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लंबित मांगों को लेकर बीएसएनएल कर्मियों की हड़ताल शुरु
Updated Tue, 12 Dec 2017 10:39 PM IST
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बीएसएनएल कर्मियों की हड़ताल
केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
बीएसएनएल कर्मियों ने लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। इसके पहले दिन कर्मचारियों ने कामकाज ठप करते दफ्तर में प्र्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
ब्रांच अध्यक्ष सुभाष चंद्र ने कहा कि सरकार की गलतियों का खामियाजा बीएसएनएल कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। कर्मियों की वेतन आयोग की रिपोर्ट 2007 में मिली थी। अब यह एक जनवरी 2017 से लंबित है। सरकार गलत शर्त लगाकर इसे लागू करने में आनाकानी कर रही है। बीते तीन साल से बीएसएनएल फायदे में चल रही है। फिर भी सरकार अपनी गलत नीतियों से इसे फेल करने पर तुली हुई है।
बीएसएनएल के पास चार लाख 42 हजार में से 66 हजार टावर हैं। इसके दम पर बीएसएनएल का नेटवर्क सबसे अच्छा है और बढ़िया काम कर रहा है। इससे ही विभाग को रेवन्यू मिलता है। वहीं सरकार इस कमाई वाले हिस्से को अलग से कंपनी बनाकर बीएसएनएल को कमजोर करना चाहती है। इसे कर्मचारी किसी भी कीमत पर होने नहीं देंगे। इस दौरान दुर्गा प्रसाद, राम उदय, जगदीश कुमार, दर्शन सिंह, गुरदेव सिंह, अश्वनी कुमार, रामराज, शिवलाल, दिपंजय कुमार, सुरिंदर कुमार, मोहिंदर सिंह, अजय कुमार, खुशकरन, सुरेश कुमार, प्रेम कुमार और सतपाल भी मौजूद थे।
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केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
बीएसएनएल कर्मियों ने लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। इसके पहले दिन कर्मचारियों ने कामकाज ठप करते दफ्तर में प्र्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
ब्रांच अध्यक्ष सुभाष चंद्र ने कहा कि सरकार की गलतियों का खामियाजा बीएसएनएल कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। कर्मियों की वेतन आयोग की रिपोर्ट 2007 में मिली थी। अब यह एक जनवरी 2017 से लंबित है। सरकार गलत शर्त लगाकर इसे लागू करने में आनाकानी कर रही है। बीते तीन साल से बीएसएनएल फायदे में चल रही है। फिर भी सरकार अपनी गलत नीतियों से इसे फेल करने पर तुली हुई है।
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बीएसएनएल के पास चार लाख 42 हजार में से 66 हजार टावर हैं। इसके दम पर बीएसएनएल का नेटवर्क सबसे अच्छा है और बढ़िया काम कर रहा है। इससे ही विभाग को रेवन्यू मिलता है। वहीं सरकार इस कमाई वाले हिस्से को अलग से कंपनी बनाकर बीएसएनएल को कमजोर करना चाहती है। इसे कर्मचारी किसी भी कीमत पर होने नहीं देंगे। इस दौरान दुर्गा प्रसाद, राम उदय, जगदीश कुमार, दर्शन सिंह, गुरदेव सिंह, अश्वनी कुमार, रामराज, शिवलाल, दिपंजय कुमार, सुरिंदर कुमार, मोहिंदर सिंह, अजय कुमार, खुशकरन, सुरेश कुमार, प्रेम कुमार और सतपाल भी मौजूद थे।
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