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राज्य में नहीं हो रहा विकास: बाजवा
Jalandhar
Updated Mon, 15 Jul 2013 05:32 AM IST
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जालंधर। पंजाब सरकार प्रत्येक कदम पर फेल हो चुकी है। राज्य में न तो विकास हो रहा है और न ही चुनाव के दौरान किए गए वादे ही पूरे किए गए हैं। यह आरोप पंजाब कांग्रेस कमेटी के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने लगाए। वह करतारपुर में दलजीत सिंह आहलुवालिया के यहां निजी कार्य से आए हुए थे।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान श्री बाजवा ने कहा कि सरकार बने एक साल हो चुका है, लेकिन राज्य सरकार ने चुनाव घोषणा पत्र का एक भी वादा पूरा नहीं किया है। राज्य की गठबंधन सरकार ने अपने पिछले शासनकाल के दौरान लोगों को आशियाना देने की जो बात की थी, उस पर भी अभी तक मोहर नहीं लग पाई है। राज्य सरकार इसके उलट अब खुद लोगों को बेघर करने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध कालोनियों पर जो टैक्स लगाया है, उसका लाभ खजाने को कम होगा।
बाजवा ने सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि छोटे बादल ने जो 25 साल राज करने का दावा किया था, वह पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। सरकार का दूसरा शासनकाल शुरू होने के साथ ही राज्य के प्रत्येक हिस्से में धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं। इससे साफ है कि राज्य सरकार से लोग दुखी हैं। प्रत्येक वर्ग दो वक्त की रोटी के लिए भी भटक रहा है। सरकार की लापरवाही के कारण इस समय खजाने की हालत बेहद खराब हो चुकी है। यही कारण है कि विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाली पेंशन तो दूर कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल रहा। यह हालात अकाली दल ने पैदा किए हैं। गत शासनकाल के दौरान अकाली दल को उम्मीद नहीं थी कि वह फिर से सता में आएंगे। इसलिए उन्होंने खजाना खाली कर दिया था। इसका नुकसान उन्हें अब उठाना पड़ रहा है। अभी राज्य की वार्षिक आमदनी 30 हजार करोड़ रुपये, जबकि खर्च 42 हजार करोड़ रुपये है। प्रत्येक वर्ष 12 हजार करोड़ रुपये के पड़ने वाले इस बोझ को उतारने के लिए राज्य सरकार ने ही अवैध कॉलोनियों पर टैक्स लगाने का फैसला किया है।
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उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में खजाना भरना चाहती है, तो अवैध कॉलोनियों पर टैक्स लगाने की बजाए, भविष्य में बनने वाली अवैध कॉलोनियों को सख्ती से रोके। पिछले कुछ समय में जो अवैध कॉलोनियां बनी हैं, वह भी नगर निगम और पुड्डा की मिली भगत की महरबानी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कॉलोनियों के कटने के दौरान सुखबीर बादल आफिसरशाही से अपना हिस्सा लेते रहे हैं, जिसकी कीमत उन्हें आगामी लोकसभा चुनाव में चुकानी पड़ेगी। इस दौरान उनके साथ कई कांग्रेसी नेता मौजूद थे।
बॉक्स
पीड़ित परिवार को मिले 10 लाख का मुआवजा
तरनतारन में बेरोजगार लाइनमैन सरबजीत सिंह द्वारा आत्महत्या किए जाने पर प्रताप सिंह बाजवा ने गहरा दु:ख जाहिर किया है। उन्होंने उसकी मौत का जिम्मेदार अकाली-भाजपा सरकार बताया है। विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार मुहैया करवाती, तो ऐसी स्थिति नहीं आती। उन्होंने कहा कि पिछले माह भी एक बेरोजगार युवक आत्महत्या कर ली थी। हरसिमरत कौर बादल के हलके बठिंडा में वेटरनरी फार्मासिस्ट जसविंदर सिंह ने ऐसे ही हालातों में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को दल लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए।
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पत्रकारों से बातचीत के दौरान श्री बाजवा ने कहा कि सरकार बने एक साल हो चुका है, लेकिन राज्य सरकार ने चुनाव घोषणा पत्र का एक भी वादा पूरा नहीं किया है। राज्य की गठबंधन सरकार ने अपने पिछले शासनकाल के दौरान लोगों को आशियाना देने की जो बात की थी, उस पर भी अभी तक मोहर नहीं लग पाई है। राज्य सरकार इसके उलट अब खुद लोगों को बेघर करने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध कालोनियों पर जो टैक्स लगाया है, उसका लाभ खजाने को कम होगा।
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बाजवा ने सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि छोटे बादल ने जो 25 साल राज करने का दावा किया था, वह पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। सरकार का दूसरा शासनकाल शुरू होने के साथ ही राज्य के प्रत्येक हिस्से में धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं। इससे साफ है कि राज्य सरकार से लोग दुखी हैं। प्रत्येक वर्ग दो वक्त की रोटी के लिए भी भटक रहा है। सरकार की लापरवाही के कारण इस समय खजाने की हालत बेहद खराब हो चुकी है। यही कारण है कि विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाली पेंशन तो दूर कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल रहा। यह हालात अकाली दल ने पैदा किए हैं। गत शासनकाल के दौरान अकाली दल को उम्मीद नहीं थी कि वह फिर से सता में आएंगे। इसलिए उन्होंने खजाना खाली कर दिया था। इसका नुकसान उन्हें अब उठाना पड़ रहा है। अभी राज्य की वार्षिक आमदनी 30 हजार करोड़ रुपये, जबकि खर्च 42 हजार करोड़ रुपये है। प्रत्येक वर्ष 12 हजार करोड़ रुपये के पड़ने वाले इस बोझ को उतारने के लिए राज्य सरकार ने ही अवैध कॉलोनियों पर टैक्स लगाने का फैसला किया है।
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उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में खजाना भरना चाहती है, तो अवैध कॉलोनियों पर टैक्स लगाने की बजाए, भविष्य में बनने वाली अवैध कॉलोनियों को सख्ती से रोके। पिछले कुछ समय में जो अवैध कॉलोनियां बनी हैं, वह भी नगर निगम और पुड्डा की मिली भगत की महरबानी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कॉलोनियों के कटने के दौरान सुखबीर बादल आफिसरशाही से अपना हिस्सा लेते रहे हैं, जिसकी कीमत उन्हें आगामी लोकसभा चुनाव में चुकानी पड़ेगी। इस दौरान उनके साथ कई कांग्रेसी नेता मौजूद थे।
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पीड़ित परिवार को मिले 10 लाख का मुआवजा
तरनतारन में बेरोजगार लाइनमैन सरबजीत सिंह द्वारा आत्महत्या किए जाने पर प्रताप सिंह बाजवा ने गहरा दु:ख जाहिर किया है। उन्होंने उसकी मौत का जिम्मेदार अकाली-भाजपा सरकार बताया है। विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार मुहैया करवाती, तो ऐसी स्थिति नहीं आती। उन्होंने कहा कि पिछले माह भी एक बेरोजगार युवक आत्महत्या कर ली थी। हरसिमरत कौर बादल के हलके बठिंडा में वेटरनरी फार्मासिस्ट जसविंदर सिंह ने ऐसे ही हालातों में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को दल लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए।