मोगा: अमेरिका की नागरिकता पाने की चाहते में बने अपराधी...फहराया था 'खालिस्तानी झंडा'
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15 अगस्त को मोगा के प्रबंधकीय कांप्लेक्स में 'खालिस्तानी झंडा' लगाने की पहली घटना के आरोपियों ने अमेरिका में पीआर मिलने के लालच में यह अपराध किया था। मामले में आरोपी इंद्रजीत सिंह, उसके दोस्त जसपाल और आकाशदीप सिंह निवासी गांव साधुवाला (फिरोजपुर) गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस केस में जहां यूएपीए एक्ट लगने से तीनों का भविष्य खराब हो गया है, वहीं पंजाब पुलिस में एसआई चमकौर सिंह के बेटे आरोपी जसपाल सिंह की मंगेतर ने भी उससे रिश्ता तोड़ दिया है।
वहीं मोगा पुलिस ने आतंकी पन्नू के करीबी पक्खोवाल निवासी जगनप्रीत सिंह जग्गा को मंगलवार शाम को आरोपियों को पनाह देने के आरोप में नामजद कर गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, सिख फॉर जस्टिस के कानूनी सलाहकार आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के करीबी जगतप्रीत सिंह जग्गा निवासी पक्खोवाल (लुधियाना) ने ही मामा के बेटे इंद्रजीत सिंह निवासी रौली और उसके दोस्त जसपाल सिंह को उकसाया था कि वह मोगा में प्रबंधकीय कांप्लेक्स पर 'खालिस्तान का झंडा' लगाए।
इसके एवज में इंद्रजीत और जसपाल को पहले 267 डॉलर भी दिए गए। सूत्रों के अनुसार इंद्रजीत और जसपाल को लालच दिया गया था कि वारदात को अंजाम देने के बाद उन्हें भारत से पाकिस्तान के जरिए अमेरिका भेज दिया जाएगा और वहां पर आतंकी पन्नू की मदद से पीआर भी दिलाई जाएगी। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी कि अब तक वह पंजाब में कितने युवाओं को लालच देकर बहका चुका है। हालांकि आला अधिकारी इस बारे में कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दे रहे हैं।