक्शन : वाइस प्रिंसिपल’
सैनिक स्कूल का मकसद बच्चों को आर्म्ड फोर्सेस के लिए रफ-टफ बनाना, अमानवीय व्यवहार के आरोप गलत
यदि लीपापोती ही करनी होती तो तुरंत जांच कमेटी क्यों बनाई जाती, अभिभावक सहयोग करें निष्पक्ष जांच होगी
सैनिक स्कूल की वाइस प्रिंसिपल दीपिका रावत ने कहा कि जूनियर छात्र की पिटाई के मामले का पता चलते ही उन्होंने तुरंत स्कूल स्टाफ की तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर निष्पक्ष जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दे दिए हैं। बच्चों ने जो बात अभिभावकों केे बताई है, पहले उन्हें (प्रबंधन) बतानी चाहिए थी। इससे तुरंत इस पर एक्शन लिया जाता। बात दो बच्चों की नहीं, बल्कि स्कूल के 600 बच्चों की सुरक्षा की है। उन्होंने कहा कि पीड़ित अभिभावक जांच में सहयोग करें। सीनियर छात्र आरोपी पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्कूल प्रबंधन की ओर से जांच भी बिल्कुल निष्पक्ष होगी, इसका भरोसा रखें। अनुशासन के नाम पर अमानवीय व्यवहार को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि वह खुद एक फौजी हैं। सैनिक स्कूल का मकसद बच्चों को तीनों सैन्य बल के लिए रफ-टफ हालात से निपटने के योग्य बनाना है, जोकि स्कूल के शेड्यूल के अनुसार होता है। प्रबंधन ने पहले भी कई मामलों में छात्रों को सस्पेंड व स्कूल से निकाला है। इस मामले में भी यदि आरोपी छात्र दोषी पाया जाता है तो उसे सजा के तौर पर स्कूल से निकाला जाएगा।
सैनिक स्कूल की वाइस प्रिंसिपल विंग कमांडर दीपिका रावत ने कहा कि कुछ लोग सैनिक स्कूल की छवि को धूमिल करने के मकसद से इस मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं और बेबुनियाद व झूठे आरोप लगा रहे हैं। जबकि ये आरोप हकीकत से परे हैं। सीनियर छात्रों की ओर से होमवर्क करवाने व कपड़े धुलवाने जैसे आरोप गलत हैं। सैनिक स्कूल का एक एडमिनिस्ट्रेशन है और हर कक्षा सीसीटीवी की निगरानी में है। ऐसी गतिविधियों की कोई गुुंजाइश नहीं है।